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क्वालिटी के नाम पर MCI ने नीट में लादे 3 बेतुके आदेश, सबसे बड़े मेडिकल एग्जाम एम्स में ऐसा कुछ नहीं

दीपक आनंद | Last Modified - Feb 15, 2018, 07:13 AM IST

तुगलकी फरमान की वजह से नीट की तैयारी कर रहे देशभर के 15 हजार स्टूडेंट्स एक झटके में बाहर हो गए हैं।
क्वालिटी के नाम पर MCI ने नीट में लादे 3 बेतुके आदेश, सबसे बड़े मेडिकल एग्जाम एम्स में ऐसा कुछ नहीं

कोटा.मिनिस्ट्री ऑफ हैल्थ एंड फैमिली अफेयर और एमसीआई के तुगलकी फरमान की वजह से नीट की तैयारी कर रहे देशभर के 15 हजार स्टूडेंट्स एक झटके में बाहर हो गए हैं। इसमें 10 हजार स्टूडेंट्स तो 25 साल की आयु सीमा लागू होने से अयोग्य हो गए, शेष ओपन स्कूल, एडिशनल बॉयो और प्राइवेट पर रोक लगने से नीट नहीं दे पाएंगे। इस फैसले के लागू होने की टाइमिंग और प्रोसेस पर सवाल खड़े हो रहे हैं।


मेडिकल की सबसे बड़ी परीक्षा एम्स और जिपमर में भी आयु सीमा लागू नहीं है। ओपन स्कूल के स्टूडेंट्स भी दोनों ही मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम देने के लिए पात्र हैं। नीट से संबंधित यह दोनों आदेश सेशन के अंत में फरवरी में लागू किए गए हैं, जबकि स्टूडेंट जुलाई से मेडिकल एंट्रेंस की तैयारी शुरू कर देता है। आम तौर पर मेडिकल एंट्रेंस की तैयारी करने में 1450 घंटे लगते हैं। यानी 15 हजार स्टूडेंट्स की 2 करोड़ 17 लाख 50 हजार घंटे की मेहनत बेकार हो गई। अगर आयु सीमा के चलते कोटा के ही बाहर होने वाले 6 हजार स्टूडेंट्स का आंकड़ा जोड़ें तो इनके लगभग 120 करोड़ रुपए बर्बाद हो गए। मेडिकल एंट्रेंस की तैयारी करने वाले स्टूडेंट के साल भर में कम से कम 2 लाख रुपए खर्च होते हैं।

1. आदेर से निकाले आदेश : एमसीआई ने इस फैसले को लागू करने में टाइमिंग को नजरअंदाज किया। इन दोनों फैसलों को एंट्रेंस एग्जाम से मात्र 4 माह पहले लागू किया गया, जबकि बेहतर होता कि सेशन की शुरुआत में ही इसकी घोषणा हो जाती। एमसीआई ने परीक्षा की तारीख को देखकर सिफारिशें भेजी, जबकि उनको बच्चों की तैयारियां को देखकर निर्णय लेना था। अब स्टूडेंट्स के आगे सीमित कॅरिअर ऑप्शन हैं।

2. एएम्स के अलावा विकल्प खत्म: विदेश से एमबीबीएस करने के लिए नीट अनिवार्य करके अब एमसीआई ने ओपन स्कूलिंग, एडिशनल बॉयो और प्राइवेट स्टूडेंट्स के रास्ते बंद कर दिए। अब यह स्टूडेंट्स फिजियोथैरेपी, बीडीएस और आयुष भी नहीं कर सकेंगे। अब इनके पास एम्स के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।

3. विदेश से पढ़ने वालों पर कोई रोक नहीं : आयु व पात्रता के नियम से विदेश से एमबीबीएस करने पर तो रोक लगा दी है। लेकिन विदेश से एमबीबीएस करने वाला कोई भी स्टूडेंट भारत में एग्जिट एग्जाम देकर यहां प्रैक्टिस कर सकता है। भले ही उसकी आयु कितनी भी अधिक हो।

महाराष्ट्र में बीएससी नर्सिंग के लिए भी नीट जरूरी
महाराष्ट्र सरकार ने तो अब बीएससी नर्सिंग के लिए भी नीट अनिवार्य कर दिया है। इसके बाद स्टूडेंट्स के पास महाराष्ट्र से बीएससी नर्सिंग का विकल्प भी खत्म हो गया है। बीएससी नर्सिंग का काम नर्सिंग स्टूडेंट्स को पढ़ाने का होता है। जो स्टूडेंट्स एमबीबीएस में एडमिशन नहीं ले पाते थे उनके लिए ये बढ़िया कॅरिअर ऑप्शन था।

ओपन स्कूल स्टूडेंट्स की परफॉर्मेंस

बोर्डरजिस्टर्डअपीयर्डक्वालीफाई
एनआईओएस29582710864
हरियाणा ओपन स्कूल17516159
हरियाणा ओपन स्कूल585531
एमपी स्टेट ओपन15614619
आंध्रप्रदेश ओपन12911659
बिहार ओपन बोर्ड822780351
बिहार ओपन बोर्ड16216229
कुल446041141412

अब जानिए एम्स और नीट की परीक्षा में अंतर

एम्सनीट
समय3.30 घंटे3 घंटे
सवाल200180
विषयसाइंस-बॉयो लैंग्वेज व मेंटल एबिलिटीफिजिक्स, बॉयो व केमेस्ट्री
पैटर्नऑब्जेक्टिव (मल्टीपल च्वाइस, रीजन व एसर्शन)ऑब्जेक्टिव
मोडऑनलाइनऑफलाइन
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Web Title: kvaaliti ke naam par MCI ne nit mein laade 3 betuke aadesh, sabse bड़e medical egajaam ems mein aisaa kuchh nahi
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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