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वर्चुअल आईडी से कम होंगी ठगी की घटनाएं

भास्कर न्यूज|मदनगंज-किशनगढ़ आधार का डाटा सुरक्षित रखने और इससे होने वाले तमाम लेन-देन की जानकारी सुरक्षित रखने...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 21, 2018, 05:20 AM IST

वर्चुअल आईडी से कम होंगी ठगी की घटनाएं
भास्कर न्यूज|मदनगंज-किशनगढ़

आधार का डाटा सुरक्षित रखने और इससे होने वाले तमाम लेन-देन की जानकारी सुरक्षित रखने में अब वर्चुअल आईडी को काम में लिया जा सकेगा। अब आप जहां भी आधार नंबर का प्रयोग हो रहा है, वहां अपने आधार नंबर की वर्चुअल आईडी को इस्तेमाल में ले सकते हैं। ऐसे में आधार से होने वाले फर्जीवाड़े पर रोक लग सकेगी। आमतौर पर सुनने में आता है कि किसी ने आधार नंबर का गलत प्रयोग करते हुए फर्जीवाड़ा किया है या आपके आधार कार्ड में दर्ज सूचनाओं को किसी दूसरे उद्देश्य से काम में लिया जा रहा है। वर्चुअल आईडी की दिशा में अब ऐसा नहीं होगा, क्योंकि वर्चुअल आईडी कुछ समय के बाद अपने आप ही बदल जाएगी। इसकी मैपिंग आधार नंबर से रहेगी, इसलिए जहां-जहां आधार नंबर का इस्तेमाल हो रहा है, वहां वर्चुअल आईडी को काम में लिया जा सकेगा।

कहां-कहां कर सकते हैं वर्चुअल आईडी का इस्तेमाल : आप मोबाइल सिम लेने, बैंक अकाउंट खोलने, पेंशन या स्कॉलरशिप के लिए आधार ऑथेंटिकेशन कराने जाएं, तो अपना 16 अंकों का वर्चुअल आईडी (वीआईडी) बताने पर आधार नंबर देने की जरूरत नहीं रहेगी। वीआईडी देने पर आपका पर्सनल डेटा सुरक्षित रह सकेगा। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) की ओर से 1 जुलाई से यह सिस्टम लागू कर दिया गया है और इन जगहों पर इस्तेमाल किया जा रहा है। वर्चुअल आईडी सिर्फ आधार को प्रमाणित करने में ही इस्तेमाल होगी। आप www.uidai.gov.in पोर्टल के होम पर विजिट करें। इसके राइट साइड में दिए गए ऑप्शन जनरेट योर वीआईडी पर क्लिक करें, जो पेज खुलेगा उस पर आधार नंबर डालें। इसके बाद कैप्चा यानी सिक्योरिटी कोड आएगा। उसे एंटर करें, फिर आपके मोबाइल पर ओटीपी आएगा। इसे एंटर करते ही आपके मोबाइल पर 16 अंकों का वीआईडी आ जाएगा। इसकी वेलिडिटी का समय तय नहीं किया गया है।

यहां हैं आधार नामांकन केंद्र : शहर में करीब 5 आधार नामांकन केंद्र संचालित हैं। यहां आधार को अपडेट भी कराया जा सकता है। इनमें पोस्ट आॅफिस, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, पीएनबी बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक, सिंडिकेट बैंक, एक्सिस बैंक, सहित अन्य कार्यालय समय में आधार संबंधी कार्य करवाए जा सकते हैं।

आपके काम की बात : यूआईडीएआई ने उन सभी सॉफ्टवेयर में वर्चुअल आईडी का ऑप्शन डलवा दिया है जहां आधार का इस्तेमाल होता था, इसलिए अब जरूरी नहीं कि आप हर जगह आधार नंबर दें। आप वीआईडी के जरिए भी अपना काम कर सकते हैं।

डरे नहीं सुरक्षित है : वीआईडी की मैपिंग आधार नंबर से की हुई है। यह संबंधित जगह पर यह बताएगी कि यह आपका ही आधार नंबर है।

कोई समस्या नहीं आएगी

 मेरा वीआईडी किसी को पता चल गया तो क्या होगा?

 इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। यह रेंडमली जेनरेट होता है। ऐसा होने पर कोई भी व्यक्ति आपके डेटा का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा।

 मेरे पास स्मार्ट फोन नहीं तो मैं क्या करूं ?

 कोई दिक्कत नहीं है, यह काम इंटरनेट से जुड़े कंप्यूटर सिस्टम पर भी हो सकेगा।

आधार का डाटा सुरक्षित रखने के लिए ही यूआईडीएआई द्वारा वर्चुअल आईडी लाई गई है। आमजन जहां भी आधार का इस्तेमाल होता है वहां वीआईडी के जरिए अपने कार्य करवा सकते हैं ताकि डाटा सुरक्षित रहे। रघुवीर, प्रभारी, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग

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