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तीन दिन से बदमाशों पर नजर रखे हुए थी पुलिस

भास्कर न्यूज|मदनगंज-किशनगढ़ हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में मंगलवार को पकड़ने के लिए पुलिस तीन दिन से मकान पर नजर रखे...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 11, 2018, 05:10 AM IST

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    भास्कर न्यूज|मदनगंज-किशनगढ़

    हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में मंगलवार को पकड़ने के लिए पुलिस तीन दिन से मकान पर नजर रखे हुए थी लेकिन हर बार पुलिस मकान से बाहर चले जाते थे। पुलिस को सभी बदमाशों को एकत्र होने का इंतजार था। मंगलवार सुबह आखिर पुलिस को यह मौका मिल ही गया।

    डीवाईएसपी के निर्देश पर थाना प्रभारी राजेंद्र खंडेलवाल सर्विस रिवॉल्वर लेकर मेहराम एएसआई, हैड कांस्टेबल अर्जन कुमार, कांस्टेबल सीताराम, मुकेश, जयराम, चालक महेश कुमार, गांधीनगर थाना एसएचओ भागसिंह, फतेहसिंह, महावीर आदि को सादा वर्दी में लेकर मौके के लिए रवाना हुए। टीमें रैगर छात्रावास के पास रुक गई। मौके पर दाे कांस्टेबल को सादा वर्दी में भेजा गया। कांस्टेबल ने डी 2 ब्लॉक के मकान नंबर 53 की छत पर बैठे बदमाशों काे डकैती की योजना बनाने, हाइवे पर लूट की बातें करते सुना। पुलिस ने किसी कार्रवाई से पूर्व गवाह बनाने के लिए ढूंढे लेकिन कोर्ट कचहरी के चक्कर से बचने के लिए कोई गवाह तैयार नहीं हुआ। इस पर एसएचओ भागसिंह, एएसआई ओमप्रकाश को मौके पर भेजा। आरोपियों के पास हथियार होने और फायरिंग की आशंका के चलते पुलिस पहले से ही सतर्क थी। पुलिस ने आरोपियाें को दबोच लिया और पूछताछ की। तलाशी में हथियार, नकदी व मोबाइल मिल गए। साथ ही मकान में शराब की बोतलें, सिगरेट के पैकेट, मीट बनाने की सामग्री सहित अन्य नशीली सामग्री भी मिली।

    पूरे ब्लॉक में सिर्फ मकान नंबर 53 ही था आबाद, बाकी खाली

    बदमाशों ने छिपने के लिए हाऊसिंग बोर्ड के आवासीय कॉलोनी के मकान को चुना। इस पूरी कॉलोनी में सभी मकान सूने पड़े है। उनके दरवाजे टूटे हैं। आसपास की कॉलोनियां भी बहुत दूर हैं।

    प्रदेशभर की पुलिस को आरोपियों की है तलाश : पकड़े गए सभी आरोपी आदतन अपराधी हैं। मुख्य आरोपी जितेंद्र सिंह पर 14 मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज हैं। दो को छोड़कर सबके खिलाफ विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज हैं। मुख्य आरोपी जितेंद्र के खिलाफ नागौर, अजमेर सहित अन्य जिलों में 14 मुकदमे दर्ज हैं जिनमें मारपीट, लूट, डकैती के मुकदमे में शामिल हैं।

    पुलिस को संदेह, सुपारी किलर भी हो सकता है गिरोह!

    पुलिस को संदेह है कि आरोपी सुपारी किलर भी हो सकते है। किशनगढ़ मार्बल मंडी होने के कारण डकैती का मकसद भी हो सकता है। आरोपी दूसरी जगह वारदात को अंजाम देकर यहां छिपने के मकसद से भी रह रहे थे। बदमाशों के पास एक पिस्टल, देसी कट्‌टा, पांच 12 बोर के जिंदा कारतूस, पिस्टल के चार जिंदा कारतूस मिले है। इतने हथियार किसी बड़ी अपराधिक गैंग और बड़ी वारदात को अंजाम देने के मकसद से रखे जाने का अंदेशा है। पुलिस ये पता लगाने में जुटी है कि ये हथियार कहां से आए। दूसरे राज्यों में भी आरोपियों के तार जुड़े होने की संभावना है। पुलिस आर्म्स एक्ट के तहत भी पड़ताल कर रही है।

    आरोपियों से जब्त किए गए मोबाइल।

    अपराधियों की शरणगाह बन रहे हैं हाउसिंग बोर्ड के खाली पड़े मकान, कुख्यात अपराधी आनंदपाल सहित तीन गिरोह सरगना रह चुके हैं बाहरी कॉलोनियों में

