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सावधान : आप तीसरी आंख की नजर में हैं हकीकत : हॉस्पिटल में तीसरी आंख है ही नहीं / सावधान : आप तीसरी आंख की नजर में हैं हकीकत : हॉस्पिटल में तीसरी आंख है ही नहीं

Kishangarh News - विकास टिंकर | मदनगंज-किशनगढ़ राजकीय यज्ञनारायण अस्पताल में प्रवेश करते ही दीवारों पर जगह-जगह देखने को मिलेगा...

Bhaskar News Network

Jul 10, 2018, 05:00 AM IST
सावधान : आप तीसरी आंख की नजर में हैं 
 हकीकत : हॉस्पिटल में तीसरी आंख है ही नहीं
विकास टिंकर | मदनगंज-किशनगढ़

राजकीय यज्ञनारायण अस्पताल में प्रवेश करते ही दीवारों पर जगह-जगह देखने को मिलेगा ‘सावधान- आप तीसरी आंख की नजर में है’। यानी आप पर कैमरे की नजर है लेकिन हकीकत ये है कि अस्पताल में तीसरी आंख है ही नहीं। अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे आज तक नहीं लगे लेकिन अस्पताल प्रशासन ने दीवारों पर चेतावनी के संदेश पुतवा दिए। ये संदेश मरीजों को भ्रमित कर रहे हैं।

अस्पताल में पिछले पांच सालों से सीसीटीवी कैमरे लगवाने की मांग की जा रही थी। पांच साल में सामान चोरी होने से लेकर जेब काटने, मोबाइल चोरी होने जैसी कईं घटनाएं सामने हो चुकी है। इसके बावजूद कैमरे नहीं लगाए गए। यहां तक की एमआरएस की बैठक में भी कैमरे लगाने का मुद्दा उठ गया। विधायक ने भी कैमरे लगाने के निर्देश दिए लेकिन अब तक कैमरे नहीं लगे। लेकिन अस्पताल प्रशासन ने दीवारों पर कैमरे की चेतावनी को पुतवा दिया। हकीकत में पूरे अस्पताल में एक भी कैमरा नहीं है। जबकि उपखंड का सबसे बड़ा अस्पताल होने के कारण रोजाना हजारों की तादाद में मरीज आते है। मरीज के परिजन भी आते है। ऐसे में सीसीटीवी कैमरा होना बेहद आवश्यक है। इस संबंध में भास्कर ने पीएमओ डाॅ. नरेश मित्तल से संपर्क करना चाहा लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

शिशु वार्ड के बाहर दीवारों पर पुते हैं संदेश, खुद एसडीएम भी हैरान रह गए थे

नर्स की चेन टूटने से लेकर अब तक कई घटनाएं | अस्पताल में स्टाफ से लेकर मरीजों, उनके परिजनों के सामान चोरी होने की कई घटनाएं हो चुकी है। 16 जून को ईद के दिन नर्स जरीना कक्ष नंबर 22 में ड्यूटी दे रही थी। ड्यूटी के दौरान तीन चार युवक मरीजों की भीड़ में आए। भीड़ का फायदा उठाकर नर्स के गले पर झपट्‌टा मारकर चेन तोड़ ली। नर्स ने पीएमओ को शिकायत भी कराई थी। इसी तरह पूर्व में मरीजों और उनके परिजनों के सामान चोरी होने की घटनाएं हो चुकी है। तीन बार आउटडोर में पर्ची काउंटर से मरीज की जेब काटते हुए लोगों ने रंगेहाथों पकड़ा था। वर्ष 2015 में अस्पताल परिसर से महिला के गहने पार हुए थे।

एक चौकीदार के भरोसे अस्पताल

अस्पताल में मरीजों की भीड़ हमेशा रहती है। इतने बड़े अस्पताल में महज एक चौकीदार है। गायनिक वार्ड में कोई भी आकर चला जाए कोई रोकने टोकने वाला नहीं है। ऐसे में अस्पताल में अब तक सामान चोरी होने की घटनाएं हो चुकी है। बच्चा चोरी हो जाए तो किसी को पता नहीं चलेगा। ऐसे में सीसीटीवी कैमरे लगे हो तो अपराध को रिकॉर्ड तो किया जा सकता है।

विधायक ने जताई थी नाराजगी

अस्पताल में 2016, 2017 और 2018 में हुई एमआरएस की बैठक में सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग उठी थी। वर्ष 2016 में विधायक ने सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए बैठक में कहा था। उसकी क्रियान्विति वर्ष 2017 में लेनी थी। दूसरी एमआरएस की बैठक में पता चला कि सीसीटीवी कैमरे ही नहीं लगे। इस पर विधायक ने नाराजगी जताई थी। ये कैमरे अब तक नहीं लगे हैं।


अस्पताल में शिशु वार्ड में गैलेरी में जगह-जगह भ्रमित करने वाले कैमरे के संदेश लिखे हुए हैं। जबकि एक भी कैमरा नहीं लगा है। तात्कालिक एसडीएम अशोक कुमार के अस्पताल में निरीक्षण के दौरान वे खुद कैमरे के संदेश को देखकर चौंक गए। उन्होंने हैरानी से पूछा था कि अस्पताल में कैमरे लग गए। लेकिन अस्पताल प्रशासन ने जल्द ही कैमरे लगने की बात कही थी। लेकिन आज तक कैमरे नहीं लगाए गए।

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