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नसबंदी के लिए 8 महिलाओं को बेहोश कर दिया, फिर होश आया कि ऑपरेशन की मशीन ही खराब है

Dainik Bhaskar

Jun 26, 2018, 04:35 PM IST

Kishangarh News - भास्कर न्यूज | मदनगंज-किशनगढ़ शहर के यज्ञनारायण अस्पताल में सोमवार को नसबंदी आॅपरेशन के लिए आईं आठ महिलाओं काे...

नसबंदी के लिए 8 महिलाओं को बेहोश कर दिया, फिर होश आया कि ऑपरेशन की मशीन ही खराब है
भास्कर न्यूज | मदनगंज-किशनगढ़

शहर के यज्ञनारायण अस्पताल में सोमवार को नसबंदी आॅपरेशन के लिए आईं आठ महिलाओं काे एनेस्थिसिया देकर बेहोश करने के बाद अस्पताल प्रशासन को हाेश आया कि लेप्रोस्कोप मशीन खराब पड़ी है। लापरवाही की हद का आलम ये था कि जिस डॉक्टर काे महिलाओं के ऑपरेशन करने थे वह उन्हें बेहोशी की हालत में ही छोड़कर अरांई में आयोजित परिवार कल्याण शिविर में चली गईं। अस्पताल में महिलाएं व उनके परिजन पांच घंटे तक परेशान घूमते रहे। शेष | पेज 11





इसके बावजूद ऑपरेशन करने वाली डॉ. अंजना गुप्ता का कहना था कि इस मामले को इतना तूल देने की क्या जरूरत है। पीएमओ डॉ. नरेश मित्तल ने कई बार मोबाइल तक नहीं उठाया और मीडिया से दूरी बनाए रखी। जानकारी के अनुसार यज्ञनारायण अस्पताल में सोमवार को करीब आठ महिलाएं नसबंदी के ऑपरेशन के लिए आई। दोपहर 12 बजे के आसपास स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अंजना गुप्ता ने उनकी जांच कर ऑपरेशन के लिए सहमति जताई। इसके बाद एनेस्थिसिया के लिए डॉ. जोगेश्वर सैनी को बुलाया गया। एनेस्थिसिया लगाते ही आठों महिलाएं अर्द्धचेतन अवस्था में पहुंचने लगीं लेकिन उसके बाद जैसे ही स्टाफ ने डाॅ. गुप्ता को जानकारी दी कि लेप्रोस्कोप मशीन खराब है वे मरीजों को बिना बताए अरांई कैम्प के लिए चली गईं। इधर ऑपरेशन का इंतजार कर रहे परिजन जब ओटी पहुंचे तो स्टाफ ने बताया कि दूरबीन नसबंदी की मशीन खराब है और आज ऑपरेशन नहीं हो सकते। स्टाफ ने कहा कि यदि आज ही ऑपरेशन कराने हैं तो वे अरांई कैंप में चले जाएं। डॉक्टर साहब वहीं चली गई हैं। उल्लेखनीय है कि अरांई की दूरी किशनगढ़ से 30 किलोमीटर है। इतनी दूर महिलाओं को बेहोशी की हालत में ले जाना किसी जोखिम से कम नहीं था। ये बात सुनकर परिजन चौंक गए। परिजनों ने महिला मरीजाें को वार्ड में भर्ती कराना चाहा तो अस्पताल प्रशासन ने उन्हें भर्ती तक नहीं किया। इस पर अर्द्धचेतन अवस्था में महिलाओं के परिजन उन्हें पेड़ की छांव में और बरामदे में ले गए। ऑपरेशन नहीं होने से दोपहर 2 बजे तक महिलाएं बेसुध अवस्था में पड़ी रहीं। अंत में उन्हें परिजन अपने घर ले गए।

यज्ञनारायण अस्पताल में बेहोशी की हालत में लेटीं महिलाएं।

इनके होने थे ऑपरेशन | जाटली निवासी छगना प|ी शंभु जाट, चमड़ाघर निवासी प्रवीण बानो प|ी रफीक मोहम्मद, नायकों का मोहल्ला निवासी निशा प|ी मुरलीधर, वार्ड 8 निवासी निशा प|ी गोविंदराम, मालियों की ढाणी निवासी सुमन शामिल हैं। इनके अलावा तीन महिला मरीजों के परिजनों ने नाम बताने से मना कर दिया।



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