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2 दिन में 4 लाख का नुकसान, 1540 बसों का संचालन नहीं

भास्कर न्यूज | मदनगंज किशनगढ़ रोडवेज बसों के चक्का जाम होने से किशनगढ़ में दो दिन में रोडवेज को चार लाख का नुकसान...

Dainik Bhaskar

Jul 27, 2018, 05:05 AM IST
2 दिन में 4 लाख का नुकसान, 1540 बसों का संचालन नहीं
भास्कर न्यूज | मदनगंज किशनगढ़

रोडवेज बसों के चक्का जाम होने से किशनगढ़ में दो दिन में रोडवेज को चार लाख का नुकसान हुआ है। हड़ताल से दो दिन में 1540 बसों का संचालन नहीं हुआ है। इधर अनुबंधित बसों के चालकों सहित रेलवे, एलआईसी सहित अन्य विभागों की श्रमिक यूनियनों ने भी हड़ताल का समर्थन किया है। एटक और इंटक यूनियन ने हड़ताल के समर्थन में बंद रखकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं बीएमएस के सदस्य इस हड़ताल से दूर हैं। रोडवेज के चक्का जाम को नॉर्थ रेलवे एम्पलाइज यूनियन, एलआईसी सहित अन्य संगठनों ने समर्थन दिया है। इधर निजी वाहन चालकों ने हड़ताल का जमकर फायदा उठाया और मनमर्जी से किराया वसूला। हड़ताल की वजह से उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, गुजरात और अन्य राज्यों से आने वाली रोडवेज बसों का संचालन भी नहीं हुआ। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उल्लेखनीय है कि रोडवेज कर्मी अपनी 13 सूत्रीय मांगों को लेकर मंगलवार मध्यरात्रि से हड़ताल पर हैं। इस कारण प्रदेशभर के सभी 52 डिपो में बसों का संचालन बंद रहा।

संगठनों ने उठाए सवाल : हर माह अनुबंधित बसों को 7 करोड़ का भुगतान तो बसों की खरीद की मंशा क्यों नहीं

रोडवेज कर्मियों की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर की जा रही हड़ताल को राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ, एलआईसी, नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलाइज यूनियन ने समर्थन दिया। इसके साथ ही सरकार से उक्त मुद्दे पर सकारात्मक पहल करने की मांग उठाई। संयुक्त श्रमिक संघर्ष समिति महेन्द्र सैन ने कहा सरकार विद्युत निगम, शिक्षा विभाग, जलदाय की तरह रोडवेज का निजीकरण करना चाहती है। हर माह सात करोड़ से अधिक का भुगतान अनुबंधित बसों को दिया जा रहा है। आखिर सरकार इस राशि में अपने लिए बसों की खरीद क्यों नहीं कर रही है। सैन ने कहा कर्मचारी अपने हितों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने परिवहन मंत्री यूनुस खान के बयान की निंदा की जिसमें उन्होंने कर्मचारियों को गलत ठहराने वाला भड़काऊ बयान दिया था। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने परिवहन मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की।

एक दिन में अप-डाउन में 770 बसों का संचालन

रोडवेज प्रभारी रामेश्वर प्रजापत ने बताया कि किशनगढ़ के नए बस स्टेशन से पचास से अधिक शहरों के लिए अप व डाउन मिलकर 350 बसों का संचालन होता है। पुराने बस स्टैंड से मालपुरा मार्ग व हनुमानगढ़ मेगा हाइवे मार्ग पर तीस से अधिक स्टेशन के लिए अप व डाउन 220 बसों का संचालन होता है। प्रतिदिन 15 हजार से अधिक यात्री यात्रा करते हैं। इस प्रकार दो दिन में चार लाख राजस्व का नुकसान राज्य सरकार को हुआ है। प्रजापत ने बताया कि नए व पुराने बस स्टेशन पर 14 कर्मचारी व अधिकारी कार्यरत हैं। सभी ड्यूटी पर हैं।

निजी वाहन चालकों ने 2 से 3 रु. प्रति किमी किराया वसूला

रोडवेज की हड़ताल के कारण निजी वाहन चालकों की चांदी हो रही है। निजी वाहन चालक इसका लाभ उठा रहे हैं। जहां रोडवेज प्रति किमी एक रुपए किराया लेता है वहीं निजी चालक प्रति किमी दो से तीन रुपए का किराया वसूल रही हैं। किशनगढ़ से दिल्ली जाने का किराया पहले से ढाई गुना से तीन गुना तक बढ़ गया है।

सुनसान पड़ा नया बस स्टैंड

किशनगढ़ के नए बस स्टैंड पर रोडवेज की हड़ताल के कारण बंद पड़ी दुकानें।

ये हैं 13 सूत्रीय मांगें














ये हैं प्रमुख मांगें







आंकड़ों पर एक नजर

नए बस स्टैंड पर :
350 बसें

पुराने पर : 220 अपडाउन

कितना यात्रीभार : 15 हजार

कितना मिलता है राजस्व : 2 लाख प्रतिदिन

कुल कर्मचारी : 14

(हड़ताल में कोई नहीं शामिल)

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2 दिन में 4 लाख का नुकसान, 1540 बसों का संचालन नहीं
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