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अब मौसमी बीमारियों की एंट्री, बारिश के बाद मरीजों का आउटडोर 1300 के पार

एक वर्ष पहले
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प्रदेशभर में कोरोना वायरस की दहशत के बीच अब मौसमी बीमारियों की एंट्री ने चिकित्सा विभाग की चिंता बढ़ा दी है। मौसमी बीमारियों ने जहां उपखंड वासियों को जकड़ना शुरू कर दिया है वहीं सर्दी, जुकाम से पीड़ित व्यक्ति के लक्षण कोरोना वायरस से मिलते जुलते होने की वजह से विभाग ने एहतियात बरतना शुरू कर दिया है। इस समय मौसमी परिवर्तन, तापमान में बढ़ोतरी और गिरावट के बाद हो रही बारिश की वजह से मौसमी बीमारियों के रोगियों में बेतहाशा वृद्धि हुई है।

एक हजार आउटडोर वाले राजकीय यज्ञनारायण अस्पताल में वर्तमान में रोगियों की संख्या 1300 के पार पहुंच गई है। मौसमी बीमारी में सबसे ज्यादा रोगी डायरिया, बुखार, जुकाम, खांसी और बदन दर्द के ज्यादा है। डॉक्टर लगातार मरीजों को सावधानी अौर बचाव के लिए जागरूक कर रहे है। बुधवार काे आउटडोर में 1339 मरीज अस्पताल में इलाज के लिए अाए। भास्कर ने गुरुवार को राजकीय यज्ञनारायण अस्पताल की स्थिति का जायजा लिया तो यहीं अालम देखने काे मिला। मरीजों की लंबी कतारें नजर आई। शहरी ही नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों पर भी मरीजों की ओपीडी में इजाफा हुआ है। ग्रामीण लोग भी तापमान की बढ़ोतरी और गिरावट से बुखार की चपेट में आ रहे हैं।

मरीजों को मास्क लगाने की दे रहे हैं हिदायत

पिछले सात दिन में मौसमी बीमारियों की रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। खासकर डायरिया और खांसी जुकाम के रोगी ज्यादा है। बार-बार उल्टी होना भी वायरल का ही असर है। आउटडोर के अलावा इनडोर में भी वार्ड मरीजों से भर गए है। अस्पताल में हर जगह मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिल रही है। सुबह ओपीडी की पर्ची कटवाने, डॉक्टर कक्ष के बाहर, जांच केंद्र और पर्ची कटवाने तक मरीजों की लंबी कतारें नजर आ रही है। बच्चे भी बीमारी से ग्रसित हो रहे है। इनडोर में शिशु वार्ड, जनरल वार्ड सहित अन्य वार्ड फुल हो रहे है। भीड़ को देखते हुए डॉक्टर मरीजों को मास्क लगाने की हिदायत दे रहे हैं।

यह है बीमारी का कारण

पिछले सात दिनों से लगातार मौसम के तापमान में बदलाव देखने को मिल रही है। 6 मार्च को रुक रूककर बारिश हुई। इससे तापमान में गिरावट हुई और अचानक फिर से सर्दी बढ़ गई। इसके बाद 9 अौर 10 मार्च को भी बारिश हुई। गर्मी समझकर लोगों ने गर्म कपड़े पहनना छोड़ दिया। इससे वे तेजी से मौसम में बदलाव की वजह से बीमारी की चपेट में आ गए। बारिश के समय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता और पाचन क्रिया कमजोर होने से डायरिया के रोगी ज्यादा बढ़ रहे है। दिन में तेज धूप और सुबह शाम चलने वाली ठंडी हवाओं की चपेट में आने से भी लोग बीमार पड़ रहे है।

इनका कहना है

मौसम में बदलाव की वजह से मौसमी बीमारियांे के रोगी बढ़े है। आने वाले मरीजों को तुरंत उपचार दिया जा रहा है। इस मौसम में बचाव करना ज्यादा जरूरी है।
डॉ. अशोक जैन, पीएमओ

बारिश और तापमान गिरने पर कोराेना का खतरा बढ़ने की संभावना

विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना वायरस का असर तापमान में बढ़ोतरी और तेज धूप के साथ ही नष्ट हो जाता है। लेकिन प्रदेश में कोरोना वायरस के रोगी सामने आने के बाद हरकत में आए चिकित्सा विभाग के सामने मौसम में हो रहा परिवर्तन चिंता का कारण बना हुआ है। बारिश के बाद नमी और तापमान में कमी की वजह से कोरोना वायरस के बेक्टीरिया हवा के साथ फैल जाते है। कहीं पर छूने पर वहां जमा हो जाते है। ऐसे में अब तेज गर्मी में इस वायरस के खत्म होने की उम्मीद बन सकती है।

जाती हुई सर्दी सबसे खतरनाक

विशेषज्ञों की माने तो इस बार सर्दी का असर लंबा रहा है। होली के बाद तक तापमान में गिरावट का दौर जारी है। जगह-जगह ओलावृष्टि ने भी फसलों के साथ स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाया है। ऐसे में जाती हुई सर्दी ज्यादा खतरनाक है। इससे सावधानी बरतना आवश्यकता है। जानकारों का कहना है कि वर्तमान समय में ओढ़ने, पहनने का विशेष ध्यान रखंे। इस मौसम में एक स्वेटर पहनकर जरूर रखें। गर्मी लगने पर पसीना ना आने दें। ठंडे पेय पदार्थ का सेवन नहीं करें। रात के समय पंखा या कूलर नहीं चलाएं। गर्मी बढ़ने के साथ ही मार्केट के तले-भुने और मसालेदार खाने को अवॉइड करें। ठेलों में बिकने वाले जूस के बजाय फल खाएं। गर्मी में गोलगप्पे या चाट जैसे फूड से बचें। फ्रिज में 24 घंटे से ज्यादा समय तक रखी चीजों को ना खाएं। लिक्विड फॉर्म में सबसे बेहतर नींबू पानी, नारियल पानी और छाछ है। फ्रिज का ठंडा पानी पीने से बचें।

मदनगंज-किशनगढ़. राजकीय यज्ञनारायण अस्पताल के आउटडोर में लगी मरीजों की लंबी कतारें।

मरीजों की जांच करते चिकित्सक।

सर्दी, जुकाम से पीड़ित व्यक्ति के लक्षण कोरोना वायरस से मिलते जुलते होने की वजह से चिकित्सा विभाग ने िकया एहतियात बरतना शुरू, अस्पताल में पहले आ रहे रोजाना 1000 मरीज
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