भगवान कहते हैं जो मुझे याद करता है, उसे मैं भी भजता हूं

Kishangarh News - भास्कर न्यूज| मदनगंज किशनगढ़ कथावाचक निर्म्बाकपीठाधीश्वर जगतगुरु श्रीजी श्री श्याम शरण महाराज ने कहा कि भगवान...

Dec 04, 2019, 10:36 AM IST
Kishangarh News - rajasthan news god says who remembers me i also worship him
भास्कर न्यूज| मदनगंज किशनगढ़

कथावाचक निर्म्बाकपीठाधीश्वर जगतगुरु श्रीजी श्री श्याम शरण महाराज ने कहा कि भगवान कहते हैं कि जैसे कोई मुझे भजनों से याद करता हैं, उसे उसी तरह मैं भी भजता हूँ, जिस भाव से भक्ति व भाव से याद करता है, उसी भाव से भगवान का आशीर्वाद भी मिलता है। चाहे दुःख हो या सुख, हर समय भगवान को हमेशा ध्यान व याद करते रहना चाहिए । बुधवार को भागवत रस वर्षण के दौरान भगवान कृष्ण का जन्म उत्सव मनाया जाएगा

जगतगुरु महाराज श्री मंगलवार काे लिंक रोड सूरज देवी पाटनी सभागार में चल रही श्रीमद भागवत रस वर्षण कथा के तहत बाेल रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस तरह राजा परीक्षित जी को अपनी मृत्यु का बौध था और वे बचाव करना चाह रहे थे। ऐसे में श्रीमदभागवत ही तारण के काम में आई। कथावाचक जगतगुरु महाराज ने कहा कि काल को कोई बांध नही सकता है, हमें काल के अनुसार ही चलना पड़ता है, हम उसे अपने हिसाब से नही चला सकते है। महाराज श्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत मनुष्य के भवसागर के समस्त बंधनों से मुक्त करने वाली कथा है। मनुष्य को जीवन में जब कोई मार्ग दृष्टिगत ने हो तो श्रीमद्भागवत की शरण में जाना चाहिए और उसकी शरण में जाने से उसका मोक्ष व उद्धार तय है। जगतगुरु श्री ने वामन अवतार के प्रसंग में कहा कि दैत्य राज बली के अभिमान को नष्ट करने के लिए स्वयं नारायण ने वामन अवतार धारण किया था। इसलिए जीवन में सीख लो कभी भी अभिमान नहीं करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि संतो का आशीर्वाद हमेशा प्राप्त करते रहना चाहिए, सच्चा सन्त वो ही होता है जिसके मन मे करुणा व दया होती है, किसी को दर्द में पाकर जिसकी आंखों में आंसू आ जाये, जो सभी को समान भाव से देखे वही संत है। कथा के बीच में जब महाराज श्री ने भजनों की प्रस्तुती दी तो श्रद्धालु भक्त सुध बुध खो भक्ति भाव में मग्न हो नृत्य करने लगे।

बताई शिक्षा की महत्ता : उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से कहा कि परिवार में कोई शिक्षा से वंचित नही रह जाये इस बात का ध्यान रखना चाहिए। हमें अपने आस पड़ोस में यह ध्यान रखना चाहिए कि कोई शिक्षा से वंचित ना रहे। उसकी शिक्षा का प्रबंध करें। निम्बार्क तीर्थ में अपने प्रदेश का प्रथम सांस्कृतिक विद्यालय है, कोई भी नि:शुल्क शिक्षा ग्रहण करने सच्चे भाव से आ सकता है । कथा के अंत में यजमान श्रीगोपाल मोहित खण्डेलवाल, घनश्यामदास अग्रवाल, मांगीलाल अग्रवाल, राकेश मोहन पहाड़िया, पारसमल बाकलीवाल, ओमप्रकाश राठी, राधामोहन सारड़ा, प्रोफेसर रामप्रसाद शर्मा, रतनलाल शर्मा, पार्षद राकेश शर्मा, सीताराम छापरवाल, नरेंद्र मूंदड़ा, प्रकाश राठी, रमेश सेठी, आदि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु जन उपस्थित थे ।

किशनगढ़. पाटनी सभागार में श्रीमद भागवत कथा सुनते श्रद्धालु।

X
Kishangarh News - rajasthan news god says who remembers me i also worship him
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना