- Hindi News
- National
- Kishangarh News Rajasthan News Financial Loss To Roadways Management Due To Alleged Play By Private Bus Operators And Traffic Police
निजी बस ऑपरेटर्स और यातायात पुलिस के कथित खेल से रोडवेज प्रबंधन को आर्थिक हानि
किशनगढ़ में निजी बस ऑपरेटर्स और यातायात पुलिस के चल रहे कथित खेल की वजह से रोडवेज प्रबंधन को आर्थिक हानि पहुंच रही है। पुराने बस स्टैंड पर निजी बसों का बेखौफ संचालन हो रहा है। यातायात पुलिस कर्मी भी इस खेल को मूक दर्शक बनकर देखते रहते हैं। कई बार सवारियों को लेकर झगड़े भी हो जाते हैं। मामला पुलिस थाने भी पहुंचता है लेकिन निजी बस ऑपरेटर्स के दबाव के चलते रफा-दफा कर दिया जाता है। रोडवेज कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों ने निजी बस संचालन का विरोध भी किया लेकिन यातायात पुलिस से मदद नहीं मिलने पर उन्हें निराशा हाथ लगी।
किशनगढ़ के पुराने बस स्टैंड पर सुबह से देर शाम तक किशनगढ़-अजमेर के लिए रोडवेज बसों का संचालन होता है। डेली अपडाउनर्स के साथ स्थानीय सवारियों का किशनगढ़-अजमेर आना जाना लगा रहता है। यातायात पुलिस की शिथिलता का फायदा उठाते हुए निजी बस ऑपरेटर्स ने पुराने बस स्टैंड पर कब्जा कर लिया है। हैरानी की बात यह है निजी बसें पुराने स्टैंड से होते हुए मुख्य सड़क पर खड़ी रहती है। जबकि नियम यह है कि रोडवेज बस स्टैंड से 2 किलोमीटर की परिधि से दूर लोक परिवहन बस सेवा का संचालन किया जा सकता है।
एक-एक बस मालिक की चल रही पांच-पांच बसें
रोडवेज प्रबंधन के विरोध के बाद पिछले दिनों स्थानीय विधायक सुरेश टांक और यातायात डिप्टी की मध्यस्थता के बाद कटारिया ट्रांसपोर्ट के पास स्थान मुहैया करवाया गया था। लेकिन निजी बस ऑपरेटर्स अपनी मनमानी करते हुए पुराने बस स्टैंड से ही अपनी बसों का संचालन कर रहे हैं। एक-एक मालिक की पांच-पांच बसों का संचालन हो रहा है। मनमानी का आलम यह है कि यह निजी बसें रोडवेज के आगे आगे चलती हैं और सवारियों को पहले भर लेती हैं। इससे रोडवेज को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
कई बार शिकायत की कोई नतीजा नहीं
हमने कई बार पुलिस में शिकायतें दी और मुकदमे भी दर्ज करवाए, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला है। जबकि लोक परिवहन सेवा के लिए कटारिया ट्रांसपोर्ट के पास स्थान दिया हुआ है। निजी बसों का संचालन वहां से होने के बजाए पुराने बस स्टैंड के पास से ही किया जाता है। इससे रोडवेज को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
रामेश्वर लाल प्रजापत,
बस स्टैंड प्रभारी किशनगढ़
परिवहन विभाग जारी करता है परमिट
विभाग की और से समय-समय पर कार्यवाही की जाती है। परिवहन विभाग ही निजी बसों के संचालन के लिए परमिट जारी करता है। उन्हें प्रभावी कार्यवाही करनी चाहिए। इस संबंध में परिवहन विभाग से संपर्क कर संयुक्त कार्यवाही की जाएगी।
गीता चौधरी,
उपअधीक्षक शहर
प्रतिदिन 20 हजार का आर्थिक नुकसान
किशनगढ़-अजमेर के बीच चार शटल का संचालन किया जाता है। प्रत्येक बस के प्रतिदिन 5-5 चक्कर लगाने होते हैं। रोडवेज बसों के आगे आगे निजी बसों का संचालन किया जाता है। रोडवेज की सवारियों को कम किराये का लालच देकर बसों में बैठा लिया जाता है। निजी बसों के संचालन से रोडवेज प्रबंधन को प्रतिदिन 20 हजार रुपए का आर्थिक नुकसान भुगतना पड़ रहा है।
मदनगंज-किशनगढ़. पुराने बस स्टैंड के बाहर से निजी बसों का संचालन।