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सगाई के बाद टूट गया था रिश्ता, मंगेतर ने लड़की को चाकू से गोद डाला

सिरफिरे लड़के ने अपनी मंगेतर का चाकू से ताबड़तोड़ वार कर मर्डर कर दिया।

Dainik Bhaskar

Dec 08, 2017, 11:56 PM IST
राजस्थान के कोटा का मामला- प्रेमी-प्रेमिका की कुछ दिन पहले ही सगाई हुई थी। प्रेमी साबिर का चाल-चलन ठीक नहीं होने के कराण प्रेमिका शाहीनूर के परिजनों ने रिश्ता तोड़ दिया था। गुस्साए आरोपी ने शाहीनूर की छाती पर चाकू से 11 वार किए। राजस्थान के कोटा का मामला- प्रेमी-प्रेमिका की कुछ दिन पहले ही सगाई हुई थी। प्रेमी साबिर का चाल-चलन ठीक नहीं होने के कराण प्रेमिका शाहीनूर के परिजनों ने रिश्ता तोड़ दिया था। गुस्साए आरोपी ने शाहीनूर की छाती पर चाकू से 11 वार किए।

कोटा. सगाई टूटने से नाराज सिरफिरे प्रेमी साबिर ने शुक्रवार को ट्यूशन जा रही लड़की शाहीनूर पर चाकू से करीब 11 वार करके बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। साबिर ने तब तक चाकू मारे जब ​तक उसने दम नहीं तोड़ दिया। कुछ महीनों पहले दोनों की सगाई हुई थी, लेकिन साबिर का चाल-चलन ठीक नहीं होने से शाहीनूर के परिजनों ने सगाई तोड़ दी थी। इससे वह नाराज था। उसने पहले पूरी प्लानिंग की और बाइक से आया। जब युवती ट्यूशन के लिए निकली तो उसे पीछे से पकड़कर उस पर चाकुओं से वार कर दिए। जब मोहल्ले में चीख-पुकार हुई तो युवक बाइक वहां पर ही छोड़कर भाग गया।

- दरअसल, भीमगंजमंडी थाना स्थित नेहरू नगर में रहने वाली शाहीनूर उर्फ शीनू (18) पुत्री असलम 12वीं कक्षा की छात्रा थी। वह उर्दू की पढ़ाई करने के लिए ट्यूशन भी जाती थी।

- साबिर फ्रेब्रिकेशन का काम करता था।

- सगाई के बाद शादी की तैयारियों के बीच शाहीनूर के रिश्तेदारों से पता चला कि साबिर सही लड़का नहीं हैं। इस पर खोजबीन शुरू की तो पता चला कि साबिर नशेड़ी और बदमाश है। हालांकि, साबिर के खिलाफ थाने में कोई मुकदमा दर्ज नहीं था, लेकिन परिजनों ने कुछ ही समय पहले दोनों का रिश्ता तोड़ दिया।

मामा बोले- हमने साबिर को समझाया था कि वो शाहीनूर को परेशान नहीं करे
- मामा इमरान पूरे समय एमबीएस में शाहीनूर के परिजनों के साथ रहे और उनकी मौजूदगी में ही शव का पोस्टमॉर्टम हुआ।

- इमरान ने बताया कि शाहीनूर ने मुझे व परिजनों को बताया था कि साबिर उसे परेशान करता है। मोबाइल पर फोन लगाता है।

- परिजनों ने इस पर साबिर को समझाया था कि उनकी शादी कैंसिल हो चुकी है इसलिए वो शाहीनूर से दूरी रखे। उसे परेशान नहीं करे। परिजनों ने बदनामी से बचने के लिए इसकी सूचना पुलिस को नहीं दी थी।

- इमरान ने बताया कि उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि साबिर ऐसा कदम उठा सकता है।

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साबिर को चाकू मारते देख मैंने चीखने की कोशिश की लेकिन डर के कारण आवाज नहीं निकली, गिरते-पड़ते पहुंची घर
''दोपहर करीब 2.30 से 3 बजे के बीच का समय था। मैं बड़ी बहन शाहीनूर के साथ उर्दू क्लास की ट्यूशन के लिए निकली थी। हम दोनों घर से करीब 200 मीटर दूर दूसरी गली में पहुंच चुके थे। इस गली में शाहीनूर की मौसी का मकान है, इसलिए हम अक्सर इसी गली से जाते-आते थे। हम दोनों जैसे ही गली में घुसे दीदी ने साबिर को देख लिया था। वो मुझसे बोली- थोड़ा तेज-तेज कदम बढ़ाओ, पीछे कोई आ रहा है। मैंने पीछे मुड़कर देखा तो साबिर था। इसी बीच दीदी ने परिजनों को फोन लगाने के लिए मोबाइल हाथ में ले लिया था। शायद फोन लगा भी दिया था... मुझे पूरा पता नहीं है। हम दोनों तेज-तेज कदमों से मौसी के मकान तक पहुंचे ही थे कि साबिर भागता हुआ आया और दीदी को पीछे से गला दबाते हुए पकड़ लिया। मैं इतना घबरा गई थी कि मुझे कुछ नहीं सूझा। मैं चिल्लाना चाहती थी, लेकिन साबिर के हाथ में चाकू देखकर मैं डर गई और चिल्ला नहीं पाई। इसी दौरान साबिर ने चाकू से दीदी के सीने पर ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिए। वो छटपटाते हुए बचने की कोशिश कर रही थी, लेकिन कुछ नहीं कर सकी क्योंकि साबिर ने उसे पूरी ताकत से पकड़ा हुआ था। चिल्लाने की आवाज सुनकर मौसी के घर की छत पर कोई आया था, लेकिन कौन था मुझे नहीं पता। शायद मौसी ही थी। घर ज्यादा दूर नहीं था और मुझे खुद को बचाना था इसलिए मैं घर पर परिजनों को बुलाने दौड़ी। मैं जब तक वापस आई दीदी सड़क पर खामोश पड़ी थी।''

