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दो दिन झाड़ू डाउन हड़ताल के बाद काम पर लौटे सफाई कर्मचारी

भास्कर न्यूज | मदनगंज-किशनगढ़ शहर में दो दिन की हड़ताल के बाद गुरुवार को सफाई कर्मियों ने सफाई कार्य शुरू कर दिया।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 08, 2018, 04:55 AM IST

दो दिन झाड़ू डाउन हड़ताल के बाद काम पर लौटे सफाई कर्मचारी
भास्कर न्यूज | मदनगंज-किशनगढ़

शहर में दो दिन की हड़ताल के बाद गुरुवार को सफाई कर्मियों ने सफाई कार्य शुरू कर दिया। इसके अलावा डोर टू डोर कचरा परिवहन भी शुरू हो गया। इससे पहले दो दिन से सफाई कर्मचारियों की झाड़ू डाउन हड़ताल से शहरवासियों की मुश्किलें बढ़ गई थी।

जानकारी के अनुसार नगर निकायों में सफाई कर्मचारियों की भर्ती में अन्य वर्गों को शामिल करने तथा लॉटरी पद्धति प्रक्रिया अपनाने के विरोध में मंगलवार से ही वाल्मीकि समाज ने सफाई नहीं की थी। नतीजतन, शहर के गली-मोहल्लों और मुख्य चौराहों पर कचरे के ढेर लग गए थे।

शहर में निर्धारित कचरा संग्रहण केंद्रों से भी कचरा नहीं उठाया गया। जगह-जगह पड़ी गंदगी की वजह से लोगों को वहां से गुजरना भी मुश्किल हो गया था। सफाई यूनियन के ओमप्रकाश लखन ने बताया कि राज्य व केन्द्र स्तर पर वार्ता के बाद संतोषजनक हल नहीं निकला। उच्च पदाधिकारियों ने तय किया कि मामला कोर्ट में ले जाएंगे और वहीं से सफाई सेवा का कार्य करते हुए न्याय लेंगे। उच्च पदाधिकारियों के आह्वान पर कर्मचारी वापस लौटे हैं।

सरकार की ओर से निकाली गई सफाई कर्मचारी भर्ती में नगर परिषद में 161 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए 964 आवेदन आए हैं। वाल्मीकि समाज का कहना है कि सामान्य आरक्षण के अलावा भर्ती प्रक्रिया सभी के लिए खुली रखी गई। जबकि यह कार्य परंपरागत रूप से वाल्मिकी समाज करता आ रहा है। इसके अलावा चयन का आधार भी इंटरव्यू की बजाय लाॅटरी को रखा गया। अन्य वर्गों के उच्च शिक्षित बेरोजगारों ने भी फार्म भर दिए है। यदि उनका चयन हुआ तो वे कौन से सही ढंग से सफाई कर पाएंगे। एवजी कर्मियों से कार्य करवाएंगे या नौकरी छोड़ देंगे, जिससे फिर पद रिक्त होंगे।

इसी भर्ती में अन्य वर्गों को शामिल करने और लॉटरी प्रक्रिया अपनाने पर वाल्मिकी समाज नाराज है। हालांकि, सरकार ने विरोध के बावजूद भर्ती प्रक्रिया में कोई संशोधन नहीं किया है। लेकिन, वाल्मीकि समाज के दो दिन के झाड़ू डाउन ने शहर की सफाई व्यवस्था को बिगाड़ दिया। यदि भविष्य में अनिश्चितकालीन झाड़ू डाउन आंदोलन हुआ तो हालात बिगड़ सकते हैं।

किशनगढ़. सफाईकर्मियों की दो दिन हड़ताल के बाद जगह-जगह लगे कचरे के ढेर उठाने का काम गुरुवार शाम से शुरू हुआ। इससे लोगों को राहत मिली।

नगर परिषद ने नहीं की वैकल्पिक व्यवस्था

वाल्मीकि समाज ने मंगलवार को झाडू डाउन आंदोलन की चेतावनी पखवाड़े भर पहले दी थी। इसके बावजूद नगर परिषद प्रशासन ने शहर में सफाई के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की, जिसकी वजह से शहर की सफाई व्यवस्था बिगड़ गई। दूसरे दिन तक शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे रहे। गुरुवार को सफाई होने से शहरवासियों को राहत मिली।

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