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प्रॉपर्टी डीलर को धमकाने और फायरिंग कराने के मामले में चौधरी भी शामिल

भास्कर न्यूज| मदनगंज-किशनगढ़ भरतपुर पुलिस से मुठभेड़ के दौरान पकड़ा गया कुख्यात बदमाश वरुण चौधरी किशनगढ़ के...

Danik Bhaskar | Jul 22, 2018, 04:50 AM IST
भास्कर न्यूज| मदनगंज-किशनगढ़

भरतपुर पुलिस से मुठभेड़ के दौरान पकड़ा गया कुख्यात बदमाश वरुण चौधरी किशनगढ़ के प्रॉपर्टी डीलर प्रदीप चौधरी को धमकाने और फायरिंग के मामले में भी शामिल है। आरोपी ने फोन पर प्रदीप चौधरी को भी धमकियां दी थी। इसके अलावा उसकी रामस्वरूप उर्फ गजनी, दीपक मलिक से भी जेल में फोन पर बातचीत हो चुकी है। गजनी और वरुण एक ही गैंग के हैं। पुलिस ने प्रदीप चौधरी पर फायरिंग के मामले में वरुण को आरोपी बनाया है। पुलिस उससे प्रोडक्शन वारंट के जरिए पूछताछ करेगी। घटना के बाद से वरूण पुलिस की पहुंच से दूर था और शनिवार को भरतपुर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। प्रदीप चौधरी पर फायरिंग के मामले में यूपी के दोनों शार्प शूटर अब भी फरार है।

हमीर कॉलोनी में 9 अप्रैल की रात को भू-कारोबारी प्रदीप चौधरी के मकान पर फायरिंग की घटना हुई थी। वह लंबे समय से रामकेश मीणा हत्याकांड में शामिल रामस्वरूप गजनी जमीन के सौदे के एवज में पैसे मांग रहा था। गजनी का साथी वरुण चौधरी ने भी प्रदीप को फोन पर धमकी दी थी। इसके अलावा कई बार जेल में बंद गजनी और दीपक मलिक से वरुण ने मोबाइल पर बात की। वरुण और गजनी धर्मेंद्र चौधरी गैंग के लिए काम करते हैं। रामकेश हत्याकांड में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। रामकेश मीणा गैंग के सदस्य भी वरुण चौधरी की तलाश कर रहे हैं। वरुण ने फरारी के दौरान प्रदीप चौधरी को फोन कर फिरौती के लिए धमकाया। गांधीनगर थाना पुलिस के अनुसार वरुण की भी धमकाने और फायरिंग के मामले में भूमिका है। इसलिए वरुण को भी नामजद आरोपी बनाया गया है। गांधीनगर पुलिस जल्द ही वरुण को प्रोडक्शन वारंट के जरिये गिरफ्तार कर पूछताछ करेगी। प्रकरण में यूपी से आए दोनों शार्प शूटर अब भी फरार चल रहे है।


ये जमीन थी विवाद का कारण

पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ में गजनी ने अजमेर रोड फरासिया गांव के निकट स्थित 92 बीघा जमीन के सौदे को लेकर पैसे बाकी होना बताया है। गजनी भू कारोबारी प्रदीप चौधरी से पैसे मांगता है। ये वही जमीन है जिसको लेकर हिस्ट्रीशीटर धर्मेंद्र चौधरी और रामकेश मीणा के बीच विवाद चल रहा था। 2014 में जमीन को लेकर रामकेश मीणा ग्रुप के लोगों के बीच विवाद हुआ था। उस वक्त तत्कालीन मदनगंज थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया अौर करीब 10-15 लोगों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया था।