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यज्ञनारायण अस्पताल डेंगू की रेपिड कार्ड से जांच के बाद कन्फर्म करने के लिए एलाइजा जांच के निर्देश, अस्पताल में एलाइजा किट ही नहीं

Kishangarh News - भास्कर न्यूज|मदनगंज-किशनगढ़ सरकार किसी को डेंगू, चिकनगुनिया और स्क्रब टाइफस का कन्फर्म रोगी तभी मानेगी, जब उसकी...

Dainik Bhaskar

Aug 02, 2018, 05:56 AM IST
यज्ञनारायण अस्पताल 
 डेंगू की रेपिड कार्ड से जांच के बाद कन्फर्म करने के लिए एलाइजा जांच के निर्देश, अस्पताल में एलाइजा किट ही नहीं
भास्कर न्यूज|मदनगंज-किशनगढ़

सरकार किसी को डेंगू, चिकनगुनिया और स्क्रब टाइफस का कन्फर्म रोगी तभी मानेगी, जब उसकी रेपिड कार्ड में पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद एलाइजा जांच में पुष्टि हो जाएगी। हालांकि किशनगढ़ उपखंड में स्क्रब टाइफस का एक भी मामला सामने नहीं आया है। हालांकि डेंगू के रोगी मिलना शुरू हो गए हैं। पिछले कुछ दिनांे में डेंगू के तीन रोगी सामने आ चुके हंै।

इधर किशनगढ़ उपखंड के सबसे बड़े राजकीय यज्ञनारायण अस्पताल में लैब में एलाइजा जांच के लिए किट ही नहीं हैं। बारिश के मौसम में बीमारियों के फैलने की आशंका को लेकर अस्पताल प्रशासन ने एलाइजा किट की डिमांड भेजी थी, लेकिन किट नहीं मिली, इसलिए एलाइजा जांच बंद है। अब अस्पताल प्रशासन मरीज में न तो डेंगू की कन्फर्म पुष्टि कर सकेगा और न ही स्क्रब टाइफस और चिकनगुनिया की मरीजों की जांच, क्योंकि मरीजों में चिकनगुनिया और स्क्रब टाइफस का एलाइजा जांच से ही पता लगाया जा सकेगा। सरकारी अस्पताल में सुविधा नहीं मिलने पर अब मरीज प्राइवेट लैबाें पर जांच कराने को मजबूर हैं। उल्लेखनीय है कि यह पहली बार है, जब इस साल सर्दी के दिनों में भी डेंगू मरीज निकले थे। जनवरी से अप्रैल तक मरीजों में बीमारियों की पुष्टि होने के बाद भी डेंगू, स्क्रब टाइफस, चिकनगुनिया और मलेरिया से निपटने की तैयारी ही नहीं की गई है।

एलाइजा जांच में पुष्टि के बाद ही सरकार मानेगी डेंगू, स्क्रब टाइफस और चिकनगुनिया के रोगी

चिकित्सा विभाग व नगर परिषद के इंतजाम अधूरे, फोगिंग की तैयारी नहीं

जिले में डेंगू के मरीज सामने आने के बाद भी चिकित्सा विभाग और नगर परिषद के इंतजाम अधूरे हैं। मरीजों की पुष्टि के बाद भी न तो चिकित्सा विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में फोगिंग कराई है और न ही नगर परिषद ने शहरी क्षेत्र में। शहर में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने पर और बीमारियों बढ़ने के बावजूद नगर परिषद फोगिंग के लिए तैयार ही नहीं है। चिकित्सा विभाग द्वारा कई बार पत्र लिखे जाने के बावजूद नगर परिषद ने फोगिंग के लिए पाइरेथ्रम नहीं ली है और न ही डेंगू मरीजों के क्षेत्रों में फोगिंग कराई है। ऐसे में डेंगू व मलेरिया के संक्रमित मच्छर दोनों विभागों की कमजोर तैयारी पर भारी पड़ सकते हैं।

बारिश के पानी में पनप रहा लार्वा : बारिश के मौसम में गड्ढों में भरे पानी में लार्वा पनप रहा है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, लेकिन लार्वा नाशक जले तेल, केरोसिन और डीजल के घोल से बना एमएलओ नगर परिषद में ही खप रहा है। अभी तक शहर के ऐसे क्षेत्र जहां बीमारियां फैलने की संख्या ज्यादा है। पानी जमा हो रखा है। ऐसे में गड्ढों में भरे पानी तक ऑयल नहीं डाला जा रहा। जबकि नगर परिषद ने रोडवेज से 220 लीटर जला तेल सहित केरोसिन और डीजल की खरीद की है।

ग्रामीण एरिया में हो चुके हैं छिड़काव शुरू : शहरी क्षेत्र की तुलना में ग्राम क्षेत्र मौसमी बीमारियों से निपटने के मामले में ज्यादा सक्रिय है। गांवों मंे चिकित्सा विभाग की ओर से बीडी ऑयल व दवाओं का छिड़काव शुरू किया जा चुका है। कईं गांवों में सर्वे कर छिड़काव पूरा भी किया जा चुका है। मुख्य रूप से खेड़ा कर्मशोतान, बालापुरा, बांदरसिंदरी, बीती, कटसुरा, डींडवाड़ा सहित अन्य गावांें में पीएचसी पर कार्यरत एएनएम, जीएनएम के जरिये दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है।


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 डेंगू की रेपिड कार्ड से जांच के बाद कन्फर्म करने के लिए एलाइजा जांच के निर्देश, अस्पताल में एलाइजा किट ही नहीं
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