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आखिर ठीक हुई सोनोग्राफी मशीन, मगर दूसरे दिन भी नहीं हो पाई जांच

भास्कर न्यूज| मदनगंज-किशनगढ़ राजकीय यज्ञनारायण अस्पताल में बुधवार की सुबह खराब हुई सोनोग्राफी मशीन आखिर...

Dainik Bhaskar

Jul 27, 2018, 05:05 AM IST
आखिर ठीक हुई सोनोग्राफी मशीन, मगर दूसरे दिन भी नहीं हो पाई जांच
भास्कर न्यूज| मदनगंज-किशनगढ़

राजकीय यज्ञनारायण अस्पताल में बुधवार की सुबह खराब हुई सोनोग्राफी मशीन आखिर गुरुवार को ठीक हो गई। केटीपीएल कंपनी के इंजीनियरों ने दोपहर तक मशीन को दुरुस्त कर दिया। हालांकि दूसरे दिन भी एक भी सोनोग्राफी नहीं हो सकी और महिला मरीजों को निराश लौटना पड़ा। अब शुक्रवार से सोनोग्राफी होंगी।

जानकारी के अनुसार बुधवार की सुबह 8 बजे यज्ञनारायण अस्पताल की सोनोग्राफी मशीन खराब हो गई। मशीन खराब होने के कारण सुबह से घंटों भूखी प्यासी जांच के लिए कतार में खड़ी महिला मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। आखिरकार मरीजों को निराश लौटना पड़ा। ऐसी महिला मरीज जिनकी बुधवार को सोनोग्राफी करानी जरूरी थी उन्हें निजी अस्पतालों की शरण लेनी पड़ी। भास्कर ने गुरुवार के अंक में खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर के बाद अस्पताल प्रशासन तुरंत हरकत में आया और केटीपीएल कंपनी के जयपुर से इंजीनियर को मशीन को सही करने के लिए सुबह भेजा गया। गुरुवार को कंपनी के प्रतिनिधियों ने मशीन को दोपहर 1 बजे तक ठीक किया। इससे पहले सुबह से सोनोग्राफी के लिए महिलाओं का कतार में लगना शुरू हो गया था। कर्मचारियों ने उन्हें मशीन के खराब होने की जानकारी देते हुए भेज दिया। काईं जरूरतमंद मरीजों को निजी अस्पतालों की शरण लेनी पड़ी।

मशीन का डिस्प्ले बंद था

अस्पताल में सोनोग्राफी जांच के लिए बुधवार सुबह मशीन को स्टार्ट किया। वार्मअप किया। इसके बाद सोनोग्राफी के लिए महिला मरीज को बुलाकर जांच करनी चाही तो डिस्प्ले बंद हो गई। जबकि मंगलवार को मशीन बिल्कुल सही थी। लेकिन तकनीकी खराबी सामने आई। सोनोलॉजिस्ट रेडियोलॉजिस्ट शीला रानी सहित स्टाफ के कर्मचारियों ने काफी मशक्कत की लेकिन डिस्प्ले नहीं अाई। बिना डिस्प्ले के सोनोग्राफी नहीं हो सकती। कैटीपीएल कंपनी के इंजीनियरों ने गुरुवार को तकनीकी समस्या को दूर कर दिया। अब शुक्रवार से फिर से सोनोग्राफी हो सकेंगी।

प्राइवेट अस्पतालों की चांदी

किशनगढ़ उपखंड का एकमात्र सरकारी अस्पताल है जहां पर सोनोग्राफी होती है। इस कारण यहां प्रतिदिन 60 से 70 सोनोग्राफी होती है। लेकिन महिलाओं की कतार इससे भी ज्यादा होती है। रोजाना प्रसूताएं, महिलाएं सोनोग्राफी के लिए घंटों सुबह से भूखी प्यासी रहकर कतार में लगी रहती है। बुधवार और गुरुवार को भी यही स्थिति रही और सुबह से इंतजार करने के बाद मशीन खराब होने की कहकर मरीजों को भेजा गया। अब मजबूरी में अधिकांश मरीजों को निजी अस्पताल, नर्सिंग होम पर जाकर सोनोग्राफी करानी पड़ी। सरकारी अस्पताल में जहां सोनोग्राफी निशुल्क होती है वहीं निजी अस्पताल 500 से 600 तक सोनोग्राफी के वसूलते हैं। दो दिन तक सोनोग्राफी सेंटरों की चांदी हो गई।

जांच कराने के लिए सुबह से महिलाओं की लगी कतार, मशीन ठीक होने में देरी लगने से निराश होकर लौटना पड़ा, कई मरीजों को प्राइवेट अस्पतालाें में जाना पड़ा

दो दिन से बंद थी सोनोग्राफी, आज रहेगी भीड़

उपखंड का सबसे बड़ा अस्पताल होने के कारण प्रतिदिन करीब 70 से 80 सोनोग्राफी होती है। लेकिन बुधवार को एक भी सोनोग्राफी नहीं हुई। गुरुवार को भी मशीन ठीक होने में पूरा समय निकल गया। ऐसे में दो दिन से सोनोग्राफी नहीं होने से सोनोग्राफी की कई में खड़ी महिला रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी हो गई है। शुक्रवार को नई महिला मरीज सोनोग्राफी के लिए आएंगी। ऐसे में बुधवार और गुरुवार को जिन महिलाओं की सोनोग्राफी नहीं हुई वो भी शुक्रवार को आएंगी। ऐसे में अस्पताल में सोनोग्राफी को लेकर भारी रश रहेगा। पहले टोकन कटाने वाली महिलाओं को संभवत: पहले सोनोग्राफी के लिए बुलाया जाएगा। कोई विवाद ना हो इसके लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से अतिरिक्त कर्मचारी व्यवस्था में लगाए जाएंगे।

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आखिर ठीक हुई सोनोग्राफी मशीन, मगर दूसरे दिन भी नहीं हो पाई जांच
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