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गंभीर बीमारी से जूझते जवान के लिए स्टाफ ने जुटाए एक दिन में 15 लाख

भास्कर न्यूज | मदनगंज-किशनगढ़ अजमेर जिला पुलिस अपने जवान को बचाने के लिए हरसंभव मदद कर रही है। जवान के ऑपरेशन के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 03, 2018, 04:50 AM IST

गंभीर बीमारी से जूझते जवान के लिए स्टाफ ने जुटाए एक दिन में 15 लाख
भास्कर न्यूज | मदनगंज-किशनगढ़

अजमेर जिला पुलिस अपने जवान को बचाने के लिए हरसंभव मदद कर रही है। जवान के ऑपरेशन के लिए लाखों का खर्च उठाने के लिए पुलिस विभिन्न माध्यमों से भामाशाह और सभी थानों के साथी पुलिसकर्मियों से सहयोग मांग रही है। पुलिस का ये प्रयास सफल भी रहा और अब तक करीब बीस लाख रुपए तक इलाज के लिए एकत्रित कर दिए। प्रत्येक पुलिसकर्मी अपनी तरफ से एक हजार से दो हजार रुपए इलाज के लिए सहयोग राशि दे रहा है।

जानकारी के अनुसार अपने साथी के जीवन को बचाने के लिए संभवत: यह पहला मामला सामने आया है। इसमें अजमेर सहित कई जिलों के पुलिसकर्मी अपने साथी की मदद के लिए सोशल साइट्स के जरिये सहयोग कर रहे हैं। अजमेर के गंज थाने में तैनात कांस्टेबल जाेधपुर के कानासर निवासी सागरराम विश्नोई पिछले पांच दिनों से जिंदगी की जंग लड़ रहा है। 27 जून को अचानक सागरराम की तबीयत खराब हुई। उसे अजमेर जेएलएन अस्पताल भर्ती कराया गया तो सामने अाया कि विश्नोई हैपेटाइटिस बी की गंभीर बीमारी से पीड़ित है। उसका लीवर दस प्रतिशत ही काम कर रहा है। वहां से तुरंत सागरराम को जोधपुर रैफर कर दिया गया। लेकिन बीमारी गंभीर होने के कारण जोधपुर से दिल्ली रैफर किया गया। यह रकम विश्नोई के परिवार के लिए पहाड़ जैसी थी।

आगे आए साथी पुलिसकर्मी

सहयोग के सिलसिले की शुरुआत कुछ ऐसी हुई की एक दिन में ही 11 लाख रुपए नकद प्राप्त हुए। इस रकम से शनिवार देर रात को कांस्टेबल का पहला ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अब तक 15 लाख एकत्रित कर लिए।

भाई ने दिया लिवर का हिस्सा

कांस्टेबल सागरराम जब 7 साल के थे तब उनकी मां का देहांत हो गया था। उनके पिता कानासर गांव में ही खेती का काम करते हैं। सन 2015 में सागर की राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल पद पर नौकरी लग गई। उनके परिवार में पिता, प|ी, एक बेटी, दो छोटे भाई हैं। जिनके जिम्मेदारी वे उठा रहे हैं। इसी बीच बीमारी की सूचना ने परिवार को तोड़कर रख दिया। सागर के छोटे भाई कैलाश क्लॉक टॉवर थाने में तैनात है। जांच के बाद ट्रांसप्लांट के लिए लिवर मैच कर गया। कैलाश ने लिवर ट्रांसप्लांट के लिए अपने लिवर का हिस्सा दिया है।

कांस्टेबल के इलाज के लिए सभी थानों के पुलिसकर्मी सहयोग कर रहे हैं। इस तरह का प्रयास तारीफ के लायक है। राजेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक अजमेर

पुलिस अधिकारियों ने भी दिया सहयोग

जानकारी के अनुसार अभी उनकी स्थिति स्थिर है। अजमेर एसपी राजेंद्रसिंह, एएसपी देवेंद्र विश्नोई ने भामाशाहों व लोगों से अधिक से अधिक सहायता देने की अपील की है। इसके अलावा पुलिसकर्मियों ने अपनी बचत में से राशि जुटा रहे हैं। यह पैसा भी कम पड़ता दिखा तो लोगों ने सोशल साइटस के माध्यम से ग्रुप बना लोगों से स्वैच्छिक योगदान की अपील की। भामाशाहों को पीड़ा बताई तो वहां से भी मदद मिली। जब इतने सार्थक प्रयास हों तो परिणाम तो बेहतर आने ही थे। इसी का नतीजा रहा कि अब तक 15 लाख रुपए जुटा लिए गए। इसके अलावा अजमेर जिले के कोतवाली थाने के स्टाफ ने करीब 75 हजार, गंज थाने की ओर से करीब एक लाख 60 हजार, पुलिस लाइन, सहित किशनगढ़ सीओ सर्किल के छह थाने, पुष्कर, ब्यावर सहित अन्य जगह के थानों से सहयोग राशि एकत्रित की जा रही है। सोशल साइट के जरिये सभी से निवेदन किया जा रहा है। साथ ही सहयोग करने वाले पुलिसकर्मियों के नाम और सहयोग में दी गई राशि की सूची शेयर की जा रही है। ताकि दूसरे पुलिसकर्मी भी सहयोग के लिए आगे आए।

कांस्टेबल सागरराम।

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