    विकास टिंकर|मदनगंज-किशनगढ़

    मार्बल नगरी किशनगढ़ अपराधियों के छिपने के लिए शरणस्थली बनता जा रहा है। खास तौर पर हाउसिंग बोर्ड की बाहरी कॉलोनियां हाइवे नजदीक होने और स्थानीय लोगों के लालच की वजह से अपराधियों व संदिग्ध लोगों को रास आ रही हैं। यहां किराएदारों का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं होने के कारण बाहरी अपराधी आसानी से मकान किराए पर लेकर रहने लगते हैं। चौंकाने वाली बात ये है कि ये सभी अपराधी एक क्षेत्र में पकड़े गए हैंं। इनके रहने और छिपने की जगह में ज्यादा दूरी नहीं है। यहां कुख्यात अपराधी आनंदपाल से लेकर गिरोह को संचालित करने वाले सरगना रह चुके है। सुनसान होनेे और भागने के काफी रास्ते होने के कारण ये क्षेत्र अपराधियों की पहली पसंद बना हुआ है। पास में पहाड़ी है ऐसे में अपराधी पहाड़ों की आड में भी छिप सकते है। वर्ष 2012 गैंगस्टर आनंदपाल सिंह सुमेर नगर में किराए के मकान में छिपकर रह रहा था। वर्ष 2016 में न्यू हाऊसिंग बोर्ड क्षेत्र में चेन स्नेचिंग और चोर गिरोह भी किराए के मकान में रह रहा था। मंगलवार को बदमाश जितेंद्र सिंह और उसके साथी हाऊसिंग बोर्ड क्षेत्र के आवासीय कॉलोनी में पकड़े गए। इन तीनों जगहों की दूरी महज एक किलोमीटर ही होगी। सुमेर नगर, हाऊसिंग बोर्ड और न्यू हाऊसिंग बोर्ड एक दूसरे से लगी हुई कॉलोनी है। ऐसे में अपराधियों के लिए शरणस्थली खाली पड़े मकान ही बने हुए है। जहां आसानी से स्थानीय युवकों से संपर्क साधकर किराए के मकान में रहा जा सकता है।

    पुलिस वेरिफिकेशन नहीं, मकान मालिक को पैसों का लालच : शहर में आए दिन अपराध होने और अपराधियों के पकड़ने की घटनाओं के बावजूद मकान मालिक अपने किराएदाराें का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं करवाते। सबसे गंभीर बात ये है कि पुलिस भी इस मामले में लापरवाह है। अपराधियों के मकान में पकड़े जाने के बावजूद पुलिस मकान मालिक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती। आनंदपाल से लेकर जितेंद्र सिंह को पकड़े जाने की घटना से कईं सवाल खड़े होते है। लगातार अपराध होने के बावजूद मकान मालिक सबक नहीं लेते। स्थानीय युवकों के झांसे में आकर मोटे पैसे के लालच में मकान किराए पर दे देते हैं। उसके बाद पलट कर भी मकान की सुध नहीं लेते की कौन मकान में रह रहा है। उनका रिकॉर्ड, आईडेंटी क्या है।

    वर्ष 2012 में छह माह छिपकर रहा था आनंदपााल

    गैंगस्टर आनंदपाल वर्ष 2012 में फरारी के दौरान किशनगढ़ में ही छिपकर रहा था। आनंदपाल अजमेर रोड सुमेर नगर स्थित एक शानदार मकान में छिपकर रह रहा था। आनंदपाल का सहयोग किशनगढ़ के ही व्यक्ति कर रहे थे और किराए पर मकान दिलाने में भी उन्हीं लोगों की भूमिका थी। दस हजार एडवांस किराया देकर रह रहे आनंदपाल को घरेलू सामान उपलब्ध कराना, हाउसिंग बोर्ड से रोजाना कच्चे अंडे लाना जैसी अन्य आवश्यकताएं स्थानीय लोग ही पूरी करते थे। हालांकि उस वक्त आनंदपाल घर से बाहर बहुत कम निकला और हमेशा कार में हेलमेट पहनकर निकला हुआ आसपास के लोगाें ने देखा। स्पेशल पुलिस को इत्तला मिली तब तक आनंदपाल फरार हो चुका था। पुलिस ने स्थानीय युवक को गिरफ्तार कर लिया था उससे आनंदपाल के यहां रहने की पुष्टि हो गई थी।

    वर्ष 2016 में चेन स्नैचिंग का गिरोह पकड़ा था : मदनगंज थाना पुलिस ने न्यू हाऊसिंग बोर्ड क्षेत्र में एक मकान पर दबिश देकर करीब चार-पांच बदमाशों काे पकड़ा था। बदमाश चेन स्नेचिंग, मोबाइल छीनने और वाहन चोर गिरोह के सदस्य थे। आरोपियों के पास से पुलिस को नकदी व हथियार भी मिले थे। पूछताछ में आरोपियाें ने जिलेभर में कईं जगह वारदात करना कबूला था। सबसे महत्वपूर्ण बात ये थी कि आरोपियाें को किराए पर ठहराने वाले स्थानीय युवक थे। जो किराए पर मकान दिलवाकर उनके साथ रह रहे थे।

    न्यू हाउसिंग बोर्ड स्थित इसी मकान में रह रहे थे बदमाश।

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