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हर छात्र के दस्तावेज आॅनलाइन रहेंगे सुरक्षित, क्लिक करते ही मिल जाएंगे

भास्कर न्यूज | मदनगंज-किशनगढ़ केंद्र सरकार के उपक्रम नेड यानी नेशनल एकेडमिक डिपोजिटरी अब सभी स्टूडेंट्स के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 03, 2018, 05:15 AM IST

हर छात्र के दस्तावेज आॅनलाइन रहेंगे सुरक्षित, क्लिक करते ही मिल जाएंगे
भास्कर न्यूज | मदनगंज-किशनगढ़

केंद्र सरकार के उपक्रम नेड यानी नेशनल एकेडमिक डिपोजिटरी अब सभी स्टूडेंट्स के डॉक्यूमेंट्स को डिजिटलाइज करेगा। डॉक्यूमेंट के डिजिटलाइज होने के बाद स्टूडेंट्स का डाटा सुरक्षित हो जाएगा और उन्हें लेकर हर जगह लेकर घूमने से राहत मिलेगी।

स्टूडेंट्स एक क्लिक के जरिये अपने डाॅक्यूमेंट्स को डाउनलोड कर प्रिंट निकाल उसका वेरिफिकेशन करवा सकेंगे। सरकार ने मानव संसाधन और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की पहल पर ‘नेड’ की इस काम की शुरुआत की है, जिसमें यूजीसी के माध्यम से सीवीएल और एनडीएमएल डिपोजिटरी में शैक्षणिक संस्थानों को जोड़ा जाएगा तथा इनके दस्तावेज को सहेजने का कार्य किया जाएगा।

देश में 1080 शिक्षण संस्थान, हर वर्ष जारी करते हैं 5 करोड़ डॉक्यूमेंट

देश में 1080 शिक्षण संस्थाएं हैं जो हर वर्ष करीब 5 करोड़ डॉक्यूमेंट जारी करती है। नेड इन सबको डिजिटलाइज कर सुरक्षित करेगा। देशभर में 68 स्कूल बोर्ड, 47 सेंट्रल यूनिवर्सिटी, 370 स्टेट यूनिवर्सिटी, 125 डीम्ड यूनिवर्सिटी, 280 प्राइवेट यूनिवर्सिटी, 120 सीएचईआइएस और करीब 74 अन्य इंस्टीट्यूट है। कुल मिलाकर देश में 1080 शिक्षा संस्थान है। इन यूनिवर्सिटी द्वारा प्रति वर्ष 1.5 करोड़ शैक्षणिक मानपत्र एवं सीबीएसई, राज्य बोर्ड और आइएसई द्वारा 3.5 करोड़ डॉक्यूमेंट छात्रों को दिए जाते है। जब एजुकेशन के मामले देश बड़ा है तो कई छात्रों के साथ ऐसा होता है कि उनके डॉक्यूमेंट, सर्टिफिकेट खो जाते है और उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इन्हीं समस्या को देखते हुए भारत सरकार के उपक्रम ‘नेड’ की शुरुआत की गई है।

स्टूडेंट्स और इंस्टीट्यूट को ये सुविधाएं मिलेंगी

आपका डाटा हमेशा सुरक्षित होगा।

डॉक्यूमेंट की डुप्लीकेट और कहीं ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

फ्रॉड और फेक दस्तावेजों से मुक्ति मिलेगी।

सभी दस्तावेजों को नेड के द्वारा सत्यापित किया जाएगा जिसमें वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी।

स्टूडेंट्स को फायदा

कहीं भी आप अपने डाटा को देख सकते है।

दस्तावेज खोने या खराब होने का डर नहीं होगा।

24 घंटों विश्व के किसी भी कोने में कहीं भी आप डॉक्यूमेंट निकाल सकते हैं।

इनका कहना है

नेड में छात्रों के डाटा डिजिटलाइज होने से सभी डिग्री और सर्टिफिकेट ऑनलाइन मिल सकेंगे छात्र को आवश्यकता होने पर आधार या नेट पहचान के माध्यम से डॉक्यूमेंट का प्रिंट लेकर सत्यापन करा सकता है। जो कि छात्रों के लिए बहुत ही सुविधाजनक पहल साबित होगी और छात्र अपने डाक्यूमेंट्स के लिए परेशान नहीं रहेगा। डॉ. चंद्रशेखर श्रीमाली, कैरियर काउंसलर

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