• Hindi News
  • Rajasthan News
  • Kishangarh News
  • ड्राइविंग स्कूल चलाने के लिए अब बदली पॉलिसी, ग्रेजुएट व्यक्ति ही चला सकेगा स्कूल
--Advertisement--

ड्राइविंग स्कूल चलाने के लिए अब बदली पॉलिसी, ग्रेजुएट व्यक्ति ही चला सकेगा स्कूल

भास्कर न्यूज| मदनगंज-किशनगढ़ अब ड्राइविंग स्कूल चलाना आसान नहीं है। अब तक बिना किसी नियम और सिस्टम के ड्राइविंग...

Dainik Bhaskar

Jul 23, 2018, 04:55 AM IST
ड्राइविंग स्कूल चलाने के लिए अब बदली पॉलिसी, ग्रेजुएट व्यक्ति ही चला सकेगा स्कूल
भास्कर न्यूज| मदनगंज-किशनगढ़

अब ड्राइविंग स्कूल चलाना आसान नहीं है। अब तक बिना किसी नियम और सिस्टम के ड्राइविंग स्कूलों का संचालन किया जा रहा था। अब अगर इसी ढर्रे पर स्कूल चली तो मान्यता निरस्त कर अवैध घोषित कर दी जाएगी। परिवहन विभाग के आयुक्त की ओर से ड्राइविंग स्कूल की नई पॉलिसी जारी कर दी है। इनमें अधिकतर नियमों में बदलाव कर नए जोड़ दिए गए है।

खास बात ये है कि अब तक 10वीं पास ड्राइविंग स्कूल चला लेता था, अब ग्रेजुएट ही स्कूल चला सकेगा। इतना ही नहीं ड्राइविंग स्कूल में रिसेप्शन, ऑफिस, क्लास रूम, चार्ट व मॉडल्स रूम और रिपेयरिंग वर्कशाॅप होना जरूरी है। यानी, इसके लिए कम से कम पांच रूम तो चाहिए ही। इसके अलावा संचालक या ट्रेनर के पास संबंधित डिप्लोमा होना चाहिए।

बताया जा रहा है कि यह गाइडलाइन इतनी सख्त है कि प्रदेश के ज्यादातर ड्राइविंग स्कूल बंद हो जाएंगे। विभाग के मुताबिक ड्राइविंग स्कूल नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। इस कारण वहां प्रशिक्षण लेने वालों को सही ट्रेनिंग नहीं मिल रही है, जबकि इनका उद्देश्य ही श्रेष्ठ ट्रेनिंग दी जाना है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी आ सके।

इन्हीं बातों को देखते हुए परिवहन उपायुक्त साल में एक और आरटीओ या डीटीओ दो बार हर ड्राइविंग स्कूल का निरीक्षण करें व गाइडलाइन का पालन करवाएं। उन्होंने कहा है कि अधिकारी निर्देशों का पालन नहीं करवाएंगे तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

नई गाइडलाइन में ये नए नियम जोड़े

वर्ष 2011 की गाइडलाइन में स्वागत कक्ष व कार्यालय को लेकर कोई नियम नहीं थे, अब 180 वर्ग फीट का होना जरूरी है। व्याख्यान कक्ष व चार्ट, मॉडल्स व उपकरण कक्ष भी अलग-अलग 300 वर्ग फीट के होने चाहिए। वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था में पहले कोई पॉलिसी नहीं थी, जिसे बदलकर अब प्रशिक्षण वाहनों की पार्किंग स्वयं की और किरायानामा व लीज न्यूनतम तीन वर्ष की होनी चाहिए। ट्रेनिंग सिम्यूलेटर में एक सिम्यूलेटर होना जरूरी है।

ड्राइविंग स्कूल में अब कंप्यूटर से जुड़ा पूरा सैटअप होना भी जरूरी





जिले में 15 स्कूल संचालित, सभी को जारी किए जाएंगे नोटिस

डीटीओ देवेंद्र आकोदिया ने बताया कि जिले में 15 ड्राइविंग स्कूल संचालित है। सभी को नोटिस देकर 30 सितंबर तक इस नई गाइडलाइन के अनुसार ड्राइविंग स्कूल का सैटअप तैयार करने के निर्देश जारी कर दिए है। किशनगढ़ उपखंड में दो ड्राइविंग स्कूल है। दोनों स्कूलों को भी नोटिस दिया जा रहा है। अगर वे इस नई पॉलिसी के अनुसार संचालन नहीं करेंगे तो लाइसेंस निरस्त हो जाएंगे।

X
ड्राइविंग स्कूल चलाने के लिए अब बदली पॉलिसी, ग्रेजुएट व्यक्ति ही चला सकेगा स्कूल
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..