ब्याजखोरों के चंगुल में फंसे हैं हजारों लोग

Kishangarh News - भास्कर न्यूज | मदनगंज-किशनगढ़ ब्याजखोरों से परेशान होकर शंभू सिंह द्वारा आत्महत्या करने का शहर में यह पहला...

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 09:15 AM IST
Kishangarh News - rajasthan news thousands of people are stranded in the clutches of interest lovers
भास्कर न्यूज | मदनगंज-किशनगढ़

ब्याजखोरों से परेशान होकर शंभू सिंह द्वारा आत्महत्या करने का शहर में यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई लोग ब्याजखोरों से प्रताड़ित होकर आत्महत्या कर चुके हैं। व्यक्ति की जरूरत और मजबूरी का फायदा उठाकर पांच से दस रुपए सैकड़ा से ब्याज देने का गाेरखधंधा किशनगढ़ में लंबे समय से फल फूल रहा है।

पहले नजदीकी बढ़ाकर ब्याजखोर जरूरतमंदों को ब्याज के घिनौने दलदल में फंसाकर ब्याज के नाम पर उनसे मनमाना पैसा वसूल रहे है। समय पर ब्याज ना देने पर धमकाने के साथ ही मानसिक व शारीरिक रूप से असहनीय प्रताड़ना शुरू कर देते है। मजबूरी में पीड़ित का घर, बार बिक जाता है और परिवार तक बर्बाद हो जाते है। ब्याजखोरों के चंगुल में फंसे कई लोग अब तक अपनी जान गंवा चुके है। लेकिन आज तक इनके खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाए गए।

पिता ने की मदनगंज थाने में शिकायत

मदनगंज निवासी पिता ने बुधवार को मदनगंज थाना प्रभारी राजेंद्र खंडेलवाल के समय ब्याजखोरों की शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की है। शंभूसिंह की मृत्यु के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर विरोध जता रहे परिजनों के बीच अचानक एक पिता निकलकर सामने आया। पिता ने सीआई को बताया कि उसका पुत्र सोनू ब्याजखोरों से प्रताड़ित है। ब्याजखाेरांे ने मनमाना ब्याज वसूला और स्टाम्प और चेक लेकर धमकियां दे रहे हैं। हमें बर्बाद कर दिया। साेनू अवसाद में है और अस्पताल में भर्ती है। सीआई ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।

फाइनेंस कंपनी के नाम से भी चलाते हैं ब्याजखोर

शहर में ब्याज के नाम पर कई फाइनेंस कंपनियां चल रही हैं। जो स्टॉम्प, चैक या कीमती जेवरात रखकर ब्याज देते हैं। ब्याज लेने वालों से ये पहले खाली चैक और स्टाम्प रखवा लेते है। उसमें नियम शर्तें भी लिख देते हैं। इसके अलावा कई लोग सब्जी के ठेले, चाय की थड़ियां और रोजाना काम करने वाले गरीब मजदूर तक को प्रतिदिन के हिसाब से ब्याज देते है। उनसे प्रतिदिन ब्याज वसूलने के लिए लड़कों को भेजा जाता है।

ब्याजखोरों की शिकायत पुलिस को दें तत्काल

मदनगंज थाना प्रभारी राजेंद्र खंडेलवाल ने बताया कि ब्याजखोरों के चंगुल में नौजवानों को नहीं पड़ना चाहिए। लालच देकर मनमाने ब्याज पर राशि उधार नहीं लेनी चाहिए। मनमाने ढ़ंग से ब्याज पर रकम उधार देने के बाद प्रताड़ित करने जैसा कोई मामला है तो उसकी शिकायत तत्काल थाने में दर्ज कराएं। ब्याजखोरों की शिकायत थाने के 100 या 01463-244500 पर दे सकते हैं। सीआई ने कहा कि आत्महत्या जैसे कदम उठाने की बजाय पुलिस को शिकायत दें ताकि कार्रवाई की जा सके।