उसके सिर पर खून सवार था, वो जब दीदी को चाकू मार रहा था तो मैंने चिल्लाकर लोगों को इकट्‌ठा किया

''जिस उर्दू की क्लास में दीदी पढ़ती है, मैं भी वहीं पढ़ता हूं। मैं उनसे बहुत छोटा हूं, लेकिन उर्दू क्लास साथ पढ़ने से मैं उनको और पूरे परिवार को जानता हूं। मैं उनको दीदी कहकर बुलाता था। दोपहर करीब 3 बजे मैं भी उर्दू की क्लास के लिए घर से निकला था और जिस गली में हत्या हुई उसी गली से जा रहा था। मैं जैसे ही गली में घुसा तो मैंने देखा कि साबिर दीदी को चाकू से ताबड़तोड़ मारे जा रहा है। उसके सिर पर खून सवार था, मैं उसे देखकर काफी डर गया। मैं सन्न रह गया और कुछ न कर सका। बस, मैं जोर-जोर से चिल्लाने लगा और लोगों को इकट्ठा करने लगा। कुछ देर बार पूरी सड़क खून से सनी थी लेकिन वो फरार था।''
(सुरक्षा कारणों से भास्कर शाहीनूर की दूर की बहन और दूसरे मुख्य गवाह का नाम प्रकाशित नहीं कर रहा है।)

पूरी प्लानिंग करके आया, बाइक छोड़ पैदल ही दौड़ा हत्यारा
- साबिर ने शाहीनूर को मारने की पहले से पूरी प्लानिंग कर रखी थी। वो चाकू कहां से लाया और गली में हत्या की प्लानिंग कैसे की, इसकी पुलिस जांच कर रही है।

- साबिर बोरखेड़ा में रहता है और हत्या करने के लिए बाइक से आया था। वारदात के बाद अपनी बाइक छोड़कर फरार हो गया।

- पुलिस ने मुखबिरों और टेक्निकल इन्वेस्टिगेशन के आधार पर बदमाश को मुर्गीफार्म के पास से दबोच लिया। जहां से वो पकड़ा गया, उसके बाद चंबल नदी का एरिया शुरू हो जाता है। वो चंबल के इलाके में छुपना चाहता था।

