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अब शावक के भी मिले पदचिह्न, वन विभाग की बढ़ी मुश्किलें, 3 टीमें भेजी
वन विभाग की टीम चार दिनाें से सुरसुरा और हरमाड़ा के बीच खेतों में पैंथर को नहीं ढूंढ पाई। अब उसके शावक के पगमार्क मिलने से विभाग के पसीने छूट गए। अब विभाग के सामने इन दोनों को पकड़ने की समस्या खड़ी हो गई है। इसकी वजह सरकारी नियम होना है। पैंथर के साथ शावक मिलने के बाद अब विभाग पिंजरा लगाकर नहीं पकड़ सकती। पिंजरा लगाया भी जाता है तो उसमें किसी मृत या जीवित जानकर को नहीं रखा जा सकता। ऐसे में विभाग ने तीन और टीमें तैनात कर पैंथर और उसके शावक की तलाश शुरू कर दी है। कुल पांच टीमें पैंथर की तलाश में जुटी है। हालांकि चार दिन से तैनात वन विभाग की टीम का सामना अब तक पैंथर से नहीं हुआ है। विभागीय अधिकारियों की माने तो संभवत: शिकार की तलाश में पैंथर दूदू क्षेत्र की तरफ निकल गया है। फिर भी ऐहतियात के तौर पर टीमें दिन रात अलग-अलग शिफ्ट में पैंथर की आहट की उम्मीद में निगरानी कर रही है। मालूम हो कि चार दिन पूर्व सुरसुरा आैर हरमाड़ा मार्ग पर देर रात पैंथर ने दो बछड़ों का शिकार किया था। वन विभाग की जांच में पैंथर के पगमार्क भी मिले है।
दो टीमें और बढ़ाई
पैंथर के साथ शावक के पदचिह्न मिलने के बाद हरकत में आए वन विभाग ने दो और टीमें बढ़ाकर सुरसुरा क्षेत्र में भेजा। वर्तमान में पांच टीमें तलाशी में जुटी है। एक टीम में करीब चार से पांच वनकर्मी है। चार दिनों से लगातार मॉनिटरिंग के बावजूद अब तक टीमों को कहीं पैंथर नजर नहीं आया। क्षेत्रीय वन अधिकारी अमरसिंह चौधरी का कहना है कि चार दिन तक मॉनिटरिंग के बाद ना तो वन विभाग की टीम को पैंथर कहीं नजर आया। पैंथर दूदू क्षेत्र की तरफ निकल गया। वन विभाग की टीमों के पास ट्रेंक्यूलाइजर मशीन तक नहीं है।
शावक के मिले पदचिह्न
वन विभाग की टीम बड़े पैंथर की तलाश में सुरसुरा के खेत व आसपास के जंगलों में तलाश कर रही थी। शुक्रवार देर शाम को टीम को बड़े पैंथर के पगमार्क के साथ उसके शावक के पदचिह्न भी नजर आए। पदचिह्न दिखते ही टीम के होश उड़ गए। यानि यह स्पष्ट हो गया कि संभवत: मादा पैंथर अपने शावक के साथ शिकार के लिए निकली है। नियमानुसार पैंथर के साथ उसके शावक मिलने पर उसे पकड़ने के लिए पिंजरे का प्रयोग नहीं कर सकते। अगर फिर भी पिंजरा लगाया जाता है तो पैंथर को आकर्षित करने के लिए मृत या जीवित जानवर को नहीं रख सकते।
किशनगढ़. शावक व पैंथर के लिए लगाया गया पिंजरा तथा शावक के मिले पदचिन्ह।