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हड़ताल खत्म होने से खिले चेहरे, लौटी रौनक, हाइवे पर दौड़ेे ट्रक

भास्कर न्यूज| मदनगंज-किशनगढ़ ट्रक ऑपरेटर्स की देशव्यापी हड़ताल खत्म होने के बाद नौवें दिन शनिवार से सड़कों पर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 29, 2018, 05:00 AM IST

हड़ताल खत्म होने से खिले चेहरे, लौटी रौनक, हाइवे पर दौड़ेे ट्रक
भास्कर न्यूज| मदनगंज-किशनगढ़

ट्रक ऑपरेटर्स की देशव्यापी हड़ताल खत्म होने के बाद नौवें दिन शनिवार से सड़कों पर ट्रक दौड़ते नजर आए। देर रात हड़ताल टूटने के बाद सुबह से ही ट्रक लोड होना शुरू हुए। आठ दिन से ठप पड़ा मार्बल एरिया फिर से रौनक नजर आए। मार्बल एरिया में चहलपहल के साथ ही व्यापारियों से लेकर मजदूरों के चेहरे खिले नजर आए। इससे हजारों मजदूरों को फिर से रोजगार मिलेगा। पहले की तरह लोडिंग, अनलोडिंग का कार्य शुरू हो गया। हालांकि बाजार में पहले जैसा उठाव नजर नहीं आया।

जानकारी के अनुसार शहर में प्रतिदिन 10 करोड़ का व्यापार होता है। वहीं शनिवार को महज 4 करोड़ का कारोबार हुआ। कारोबार सामान्य होने में अभी दो से तीन दिन और लगेंगे। हाइवे पर पहले दिन महज 40 फीसदी ट्रक ही नजर आए। इसका कारण लगातार आठ दिन से हड़ताल के कारण माल का ऑर्डर मिलने और पेंडिंग कार्य को शुरू करने में लगने वाला वक्त भी है। सुनसान पड़े जीवीके टोल पर ट्रकाें और भारी वाहनों की आवाजाही देखी गई। हालांकि प्रतिदिन 28 हजार वाहन गुजरने वाले टोल से हड़ताल टूटने के बाद शनिवार को 23 हजार वाहन ही गुजरे। अब भी हाइवे पर गुजरने वाले वाहनों की संख्या कम ही रही। फिर भी हड़ताल टूटने से उद्योगों से लेकर मंडी, कारखाने सहित सभी वर्गों को राहत मिली है।

वरना हो सकता था संकट

हड़ताल टूटने के बाद शुक्रवार रात से ही सूने पड़े ट्रांसपोर्टर्स पर रातोंरात ट्रकों में माल लोड होना शुरू हो गया। रात 9 बजे तक ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल टूटने की जानकारी मिली। अधिकृत जानकारी मिलने के बाद ट्रांसपोर्टरों ने ट्रक चालकों को बुलाकर रातोंरात ही माल लोड करवाना शुरू कर दिया। जानकारों की मानें तो समय रहते ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल का असर पूरे देश में पड़ा है।

ट्रक ऑपरेटर्स की हड़ताल टूटने के बाद शनिवार से शुरू हुआ काम, कारोबार सामान्य होने में लगेंगे दो-तीन दिन, 40 फीसदी ट्रक ही नजर आए सड़कों पर

मदनगंज-किशनगढ़. आठ दिन की हड़ताल के बाद शनिवार से हाइवे पर फिर दौड़ते नजर आए ट्रक। जीवीके टोल से गुजरते ट्रक।

बाजार सामान्य होने में लगेंगे तीन दिन, अब तक एक हजार ट्रक चले

जानकारों की माने तो ट्रक ऑपरेटर की हड़ताल टूटने का निर्णय शुक्रवार रात को आया। देर रात तक फैसले को लेकर असमंजस बनी रही। ऐसे में पूरी तरह लोगों को शनिवार सुबह मीडिया के जरिये ट्रक ऑपरेटर्स की हड़ताल टूटने की खबर का पता चला। इसके बाद मार्बल एरिया में आवाजाही शुरू हुई लेकिन मार्बल एरिया से लेकर बाजार पूर्व की तरह नहीं उठा। ट्रक गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब, दिल्ली सहित अन्य राज्यों में माल लेकर जाते है। उन्हें माल भरकर रवाना होने में दो से तीन दिन लगेंगे। बाजार को उठने के लिए करीब दो से तीन दिन लगेंगे। किशनगढ़ उपखंड में करीब तीन हजार ट्रकों के पहिये थमे हुए थे। हड़ताल टूटने के बाद करीब एक हजार ट्रक चलने लगे है। ऐसे में अब भी दो हजार ट्रक नहीं चले। उन्हें चलने में दो से तीन दिन और लगेंगे। अगर हड़ताल नहीं टूटती तो खाद्य पदार्थों के लिए संकट हो सकता था।

इन मांगों को लेकर कर रहे थे हड़ताल

डीजल को जीएसटी के दायरे में लेकर कीमतों में कटौती की जाए। राष्ट्रीय स्तर पर समान मूल्य निर्धारण, डीजल कीमतों में त्रैमासिक संशोधन।

टोल बैरियर मुक्त भारत।

तृतीय पक्ष बीमा प्रीमियम निर्धारण में पारदर्शिता, इस पर जीएसटी की छूट और कॉम्प्रहेंसिव पॉलिसी के माध्यम से एजेंटों को भुगतान किए जा रहे अतिरिक्त कमीशन को समाप्त करना।

ट्रांसपोर्ट व्यवसाय पर टीडीएस समाप्त करना, आयकर अधिनियम की धारा 44 ए ई में अनुमानित आय में कमी और उसे तर्क संगत किया जाए।

ई-वे बिल से जुड़ी व्यवहारिक समस्या को देखते हुए नियमों में संशोधन किया जाए।

बसों, पर्यटक वाहनों के लिए नेशनल परमिट।

डायरेक्टर पोर्ट डिलीवरी योजना समाप्त हो, पोर्ट कंजेक्शन खत्म होना चाहिए।

ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को ट्रांसपोर्ट नगर आवंटन करवाया जाए।

जीवीके टोल पर भी भारी वाहनों की आवाजाही फिलहाल कम, अब तक 23 हजार ही गुजरे

ट्रक ऑपरेटर्स की बेमियादी हड़ताल से पूर्व प्रतिदिन औसत 28 से 30 हजार वाहन टोल से गुजर जाते हैं। इनमें से प्रतिदिन करीब 8 हजार ट्रक गुजरते है। इन वाहनों से होने वाली इनकम करीब 54 से 56 लाख के आसपास रहती है। शनिवार को ट्रक ऑपरेटर्स की हड़ताल के बावजूद ट्रकों और भारी वाहनों की आवाजाही कम ही देखने को मिली। शुक्रवार रात और शनिवार शाम तक की माने तो करीब 23 हजार वाहन टोल से गुजरे हैं। इनमें भी ट्रकों की संख्या एक हजार से 1200 के बीच थी। टोल सूत्रों की माने तो शनिवार को टाेल प्रशासन से हुई इनकम भी महज 40 लाख के आसपास रही। यानि 14 से 16 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। टोल पर ज्यादा भीड़ नजर नहीं आई। दो से तीन दिन बाद रूटीन बनेगा।

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