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हर कैटेगरी में फिसड्डी, कैसे मिलेगा सेवन स्टार का तमगा!

भास्कर न्यूज | मदनगंज-किशनगढ़ स्वच्छ सर्वे में इस बार का लक्ष्य ‘गार्बेज फ्री सिटी’ रखा गया है। जिसे 7 स्टार...

Danik Bhaskar | Jul 01, 2018, 04:50 AM IST
भास्कर न्यूज | मदनगंज-किशनगढ़

स्वच्छ सर्वे में इस बार का लक्ष्य ‘गार्बेज फ्री सिटी’ रखा गया है। जिसे 7 स्टार मिलेंगे उसे गार्बेज फ्री सिटी का तमगा दिया जाएगा। इस लिहाज से किशनगढ़ को तमगा मिलना तो दूर इस कैटेगरी में शामिल होना भी दूभर नजर आ रहा है। सेवन स्टार सिटी को लेकर जारी की गई गाइडलाइन के अनुसार जो मैथड इस सर्वे में शामिल हुए हैं, उनमें कई सुविधाएं शहर में न तो उपलब्ध हैं और इसकी संभावना भी बहुत दूर है। गार्बेज फ्री सिटी के लिए हर कैटेगरी में हर स्टेज पर एक से लेकर सात स्टार तक दिए जाने का प्रावधान है। जिस शहर को सभी कैटेगरी में 7 स्टार मिलेंगे उसे ‘गार्बेज फ्री सिटी’ का तमगा मिलेगा। ऐसे में हमारा किशनगढ़ दूर दूर तक नहीं अड़ता और न इसे लेकर परिषद प्रशासन ही मुस्तैद नजर आ रहा है। क्योंकि नगर परिषद को लेकर जो कार्य किए जा रहे है वे भी आधे अधूरे है। डोर टू डोर कचरा का उठाव नियमित नहीं, जगह जगह कचरा पड़ा हुआ है। अभी तक गीला व सूखा कचरा डालने के लिए नहीं लगवाए डस्टविन, डंपिग यार्ड बस नाम का, रिसाइकिल की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में कैसे मिलेगा सेवन स्टार।

गत सर्वे की स्थिति

पिछले सर्वे में भी किशनगढ़ का प्रदर्शन निराशाजनक ही रहा है। पहले 419 वां स्थान था इस बार 352 वां स्थान आया है। इस बार कहने को सुधार हुआ है। 67 स्थान का सुधार हुआ है। इतनी व्यवस्थाओं के बावजूद भी परिषद क्षेत्र में हर ओर कचरा पसरा हुआ है। कच्ची बस्ती क्षेत्र के हालात खराब है। किशनगढ़ क्षेत्र के सभी तालाब गंदगी से अटे पड़े है। बरसाती नालों की सफाई नहीं हुई है। पानी खराब हो रखा है। घरों से ही कचरा सेग्रीगेशन पर कोई काम नहीं किया जा रहा है।

डोर टू डोर कचरा का उठाव नियमित नहीं, जगह जगह पड़ा कचरा, अभी तक गीला व सूखा कचरा डालने के लिए नहीं लगवाए डस्टबिन, रिसाइकिल की व्यवस्था नहीं है

किशनगढ. नगर परिषद में खड़े डोर टू डोर कचरा परिवहन करने वाले टेम्पो। इसमे कोई पार्टिशन नहीं है, एक में ही सूखा व गीला कचरा जाता है।

हर काम के लिए तय की रेटिंग- शहर को सुविधाएं देने में नगर परिषद की रुचि नहीं

डोर टू डोर कलेक्शन

रेटिंग - 60 % पर एक स्टार, 80 % पर दो स्टार और 100 % पर तीन स्टार

दावा - सभी घरों से कचरा डोर टू डोर कलेक्शन हो रहा है।

हकीकत - शहर की बीस से अधिक कॉलोनियों में कचरा कलेक्शन नियमित नहीं है।

सेग्रीगेशन एट सोर्स

रेटिंग - 25% पर एक, 50% पर दो, 80% पर तीन स्टार, 100 प्रतिशत पर चार स्टार।

दावा- डोर टू डोर कलेक्शन के साथ ही सूखा और गीला कचरा अलग-अलग किया जा रहा है।

हकीकत- कचरा कलेक्शन गाड़ियों में सूखे और गीले कचरे के कलेक्शन के लिए अलग अलग सेक्शन ही नहीं हैं। गाडियों में दोनों कचरा डाला जाता है। एक ही गाड़ी में ले जा रहे गीला-सूखा कचरा।

रैंकिंग में सुधार आया है इस बार


कचरे को रिसाइकल करना

शहर के अधिकतम 5 किमी की परिधि में सूखे कूड़े के संग्रहण, सेरोगेशन, री साइकलिंग, खाद बनाने और बिक्री की सुविधा (एमआरएफ) के लिए स्थान चिह्नित करने पर दो स्टार और क्रियाशील होने पर 7 स्टार रेटिंग दी जाएगी।

हकीकत- शहर में कचरे को रिसाइकल करने की सुविधा ही नहीं। नगर परिषद डंपिंग यार्ड बस नाम का है। इसे सही तरह से विकसित ही नहीं किया गया है।

सार्वजनिक स्थानों पर हरे-नीले कूड़ेदान

50-100 मीटर के दायरे में हरे और नीले कूड़ेदान 100% उपलब्ध होने पर 7 स्टार मिलेंगे।

हकीकत- किसी भी सार्वजनिक स्थान पर यह सुविधा है ही नहीं और न ही परिषद यह कूड़ेदान लगाए हैं। इसलिए एक स्टार भी नहीं।

कचरे का उठाव

सभी मुख्य स्थानों पर कचरे के भंडारण के लिए डस्ट बीन की व्यवस्था हो या पूरे कचरे को सीधा रीसाइकिल सेंटर पर ले जाने की व्यवस्था हो।

हकीकत- सभी ट्रांसफर स्टेशन पर कचरा बिखरा रहता है। कचरा उठाव को लेकर कोई कारगर व्यवस्था नहीं।

परिषद के पास नहीं है विजन