फौजी हत्याकांड 60 घंटे में राजफाश, प्रधान गुर्जर काे मारने में भतीजे जीतू के दो दोस्त भी शामिल

Kishangarh News - भास्कर न्यूज | मदनगंज-किशनगढ़ पुलिस ने बाॅर्डर सिक्याेरिटी फाेर्स के जवान प्रधान गुर्जर की हत्या का राज महज 60...

Bhaskar News Network

Sep 14, 2019, 06:25 AM IST
Arain News - rajasthan news in the 60 hour massacre of the army two friends of nephew jeetu were also involved in killing the head gurjar
भास्कर न्यूज | मदनगंज-किशनगढ़

पुलिस ने बाॅर्डर सिक्याेरिटी फाेर्स के जवान प्रधान गुर्जर की हत्या का राज महज 60 घंटे के भीतर ही खोल दिया। फौजी की हत्या उसके भतीजे जीतराम और दो दाेस्तों ने की। हत्या का कारण मृतक फौजी का जीतराम की प|ी के साथ अवैध संबंध होना था। मृतक को मारने से पहले हत्यारों ने उसके साथ सैर-सपाटा किया। हत्या का राज नहीं खुले, इसके लिए शव को ठिकाने लगाने जा रहे थे, लेकिन कार कीचड़ में फंस गई। इस कारण वे पुलिस की पकड़ में आ गए। पुलिस आरोपियों को शनिवार काे अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी।

एएसपी ग्रामीण किशनसिंह भाटी ने प्रेस वार्ता में हत्या का खुलासा करते हुए बताया कि हत्यारों को पकड़ने के लिए विभिन्न टीमें गठित की। मृतक फौजी के मोबाइल नंबरों के आधार पर कॉल डिटेल निकाली गई। फोन नंबर के आधार पर बात की गई। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे के फुटेज के आधार पर पुलिस तीनों से पूछताछ करने गई तो सभी घर से फरार थे। इससे पुलिस का शक गहरा गया। पुलिस ने जीतू और उसके दो दोस्तों के मोबाइल नंबर ट्रेस कर पकड़ने में कामयाब हो पाई। तीनाें ने पूछताछ के बाद हत्या करने की बात कबूल कर ली है।

मृतक फौजी प्रधान

भतीजे ने प|ी से अवैध संबंध रखने पर की चाचा की हत्या

पुलिस गिरफ्त में फौजी के हत्यारे सफेद शर्ट में जीतराम और उसके दोस्त।

सैर सपाटा, शराब और फिर हत्या

मृतक के साथ भतीजा जीतराम और उसके दो दोस्त रामवतार और हनुमान दरगाह और पुष्कर घूमने गए थे। इस दौरान पुष्कर में खेल स्टेडियम के पास उन्हाेंने शराब पी। इसके बाद वे अजमेर हाेते हुए किशनगढ़ रवाना हो गए। रास्ते में फिर चारों ने शराब पी। इसके बाद मंडावरिया के पास सुनसान जगह गाड़ी रोकी। फिर तेज आवाज में टेप चलाकर जमकर डांस किया। इसके बाद जीतराम ने फौजी के चेहरे पर पीछे से बेसबाॅल से हमला कर बेहोश कर दिया। इसके बाद हत्या को अंजाम दिया।

इसलिए की हत्या

जीतराम ने पुलिस काे पूछताछ में बताया कि उसकी प|ी अाैर मृतक फौजी के अवैध संबंध थे। फौजी मोबाइल पर प|ी से बात कर उसके खिलाफ भड़काता था। जीत की प|ी काेचिंग लेने किशनगढ़ आती थी। इस दौरान फौजी उससे छिपकर मिलता था। इस वजह से पति-प|ी के बीच लंबे समय से बातचीत बंद थी। हाल ही में बोलचाल शुरू हुई थी। इससे वह फौजी से क्षुब्ध था। उसने दोस्तों के साथ मिलकर फौजी की हत्या का प्लान तैयार किया। दस सितंबर की रात को मंडावरिया मोड पर हत्या कर लाश छिपाने के लिए उसकी बोलेरो में डालकर तिलोनिया में छोड़कर चले गए।

