मंदबुद्धि पूर्व छात्र ने ही की पांच बार चोरी, स्कूल ने किया माफ

Kishangarh News - भास्कर न्यूज | मदनगंज-किशनगढ़ मंदबुद्धि वाले बालक ने अपने जीवन में एक बार ही बुद्धि दिखाई और वह बेनकाब हो गया।...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 09:20 AM IST
Kishangarh News - rajasthan news blind alumni only steal five times school does not forgive
भास्कर न्यूज | मदनगंज-किशनगढ़

मंदबुद्धि वाले बालक ने अपने जीवन में एक बार ही बुद्धि दिखाई और वह बेनकाब हो गया। सुनने में अजीब लेगा, लेकिन यह हकीकत है। गुरुवार की रात ग्राम डींडवाड़ा की राजकीय स्कूल में चोरी करने के बाद ब्लैक बोर्ड पर अपना नाम लिखने की वजह से शनिवार को पकड़ में आ गया। दिलचस्प पहलू यह है कि चोर का सुराग पुलिस के बजाए स्कूल के स्टाफ ने लगाया। चोर सामने आया तो स्कूल प्रशासन भी चकित रह गया। चोरी करने वाला बच्चा इसी स्कूल में पढ़ता था। बच्चे ने पकड़े जाने के बाद स्कूल में पांच बार चोरी करना कबूल कर लिया। बांदरसिंदरी थाना पुलिस ने शनिवार को चोर को हिरासत में ले लिया। लेकिन आरोपी युवक की मानसिक हालत ठीक नहीं होने की वजह से स्कूल प्रशासन के निवेदन पर पुलिस ने युवक को परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

लिखावट ने पकड़ाया ‘चोरी- माला नाम राहुल, पढ़ता सरकारी’

चोरी करने के बाद चोर ने टूटी फूटी मारवाड़ी भाषा में ‘चोरी- माला नाम राहुल, पढ़ता सरकारी’ लिख दिया। इसी लिखावट ने चोर को बेनकाब करने में महत्ती भूमिका निभाई। लिखावट और नाम देखकर स्कूल स्टाफ को गांव के ही पूर्व छात्र पर शक हुआ। इस नाम का छात्र स्कूल में पढ़ता था और दो साल पहले नवीं कक्षा में फेल हो गया था। उसके बाद से उसने पढ़ाई छोड़ दी। स्टाफ ने अपना शक मजबूत करने के लिए बच्चे की पुरानी परीक्षा कॉपी से बोर्ड पर लिखे शब्दों का मिलान किया तो वह हू-ब-हू निकले। शक यकीन में बदल गया।

पांचवीं चोरी के बाद बोर्ड पर यह लिख गया था।

मंदबुद्धी और उत्पाती है

स्कूल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार युवक मंदबुद्धि होने की वजह से वह ज्यादा नहीं पढ़ पाया। स्कूल में भी वह झगड़ा और उत्पात मचाया करता था। गांव में भी वह पत्थर फेंकना, दीवार गिराना, नुकसान पहुंचाने जैसा कार्य करता है। मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण परिजन भी परेशान हैं। भास्कर ने चोरी का खुलासा किया था।

बच्चे के घर पहुंचा स्टाफ

शक यकीन में बदल जाने के बाद स्टॉफ के सदस्य बच्चे के घर पहुंचे। यहां पर उनको बच्चे के पिता मिले। बच्चे को पिता की माैजूदगी में पुलिस का भय दिखाया। इस पर बच्चा सहम गया और उसने गुरुवार और इससे पहले चार बार चोरी करने की बात कबूल कर ली। बच्चे के चोरी कबूल करने पर पिता शर्मिंदा हुआ। उसने बेटे से चोरी किए गए सामान के बारे में जानकारी ली। बेटे ने पड़ाेस के बाड़े में छिपाकर रखने की बात कहीं। पिता ने सारा सामान स्टाफ को सौंप दिया। साथ ही बेटे की करतूत पर माफी मांगी।

नहीं दर्ज हुआ मुकदमा

स्टाफ की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस बच्चे को अपने साथ थाने ले गई। पुलिस ने बच्चे से पूछताछ की तो पहले वह ठीक से अपना नाम भी नहीं बता पाया। स्कूल प्रशासन ने युवक की दिमागी हालत ठीक नहीं की वजह से थाने में लिखित में प्रार्थना पत्र देकर युवक के खिलाफ पुलिस कार्रवाई से इंकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने युवक को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया और साथ ही युवक का इलाज कराने की सलाह दी।

पुलिस की सलाह- इलाज कराएं



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