--Advertisement--

खुद आठवीं तक ही पढ़ सकी, अब मजदूरों के 30 बच्चों को पढ़ा बना रही काबिल

भील समाज के बच्चों का पढ़ाई की तरफ रुझान बढ़े, इसलिए अकेले प्रयास कर रही महिला

Dainik Bhaskar

Dec 04, 2017, 08:06 AM IST
शहर के नयागांव में छोटे से मका शहर के नयागांव में छोटे से मका

कोटा. माता-पिता के साथ साइट पर जाकर खेलने की बजाय अब भील समाज के बच्चे भी हाथों में कॉपी-किताब लेकर पढ़ने जा रहे हैं। ये बदलाव किसी सरकारी प्रयास से नहीं आया, बल्कि इसी समाज की एक महिला मीना की कोशिश का नतीजा है। मीना टीचर बनना चाहती थी, लेकिन 8वीं के बाद घर के पास स्कूल नहीं होने से आगे नहीं पढ़ सकी। उन्होंने बच्चों को पढ़ाई की तरफ मोड़ना शुरू किया। खुद अपने मकान में उन बच्चों को पढ़ाना शुरू किया जो कभी स्कूल नहीं गए। शहर के नयागांव में छोटे से मकान के एक कमरे में वो 30 बच्चों को मुफ्त पढ़ाती हैं। साथ ही सरकारी स्कूल में भी उनका एडमिशन भी करवा रखा है।

बच्चों को इधर-उधर भटकता देख उठाया बीड़ा

- नयागांव व शिवपुरा क्षेत्र में भील समाज के काफी लोग हैं, जो लकड़ियां काटने व मजदूरी का काम करते हैं। उनके बच्चे दिनभर इधर-उधर भटकते रहते थे। इन बच्चों से पूछा कि वो स्कूल जाते हैं तो सभी ने मना कर दिया। उन्हें देखकर मानस बनाया कि वो खुद पढ़कर नौकरी नहीं कर पाई तो क्या, इन बच्चों को तो शिक्षित कर सकती हूं।

- ये बात पति लालचंद को बताई तो उन्होंने स्वीकृति दे दी। शुरू में दो-तीन बच्चों को पढ़ाना शुरू किया। धीरे-धीरे और बच्चे आने लगे। अब 30 बच्चे आते हैं, जिन्हें वो निशुल्क पढ़ाती हैं। उनकी उम्र के हिसाब से सरकारी स्कूल में दाखिला भी करवा दिया। खुद के एक लड़का और एक लड़की है, जिनका प्राइवेट स्कूल में पांचवीं व तीसरी कक्षा में एडमिशन करवा रखा है।

बकरियां चराते हुए जंगल में करती थी पढ़ाई

- मध्यप्रदेश के श्यामगढ़ क्षेत्र की रहने वाली मीना बताती हैं कि उनका मन शुरू से पढ़ाई करने का था। माता-पिता ने 8वीं तक पढ़ाई करवाई। उसके बाद स्कूल काफी दूर था तो 9वीं में एडमिशन नहीं करवाया।

- पढ़ाई की ललक के कारण मैं 9वीं में पढ़ने वाली सहेलियों से किताबें मांगकर जंगल में ले जाती थी। वहां बकरियों को छोड़कर पढ़ाई करती थी। उसके बाद मेरी शादी कोटा में हो गई। यहां भी मैंने पढ़ाई की इच्छा जताई, लेकिन ससुरालवालों ने मना कर दिया।

X
शहर के नयागांव में छोटे से मकाशहर के नयागांव में छोटे से मका
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..