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क्वालिटी के नाम पर MCI ने नीट में लादे 3 बेतुके आदेश, सबसे बड़े मेडिकल एग्जाम एम्स में ऐसा कुछ नहीं

तुगलकी फरमान की वजह से नीट की तैयारी कर रहे देशभर के 15 हजार स्टूडेंट्स एक झटके में बाहर हो गए हैं।

Dainik Bhaskar

Feb 15, 2018, 05:56 AM IST
15 thousand students out of control

कोटा. मिनिस्ट्री ऑफ हैल्थ एंड फैमिली अफेयर और एमसीआई के तुगलकी फरमान की वजह से नीट की तैयारी कर रहे देशभर के 15 हजार स्टूडेंट्स एक झटके में बाहर हो गए हैं। इसमें 10 हजार स्टूडेंट्स तो 25 साल की आयु सीमा लागू होने से अयोग्य हो गए, शेष ओपन स्कूल, एडिशनल बॉयो और प्राइवेट पर रोक लगने से नीट नहीं दे पाएंगे। इस फैसले के लागू होने की टाइमिंग और प्रोसेस पर सवाल खड़े हो रहे हैं।


मेडिकल की सबसे बड़ी परीक्षा एम्स और जिपमर में भी आयु सीमा लागू नहीं है। ओपन स्कूल के स्टूडेंट्स भी दोनों ही मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम देने के लिए पात्र हैं। नीट से संबंधित यह दोनों आदेश सेशन के अंत में फरवरी में लागू किए गए हैं, जबकि स्टूडेंट जुलाई से मेडिकल एंट्रेंस की तैयारी शुरू कर देता है। आम तौर पर मेडिकल एंट्रेंस की तैयारी करने में 1450 घंटे लगते हैं। यानी 15 हजार स्टूडेंट्स की 2 करोड़ 17 लाख 50 हजार घंटे की मेहनत बेकार हो गई। अगर आयु सीमा के चलते कोटा के ही बाहर होने वाले 6 हजार स्टूडेंट्स का आंकड़ा जोड़ें तो इनके लगभग 120 करोड़ रुपए बर्बाद हो गए। मेडिकल एंट्रेंस की तैयारी करने वाले स्टूडेंट के साल भर में कम से कम 2 लाख रुपए खर्च होते हैं।

1. आदेर से निकाले आदेश : एमसीआई ने इस फैसले को लागू करने में टाइमिंग को नजरअंदाज किया। इन दोनों फैसलों को एंट्रेंस एग्जाम से मात्र 4 माह पहले लागू किया गया, जबकि बेहतर होता कि सेशन की शुरुआत में ही इसकी घोषणा हो जाती। एमसीआई ने परीक्षा की तारीख को देखकर सिफारिशें भेजी, जबकि उनको बच्चों की तैयारियां को देखकर निर्णय लेना था। अब स्टूडेंट्स के आगे सीमित कॅरिअर ऑप्शन हैं।

2. एएम्स के अलावा विकल्प खत्म : विदेश से एमबीबीएस करने के लिए नीट अनिवार्य करके अब एमसीआई ने ओपन स्कूलिंग, एडिशनल बॉयो और प्राइवेट स्टूडेंट्स के रास्ते बंद कर दिए। अब यह स्टूडेंट्स फिजियोथैरेपी, बीडीएस और आयुष भी नहीं कर सकेंगे। अब इनके पास एम्स के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।

3. विदेश से पढ़ने वालों पर कोई रोक नहीं : आयु व पात्रता के नियम से विदेश से एमबीबीएस करने पर तो रोक लगा दी है। लेकिन विदेश से एमबीबीएस करने वाला कोई भी स्टूडेंट भारत में एग्जिट एग्जाम देकर यहां प्रैक्टिस कर सकता है। भले ही उसकी आयु कितनी भी अधिक हो।

महाराष्ट्र में बीएससी नर्सिंग के लिए भी नीट जरूरी
महाराष्ट्र सरकार ने तो अब बीएससी नर्सिंग के लिए भी नीट अनिवार्य कर दिया है। इसके बाद स्टूडेंट्स के पास महाराष्ट्र से बीएससी नर्सिंग का विकल्प भी खत्म हो गया है। बीएससी नर्सिंग का काम नर्सिंग स्टूडेंट्स को पढ़ाने का होता है। जो स्टूडेंट्स एमबीबीएस में एडमिशन नहीं ले पाते थे उनके लिए ये बढ़िया कॅरिअर ऑप्शन था।

ओपन स्कूल स्टूडेंट्स की परफॉर्मेंस

बोर्ड रजिस्टर्ड अपीयर्ड क्वालीफाई
एनआईओएस 2958 2710 864
हरियाणा ओपन स्कूल 175 161 59
हरियाणा ओपन स्कूल 58 55 31
एमपी स्टेट ओपन 156 146 19
आंध्रप्रदेश ओपन 129 116 59
बिहार ओपन बोर्ड 822 780 351
बिहार ओपन बोर्ड 162 162 29
कुल 4460 4114 1412

अब जानिए एम्स और नीट की परीक्षा में अंतर

एम्स नीट
समय 3.30 घंटे 3 घंटे
सवाल 200 180
विषय साइंस-बॉयो लैंग्वेज व मेंटल एबिलिटी फिजिक्स, बॉयो व केमेस्ट्री
पैटर्न ऑब्जेक्टिव (मल्टीपल च्वाइस, रीजन व एसर्शन) ऑब्जेक्टिव
मोड ऑनलाइन ऑफलाइन

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15 thousand students out of control
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