- Hindi News
- National
- Arain News Rajasthan News Team Engaged In Physical Verification Of Bad Crops
खराब फसलों के भौतिक सत्यापन में जुटी टीम
किशनगढ़ उपखण्ड में पिछले दिनों बेमौसम की बारिश और ओले गिरने से फसलों को भारी नुकसान हुआ था। अचानक हुई बारिश की वजह से करीब 4 हजार हैक्टर फसलें खराब होने की संभावना जताई जा रही है। पटवारी एवं गिरदावर फसल खराबे का आंकलन कर रहे है। विभाग की ओर से जिन काश्तकारों की फसलें खराब हुई हैं उनसे आवेदन मांगे जा रहे हैं। आवेदन के बाद तीन सदस्य टीम खराब फसलों का भौतिक सत्यापन कर मुआवजा राशि तय करेगी। सहायक कृषि अधिकारी गोपाल वर्मा ने बताया कि एेसे काश्तकारों से आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं जिनकी पिछले दिनों बारिश और ओलों की वजह से फसल खराब हो गई थी। रूपनगढ़, अरांई व सिलोरा सहित अन्य पंचायत समितियों में काश्तकार आवेदन कर रहे हैं। फसल खराबे का तीन सदस्य टीम भौतिक सत्यापन करेगी। इस टीम में कृषि विभाग, बीमा कंपनी और राजस्व विभाग का एक-एक प्रतिनिधि होगा। टीम मौके पर पहुंचकर चौपट हुई फसलों की जानकारी जुटाएंगे। इसके बाद ही काश्तकार की मुआवजा राशि तय की जाएगी।
रबी की फसलें गेहूं, जौ, चना और सरसों की फसल पक कर तैयार हो चुकी थी। बताया जाता है कि कुछ किसानों ने फसल पकने के बाद काट कर खुले खेत में ही रख दी थी। ऐसे किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ था। पिछले दिनों हुई बारिश ने किसानों की बढ़ा दी थी मुश्किलें उपखण्ड के किसानों को इस बार गेंहूं और चना की अच्छी फसल होने की उम्मीद थी। 6 फरवरी को बारिश ओला वृष्टि की वजह से करीब 4000 हेक्टयेर फसलें प्रभावित हुई थी। किशनगढ़ उपखण्ड अधिकारी देवेंद्र कुमार यादव ने पटवारी और गिरदावर को फसल खराबे का आंकलन करने के निर्देश दिए थे।
सरकार से मुआवजे की आस
किशनगढ़ उपखण्ड के काश्तकारों को सरकार से उम्मीद है कि समय पर खराबा फसलों की गिरदावरी करवाकर उन्हें मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी। कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष गेहूं की फसल 1200, जौ की फसल 1150 सरसों 200 हैक्टेयर फसलों की बुवाई की गई थी। मानसून अच्छा होने की वजह से अधिक पैदावार की उम्मीद थी।