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कोचिंग के बहाने घर से निकली दोनों सहेलियां, 24 घंटे बाद मथुरा में मिलीं

भास्कर न्यूज | मदनगंज-किशनगढ़ शहर में मंगलवार दोपहर को परिजनों की डांट से खफा होकर 14 वर्षीय दो सहेलियां कोचिंग के...

Danik Bhaskar | Jul 12, 2018, 04:55 AM IST
भास्कर न्यूज | मदनगंज-किशनगढ़

शहर में मंगलवार दोपहर को परिजनों की डांट से खफा होकर 14 वर्षीय दो सहेलियां कोचिंग के बहाने घर से निकल गई और वापस नहीं लौटी। बच्चियों के घर नहीं लौटने पर परिजनों के होश उड़ गए। सोशल साइट्स के जरिये बच्चियों को ढूंढने की अपील की गई। देर रात को मदनगंज थाने में बच्चियों की गुमशुदगी दर्ज हुई लेकिन गुमशुदगी से पहले ही पुलिस ने टीमें रवाना कर दी। बच्चियों के पास मोबाइल फोन होने से पुलिस लोकेशन ट्रेस करती रही और बालिकाओं को 24 घंटे बाद बुधवार दोपहर को मथुरा में सकुशल ढूंढ निकाला। दोनों ही बालिकाएं धार्मिक स्थल घूमने के बहाने मथुरा पहुंच गई। बालिकाओं को पुलिस और परिजन साथ लेकर किशनगढ़ के लिए रवाना हो गए।

मदनगंज थाना पुलिस के अनुसार आजाद नगर निवासी खुशी (14) तथा आजाद नगर निवासी पलक (14) बुधवार दोपहर 3 बजे घर से ट्यूशन का नाम लेकर निकली थी। खुशी पलक को लेने उसके घर आई थी। उसके बाद दोनों कोचिंग पढ़ने के लिए निकल गए। लेकिन दाेनों कोचिंग सेंटर नहीं पहुंची। जब दोनों देर शाम तक अपने घर नहीं पहुंची तो दोनों के परिजनों को चिंता होने लगी। उन्होंने अपने परिचितों को फोन लगाए लेकिन दोनों बच्चियों की कोई जानकारी नहीं मिली। इस पर परिजनों ने कोचिंग सेंटर संपर्क किया तो पता चला कि दोनों कोचिंग पढ़ने आई ही नहीं। ये सुनते ही परिजनों की चिंता बढ़ गई। परिजनों ने रिश्तेदार, परिचितों से संपर्क कर बेटियों के बारे में जानकारी लेनी चाही लेकिन कहीं भी बच्चियां नहीं मिली। दोनों ही बच्चियों के गायब होने से परिजनों को ये अंदेेशा हो गया था कि दोनों साथ ही गई है। परिजनों ने मदनगंज थाने पहुंचकर देर रात 1 बजे गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। परिजनों ने पुलिस को घटना के बारे में जानकारी दी।

परिजनों ने किया भावुक, मां बीमार है तब जाकर मिली सफलता : परिजनों की डांट से खफा होकर निकली बालिकाएं मथुरा में मंदिरों में दर्शन करने चली गई। इससे पूर्व भी बालिकाएं मथुरा तीन-चार बार जा चुकी हैं। ऐसे में उन्हें मथुरा के बारे में जानकारी थी। बालिकाओं से पुलिस ने परिजनों के जरिये संपर्क साधा। दोनों से बात कर बताया गया कि उनकी मां बीमार है और अस्पताल में भर्ती है। इस तरह भावुक करने के बाद बच्चियां घर लौटने के लिए तैयार हो गई। दोपहर को पुलिस परिजनों के साथ मथुरा पहुंच गई और बालिकाओं को सकुशल हिफाजत से किशनगढ़ के लिए रवाना हो गई। बच्चियाें के सकुशल मिलने पर लोगों ने राहत की सांस ली।

आजाद नगर व शास्त्री नगर निवासी 14 वर्षीय दोनों सहेलियों बिना बताए घर से निकली थी, अजमेर और दिल्ली के बाद पहंुची मथुरा, पुलिस ने परिजनों की मदद से मथुरा में सकुशल ढूंढ निकाला

रिपोर्ट दर्ज होने से पहले ही रवाना हो गई पुलिस की टीम

मदनगंज थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह ने सीधे टीमों को रवाना कर दिया। रिपोर्ट देर रात को दर्ज हुई लेकिन सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें रवाना हो गई। रात को मदनगंज थाने में भारी संख्या में लोग जमा थे। हर कोई बच्चियों की सही सलामती की दुआ कर रहा था। बालिकाओं के परिजन भी पुलिस की टीमों के साथ रवाना हो गए। इधर सोशल साइट्स पर लोग बच्चियों काे ढूंढ लाने की अपील करते नजर आए। पूरे शहर में बच्चियों के लापता होने की चर्चा होती रही।

मोबाइल लोकेशन से चला पता, दिल्ली से यूपी पहुंच गई | पुलिस बालिकाओं के पास मौजूद मोबाइल नंबर के जरिये संपर्क में थी। बालिकाओं की कॉल नंबर के आधार पर उनकी लोकेश सर्च की जा रही थी। सबसे पहले बालिकाएं किशनगढ़ से बस में बैठकर अजमेर गई। वहां से अजमेर से ट्रेन में बैठकर दिल्ली चली गई। रातभर ट्रेन में बिताया। बच्चियां दिल्ली में रही। इधर मदनगंज थाना पुलिस लगातार दिल्ली पुलिस के संपर्क में थी। साथ ही रेवाड़ी जीआरपी से संपर्क किया। लेकिन जीआरपी वाले बच्ची को ढूंढ पाते तब तक ट्रेन रवाना हो चुकी थी। इसके बाद बालिकाएं दिल्ली से मथुरा पहुंच गई। वहां मथुरा में मंदिरों के दर्शन करने लगी। बच्चियों के पास दो हजार रुपए थे। इनमें से आधे से ज्यादा पैसा खर्च हो गए थे।