मदद के नाम पर फंसाते हैं नौजवानों को

ब्याज के खेले में फंसने वालाें में बारहवीं, कॉलेज स्टूडेंट्स यानि 20 से 30 साल तक के युवाओं की संख्या ज्यादा है। भोलेभाले नौजवानों से दोस्ती करके उनके हितैषी बनते है और धीरे-धीरे उन्हें मौज शौक कराकर उधार ब्याज पर पैसा देकर इस दलदल में फंसा देते है। एक बार फंसने के बाद ब्याजखोर उसे निर्धारित अवधि में ब्याज की राशि नहीं देने पर मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना देना शुरू कर देते है। पीड़ित से चेक लेकर उसके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए धमकाने जैसे मामले आते हैं। एक बार फंसने के बाद इस जलजले से बाहर निकलना नामुमकिन होता है।

ब्याज के चक्कर में फायरिंग तक हो चुकी है

ब्याजखोरों ने मनमाने ढंग वसूला और ब्याज नहीं चुकाने पर लोगों के घरों तक हड़प लिए। वर्ष 2013 में नया शहर में ब्याज नहीं देने पर ब्याजखोरों की ओर से फायरिंग तक की गई। हालांकि किशनगढ़ थाना पुलिस ने बाद में चार ब्याजखोरों को गिरफ्तार कर लिया था। वर्ष 2018 में फरासिया निवासी एक युवक ने ब्याजखोरों से परेशान होकर विषाक्त का सेवन कर लिया था और चार पांच लोगांे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। ब्याजखोरों द्वारा आए दिन मारपीट, झगड़े के मामले सामने आते हे।

ब्याजखोरों से प्रताड़ित शहर के प्रमुख चर्चित मामले

केस 1 |
29 सितंबर 2012 को जामा मस्जिद के पास रहने वाले पवन कुमार (40) ने ब्याजखोरों से परेशान होकर विषाक्त का सेवन कर लिया था। 6 अक्टूबर को उपचार के दौरान टेलर की मौत हो गई थी। पिता सूरजमल व मृतक की प|ी ने ब्याजखोरों के खिलाफ मदनगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपी विक्रम, विनोद, गोपाल, जगदीश को गिरफ्तार कर लिया था।

केस 2 | वर्ष 2012 में नया शहर मालियांे के मौहल्ले में एक युवक ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। किशनगढ़ थाना पुलिस को मृतक के कपड़ों से सुसाइड नोट मिला था। जिसमें मृतक के ब्याजखोरों से परेशान होकर आत्महत्या करने का जिक्र किया था। इस घटना के कुछ दिनांे बाद ही कृष्णापुरी में एक युवक ने ब्याजखोरों से परेशान होकर आत्महत्या की थी।

केस 3 | 2 मार्च 2013 को राजहंस कॉलोनी निवासी प्रोपर्टी डीलर सुशील कुमार सिंघवी (33) पुत्र रिखबचंद ने विषाक्त का सेवन कर लिया था। उसका शव ढाणी पुरोहित स्थित एक फार्म हाऊस में मिला था। मृतक के कपड़ों में मिले कागज के टुकड़े में ब्याजखोरों के नाम थे। परिजनों ने ब्याजखोरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

केस 4 | 7 मार्च 2014 को ऊंटड़ा रेलवे फाटक के पास सुबह 7.40 बजे सलेमाबाद निवासी अशोक सोनी (38) ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया था। घायल को अजमेर से जयपुर एसएमएस रैफर किया गया। पीड़ित ने ब्याजखोर से दुखी होकर आत्महत्या का कदम उठाने का आरोप लगाया था।

केस 5 | 11 जून 2019 को कृष्णापुरी निवासी शंभू सिंह (45) ने ब्याजखोरों से परेशान होकर विषाक्त का सेवन कर लिया। जिससे उनकी मौत हो गई थी। मृतक की जेब से मिले सुसाइड नोट में ब्याजखोरों का नाम लिखा था। मृतक ने सुसाइड नोट में आत्महत्या की वजह ब्याजखोरों द्वारा शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करना बताया।

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