Hindi News »Rajasthan »Kishangarh» नित पग पखरत नावहुं माथा, जय-जय गुरु भाग्य विधाता

नित पग पखरत नावहुं माथा, जय-जय गुरु भाग्य विधाता

भास्कर न्यूज| मदनगंज-किशनगढ़ मदनगंज किशनगढ़ में शुक्रवार को गुरु पूर्णिमा पर्व श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 28, 2018, 05:05 AM IST

  • नित पग पखरत नावहुं माथा, जय-जय गुरु भाग्य विधाता
    +1और स्लाइड देखें
    भास्कर न्यूज| मदनगंज-किशनगढ़

    मदनगंज किशनगढ़ में शुक्रवार को गुरु पूर्णिमा पर्व श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया गया। शिष्यों को गुरु पूजन करने का समय सदी के सबसे लंबे चंद्रग्रहण के कारण दोपहर 2.53 बजे तक ही मिला। इसके लिए मंदिर महंतों व गुरुघरों में गुरु पूजा के लिए शिष्यों की भीड़ रही। गुरुभक्त अपने अपने गुरु की पूजा के लिए सुबह जल्दी तैयार हो गए और पूरे उल्लास व श्रद्धा के साथ अपने गुरु के पग पखारे, चंदन लगाया अक्षत चढ़ाया और आरती कर अपनी श्रद्धानुसार दान देकर पुण्य कमाया। बस स्टैंड स्थित श्रीराममंदिर पर गुरु पूर्णिमा पर्व शनिवार को मनाया जाएगा।

    निम्बार्क पीठ काचरिया

    पुराना शहर निम्बार्क पीठ काचारिया में गुरु पूजा के लिए भक्तों की भीड़ रही। हजारों भक्तों ने अपनी श्रद्धानुसार अपने गुरु की पूजा-अर्चना की और गुरु के घर पर प्रसाद पाया। दिन भर गुरुपूजा का कार्यक्रम चलता रहा। पीठाधीश्वर डाॅ. जयकृष्ण देवाचार्य ने गुरु महिमा की सीख उपयोगी प्रसंगों के माध्यम से दी। गुरुओं ने अपने भक्तों की सुख समृद्धि व विकास का आशीष दिया।

    कबीर आश्रम

    आजाद नगर स्थित कबीर आश्रम पर भी गुरुपूर्णिमा का पर्व धूमधाम से मनाया गया। आश्रम के प्रबंधक संत गौरवदास महाराज ने गुरुपूर्णिमा के पर्व पर प्रकाश डाला। दूर दूर से आए भक्तो ने अपनी अपनी श्रद्धानुसार गुरुजी की पूजा अर्चना की। आश्रम पर दिन भर गुरुभक्तों का अाना जाना लगा रहा। व्यवस्थापक संत गौरव महाराज ने कहा रविवार को चातुर्मास कथा का शुभारंभ श्रद्धा व उल्लास के साथ किया जाएगा। इस दौरान कलश शोभायात्रा भी निकाली जाएगी।

    गुरुपूर्णिमा पर निम्बार्क पीठ काचरिया में गुरु पूजन करते भक्त।

    श्रीराम मंदिर में आज मनाया जाएगा गुरु पूर्णिमा महोत्सव

    बस स्टैंड सुभाष कालोनी स्थित श्रीराम मंदिर परिसर में शनिवार को गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया जाएगा। मंदिर महंत अवध बिहारीदास ने बताया कि भगवान के ग्रहण से उऋण होने के बाद मंदिर परिसर को धोकर प्रभु को शृंगारित कर मंगलाआरती कर गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।

    अन्य स्थानों पर भी उमड़े श्रद्धालु

    इसी प्रकार पंचमुखी बालाजी मंदिर, राजारेड्डी स्थित बालाजी राधा माधव मंदिर में भी गुरु पूर्णिमा पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। एक दिन पूर्व भजन संध्या का आयोजन किया गया तथा गुरुवार को गुरु शिष्य पूजन किया गया। मझेला रोड नाड़ी वाले बालाजी मंदिर, आजाद नगर स्थित बालाजी मंदिर, कबीर आश्रम, सतगुरु बालक धाम आश्रम अन्य जगहों पर गुरु पूर्णिमा पर्व धूमधाम से मनाया गया। सभी जगह दिन भर मेला सा माहौल रहा।

    मुनि पूज्य सागर महाराज की पूजा-अर्चना करते भक्त।

    गुरु के गुणगान से दूर होते हैं संकट

    मदनगंज-किशनगढ़| आदिनाथ मंदिर परिसर पर शुक्रवार को सिद्धचक्र विधान के तहत अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज ने गुरुपूर्णिमा पर गुरु की महिमा बताई। मुनिश्री ने कहा कि गुरु के बिना जीवन की शुरुआत नहीं हो सकती है। गुरु की आराधना से मन, वचन और तन पवित्र हो जाता है। आज हम जिस पाषाण की प्रतिमा के दर्शन कर रहे उस पाषाण को भगवान गुरु ने ही अपने मुखारविंद से सूर्यमंत्र देकर बनाया है। हम तो जीवित इंसान है, अगर गुरु का आशीर्वाद हमें मिल जाए तो हम भी भगवान बन सकते हैं। गुरु में वह शक्ति होती है, जो हमारे दुखों को दूर कर देती है और दुख में सुख का अनुभव करना सिखा देती है। गुरु के आचरण का गुणगान करने से हमारे संकट दूर हो जाते हैं। मुनि श्री ने कहा कि संसार में गुरु ही एक ऐसी शक्ति है, जिसके स्पर्श से इंसान स्वयं गुरु बन जाता है। गुरु के चरणरज से जिस धरती पर पढ़ जाए वह धरती ही तीर्थ बन जाती है। हमारे भारत देश की संस्कृति है कि भगवान से पहले गुरु का वंदन होता है।

    गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम आयोजित: गुरुपूर्णिमा का कार्यक्रम शुक्रवार को वीर सागर स्मृति भवन सिटी में हुआ पर विधि विधान से हुआ। जहां सर्वप्रथम गुरुओं की चित्र के आगे दीप प्रज्ज्वलन एवं चित्र अनावरण किया गया। धर्मसभा में आचार्य शांति सागर महाराज, आचार्य वीर सागर महाराज, आचार्य शिव सागर महाराज, आचार्य धर्मसागर महाराज, आचार्य अजित सागर महाराज, आचार्य पुष्पदंत सागर महाराज, आर्यिका वर्धितमति माता जी को अर्घ्य समर्पित किया गया। उसके बाद आचार्य वर्धमान सागर महाराज, आचार्य अभिनंदन सागर महाराज, आचार्य अनुभव सागर महाराज का पूजन किया गया। धर्मसभा में उपस्थित महिला-पुरुष ने मुनि पूज्य सागर महाराज की पूजा कर गुरु का गुणगान किया।

  • नित पग पखरत नावहुं माथा, जय-जय गुरु भाग्य विधाता
    +1और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Kishangarh

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×