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पाइप लाइन डालने का काम रुकवाया तो सरपंच-ग्राम सेवक को दफ्तर में बंद किया

भास्कर न्यूज | मदनगंज-किशनगढ़ मालियों की बाड़ी पंचायत में गुरुवार को ग्रामीणों ने पंचायत कार्यालय पर ताला लगाकर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 06, 2018, 04:55 AM IST

पाइप लाइन डालने का काम रुकवाया तो सरपंच-ग्राम सेवक को दफ्तर में बंद किया
भास्कर न्यूज | मदनगंज-किशनगढ़

मालियों की बाड़ी पंचायत में गुरुवार को ग्रामीणों ने पंचायत कार्यालय पर ताला लगाकर सरपंच और ग्राम सेवक को बंद कर दिया। ग्रामीणों ने दो घंटे तक विरोध जताया। वे सरपंच द्वारा पुरुषोत्तम नगर में पानी की पाइप लाइन के लिए की जा रही खुदाई को रुकवाने का विरोध कर रहे थे। इससे पहले काम रुकने से खफा ग्रामीणों ने पंचायत कार्यालय में सरपंच व ग्राम सेवक का घेराव भी किया। उन्होंने आबादी भूमि के पट्‌टे नहीं बनाने और भ्रष्टाचार के भी आरोप लगाए। अंत में पुलिस की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ।

जानकारी के अनुसार मालियों की बाड़ी पंचायत में पिछले पिछले कुछ दिनों से जलदाय विभाग की ओर से पाइप लाइन डालने का काम चल रहा है। विभाग ने करीब 80 फीसदी क्षेत्र की खुदाई कर पाइप लाइन डाल दी। खुदाई के कार्य की पंचायत से अनुमति तक नहीं ली गई और सीसी ब्लॉक, सड़कों को खोद दिया। गुरुवार को पुरुषोत्तम नगर में खुदाई चल रही थी। इस पर सरपंच पप्पू सिंह रावत ने काम रुकवा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले क्षेत्र की पुरानी खोदी गई सड़कों की मरम्मत कराओ या हर्जाना दो। काम बंद होने की सूचना पुरुषोत्तम नगर के लोगों को चली। इस पर ग्रामीणों ने काम बंद होने का कारण पूछा तो ठेकेदार के कर्मचारियों ने सरपंच द्वारा काम रुकवाने की बात कही। इस पर नाराज लोग पंचायत कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने सरपंच व ग्राम सेवक के सामने काम बंद कराने पर नाराजगी जताई। सरपंच ने पहले खोदी गई सड़कों की मरम्मत कराने के बाद ही काम शुरू होने देने की बात कही।

पंचायत मालियों की बाड़ी का मामला, गुस्साए ग्रामीणों ने ताला लगाकर जताया विरोध, करीब दो घंटे चले हंगामे के बाद किशनगढ़ थाना पुलिस की समझाइश पर माने ग्रामीण, फिर शुरू हुआ काम

मदनगंज-किशनगढ़. मालियों की बाड़ी कार्यालय में गुरुवार को विरोध प्रदर्शन करती महिलाएं।

आक्रोशित ग्रामीणों ने किया विरोध, कार्यालय पर लगाया ताला

इससे गुस्साए ग्रामीणों ने नारेबाजी करना शुरू कर दिया। उन्होंने पंचायत कार्यालय में बैठे सरपंच पप्पूसिंह रावत और ग्राम सेवक घनश्याम को बंद कर ताला जड़ दिया। उनका कहना था कि जब तक काम शुरू नहीं होगा तब तक दोनों को बाहर नहीं आने दिया जाएगा। इधर घटना की सूचना मिलते ही किशनगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने ग्रामीणों से समझाइश की। इसके बाद ग्रामीणों ने ताला खोला। सरपंच और ग्रामसेवक ने काम शुरू कराने का आश्वासन दिया। ठेकेदार को मौके पर जेसीबी लेकर काम चालू कराने के लिए कहा गया। तब जाकर मामला शांत हुआ।

80 फीसदी सड़कें खोद दी तब तो कुछ नहीं कहा, अब काम बंद करा दिया

पंचायत समिति सदस्य ज्योति सैनी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने विरोध किया। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में करीब 80 फीसदी जलदाय विभाग की ओर से काम हो गया। सड़कें खोदकर पाइप लाइन डाल दी गई। जब सरपंच और ग्राम सेवक ने ऐतराज नहीं जताया। अब महज पांच-छह कॉलोनी में काम होना है लेकिन द्वेषतावश काम को रुकवा दिया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इतनी ही परेशानी थी तो पहले काम क्यों नहीं रुकवाया। पंचायत की ओर से किशनगढ़ थाने में जलदाय विभाग के अधिकारियों, ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज क्यों नहीं कराया गया। विरोध जताने वालों में ज्योति सैनी, शंकर अजमेरा, ओमप्रकाश अजमेरा, बाबूलाल छतरावला, मोठू, मदन अजमेरा, जगदीश अजमेरा, इंद्रा, कांता, कमला देवी, सीमा, गुड्‌डी, संपत्ति सहित अन्य लोग शामिल थे।

ग्रामीणों ने पट्‌टे नहीं देने और भ्रष्टाचार के भी लगाया आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत में उनके काम नहीं होते। गांव में अधिकांश लोगों के पट्‌टे बना दिए गए जिन्होंने पैसे दिए हैं। बाकी के पट्‌टे आज तक नहीं बन रहे हैं। आबादी भूमि में होने के बावजूद उनके आवेदनों में कमी निकालकर चारागाह की बताया जा रहा है। ऐसी करीब 42 फाइलें अटकी पड़ी हैं लेकिन बिना पैसे कोई काम नहीं किए जा रहे। पूरे कार्यालय में भ्रष्टाचार पनप रहा है। ग्रामीणों की ओर से किशनगढ़ थाने में मुकदमा भी दर्ज है।

असामाजिक तत्वों ने भड़का कर कराया विरोध

जलदाय विभाग की ओर से खुदाई काम काम चल रहा है। इसकी परमिशन उन्होंने पंचायत से नहीं ली है। हमें पूर्व में काम हुआ उसकी जानकारी नहीं थी। पांच दिन पूर्व ही पता चला कि ये सड़कों को बिना अनुमति के उखाड़ रहे हैं। इस पर 2 जुलाई को जलदाय विभाग के अफसरों को लेटर जारी कर दिया था। उसके बाद काम बंद करवा दिया। असामाजिक तत्वों ने ग्रामीणों को बरगला दिया कि अगर काम रुक गया तो 20 साल तक उनकी लाइन नहीं डलेगी। इस पर ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। जलदाय विभाग की ड्यूटी है कि वो खोदी गई सड़कों को फिर बनवाए। ठेकेदार ने क्षतिग्रस्त सड़कों को सुधारने का आश्वासन दिया है। पैसे लेकर पट्‌टे देने का आरोप झूठा है। ऐसा कोई मामला नहीं है। -पप्पूसिंह रावत, सरपंच, ग्राम पंचायत मालियों की बाड़ी

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