शव ठिकाने लगाने की वजह से फंसे

हत्यारों की लाश को सुनसान जगह फैंकने की योजना थी। पहचान छिपाने के लिए उन्होंने मृतक के चेहरे को भी बिगाड़ा लेकिन उनकी गाड़ी कीचड़ में फंस गई, जिस वजह से वे लाश ठिकाने नहीं लगा सके। कीचड़ में कार फंसने के बाद हत्यारों ने फौजी का शव कार के पिछले हिस्से में छिपा दिया। कार कीचड़ में फंसने के बाद हत्यारे गाड़ी को छोड़कर भाग गए।

ये थी योजना : फौजी की हत्या और शव ठिकाने लगाने के बाद हत्यारे तिलोनिया से हरमाड़ा, सुरसुरा होते हुए नागौर या अन्य रास्ते से जयपुर की ओर जा सकते थे। यहां रास्ते में रात के अंधेरे में सुनसान स्थान पर शव ठिकाने लगा देते, लेकिन कीचड़ में गाड़ी फंसने से मामला बिगड़ गया और वे शव व वाहन छोड़कर चले गए।

सूचना लीक करने पर सिपाही निलंबित

पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप ने फौजी हत्याकांड में सूचना लीक करने की वजह से एसपी ऑफिस में तैनात सिपाही रामगोपाल को निलंबित कर दिया है। दरअसल फाैजी हत्याकांड खोलने को लेकर पुलिस में असमंजस की स्थिति थी। किशनगढ़ पुलिस का कहना था एसपी अजमेर में प्रेस वार्ता कर मामले का खुलासा करेंगे। इसके बाद यह तय हुआ कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण भाटी किशनगढ़ में प्रेस वार्ता करेंगे, लेकिन आखिर में यह तय हुआ कि अजमेर में शाम चार बजे भाटी प्रेस वार्ता करेंगे। इसी बीच दो बजे भास्कर के पास प्रेस वार्ता में दिए जाने वाले प्रेस नोट भास्कर को मिल गया। भास्कर ने एसपी से बात की तो वे चकित रह गए। उन्हाेंने भास्कर से प्रति मिलने के बाद सिपाही को निलंबित करने का फैसला किया। एसपी ने बताया कि विभाग की गोपनीयता भंग करना अनुशासनहीनता है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका

हत्याकांड काे खोलने में बांदरसिंदरी के थानेदार मूलचंद वर्मा, अरांई थानाधिकारी विक्रम सेवावत, कुलदीप सिंह, श्रवणलाल, भंवर सिंह, जयसिंह, गोपाल, रामगोपाल जाट, सवाई सिंह, और रामेश्वरलाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके अलावा साइबर टीम के जगमाल दाहिमा, मनोहर सिंह, सुनील भील, आशीष गहलोत, हिम्मत तौषिक, देवेन्द्र सिंह और जोगेंदर सिंह शामिल हैं।

फौजी का परिवार सकते में

फौजी के हत्यारे का खुलासा हाेने के बाद परिवार सकते में आ गया। उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी, भतीजा चाचा की हत्या कर देगा। इस मामले की सच्चाई सामने आने पर परिजन अवाक रह गए।

ये है मामला

ग्राम तिलोनिया के तालाब के पास भोजियावास जाने वाले रास्ते पर मंगलवार देर रात फौजी प्रधान गुर्जर की हत्या हाे गई थी। शव को बोलेरो गाड़ी के पीछे वाली सीट पर पटक दिया था। मृतक जिस कार में मिला वह उसके नाम की थी। चालीस वर्षीय पुत्र प्रधान सीमा सुरक्षा बल में फौजी था। वह चार दिन पहले ही छुट्‌टी लेकर शिलांग से आया था।

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