- सीआई रामखिलाड़ी ने बताया कि बदमाश साबिर को देर रात गिरफ्तार कर लिया गया।

प्रेमी साबिर शाहीनूर पर चाकू से वार करता रहा जब तक उसने दम नहीं तोड़ दिया। लोग घटना देख चीखने और चिल्लाने लगे तो वो बाइक छोड़ भाग गया। प्रेमी साबिर शाहीनूर पर चाकू से वार करता रहा जब तक उसने दम नहीं तोड़ दिया। लोग घटना देख चीखने और चिल्लाने लगे तो वो बाइक छोड़ भाग गया।
शाहीनूर की उम्र 18 साल थी और वो 12वीं की छात्रा थी। वह हर दिन उर्दू की ट्यूशन के लिए जाती थी। साबिर फ्रेब्रिकेशन का काम था। सगाई के बाद शाहीनूर के परिजनों को पता चला कि वो नशेड़ी है। शाहीनूर की उम्र 18 साल थी और वो 12वीं की छात्रा थी। वह हर दिन उर्दू की ट्यूशन के लिए जाती थी। साबिर फ्रेब्रिकेशन का काम था। सगाई के बाद शाहीनूर के परिजनों को पता चला कि वो नशेड़ी है।
सगाई टूटने के बाद साबिर ने शाहीनूर को परेशान करना शुरू कर दिया। ये बात शाहीनूर ने घरवालों को बताई तो उन्होंने साबिर को ऐसा करने से मना किया। सगाई टूटने के बाद साबिर ने शाहीनूर को परेशान करना शुरू कर दिया। ये बात शाहीनूर ने घरवालों को बताई तो उन्होंने साबिर को ऐसा करने से मना किया।
घटना के समय शाहीनूर की छोटी बहन भी उसके साथ थी। उसने बताया कि हम दोनों जैसे ही गली में घुसे दीदी ने साबिर को देख लिया था। वो मुझसे बोली- थोड़ा तेज-तेज कदम बढ़ाओ, पीछे कोई आ रहा है। घटना के समय शाहीनूर की छोटी बहन भी उसके साथ थी। उसने बताया कि हम दोनों जैसे ही गली में घुसे दीदी ने साबिर को देख लिया था। वो मुझसे बोली- थोड़ा तेज-तेज कदम बढ़ाओ, पीछे कोई आ रहा है।
शाहीनूर की छोटी बहन ने कहा- साबिर पीछे से आया और दीदी का गला पकड़ लिया। फिर उसने चाकू निकाल दीदी के सीने में मारना शुरू कर दिए। शाहीनूर की छोटी बहन ने कहा- साबिर पीछे से आया और दीदी का गला पकड़ लिया। फिर उसने चाकू निकाल दीदी के सीने में मारना शुरू कर दिए।
अस्पताल में शाहीनूर की मां। अस्पताल में शाहीनूर की मां।
अस्पताल में मृतका के परिजन। अस्पताल में मृतका के परिजन।
घटनास्थल पर जमा लोग। घटनास्थल पर जमा लोग।
पीएम के बाद शाहीनूर का शव घर ले जाते परिजन। पीएम के बाद शाहीनूर का शव घर ले जाते परिजन।
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राजस्थान के कोटा का मामला- प्रेमी-प्रेमिका की कुछ दिन पहले ही सगाई हुई थी। प्रेमी साबिर का चाल-चलन ठीक नहीं होने के कराण प्रेमिका शाहीनूर के परिजनों ने रिश्ता तोड़ दिया था। गुस्साए आरोपी ने शाहीनूर की छाती पर चाकू से 11 वार किए।राजस्थान के कोटा का मामला- प्रेमी-प्रेमिका की कुछ दिन पहले ही सगाई हुई थी। प्रेमी साबिर का चाल-चलन ठीक नहीं होने के कराण प्रेमिका शाहीनूर के परिजनों ने रिश्ता तोड़ दिया था। गुस्साए आरोपी ने शाहीनूर की छाती पर चाकू से 11 वार किए।
प्रेमी साबिर शाहीनूर पर चाकू से वार करता रहा जब तक उसने दम नहीं तोड़ दिया। लोग घटना देख चीखने और चिल्लाने लगे तो वो बाइक छोड़ भाग गया।प्रेमी साबिर शाहीनूर पर चाकू से वार करता रहा जब तक उसने दम नहीं तोड़ दिया। लोग घटना देख चीखने और चिल्लाने लगे तो वो बाइक छोड़ भाग गया।
शाहीनूर की उम्र 18 साल थी और वो 12वीं की छात्रा थी। वह हर दिन उर्दू की ट्यूशन के लिए जाती थी। साबिर फ्रेब्रिकेशन का काम था। सगाई के बाद शाहीनूर के परिजनों को पता चला कि वो नशेड़ी है।शाहीनूर की उम्र 18 साल थी और वो 12वीं की छात्रा थी। वह हर दिन उर्दू की ट्यूशन के लिए जाती थी। साबिर फ्रेब्रिकेशन का काम था। सगाई के बाद शाहीनूर के परिजनों को पता चला कि वो नशेड़ी है।
सगाई टूटने के बाद साबिर ने शाहीनूर को परेशान करना शुरू कर दिया। ये बात शाहीनूर ने घरवालों को बताई तो उन्होंने साबिर को ऐसा करने से मना किया।सगाई टूटने के बाद साबिर ने शाहीनूर को परेशान करना शुरू कर दिया। ये बात शाहीनूर ने घरवालों को बताई तो उन्होंने साबिर को ऐसा करने से मना किया।
घटना के समय शाहीनूर की छोटी बहन भी उसके साथ थी। उसने बताया कि हम दोनों जैसे ही गली में घुसे दीदी ने साबिर को देख लिया था। वो मुझसे बोली- थोड़ा तेज-तेज कदम बढ़ाओ, पीछे कोई आ रहा है।घटना के समय शाहीनूर की छोटी बहन भी उसके साथ थी। उसने बताया कि हम दोनों जैसे ही गली में घुसे दीदी ने साबिर को देख लिया था। वो मुझसे बोली- थोड़ा तेज-तेज कदम बढ़ाओ, पीछे कोई आ रहा है।
शाहीनूर की छोटी बहन ने कहा- साबिर पीछे से आया और दीदी का गला पकड़ लिया। फिर उसने चाकू निकाल दीदी के सीने में मारना शुरू कर दिए।शाहीनूर की छोटी बहन ने कहा- साबिर पीछे से आया और दीदी का गला पकड़ लिया। फिर उसने चाकू निकाल दीदी के सीने में मारना शुरू कर दिए।
अस्पताल में शाहीनूर की मां।अस्पताल में शाहीनूर की मां।
अस्पताल में मृतका के परिजन।अस्पताल में मृतका के परिजन।
घटनास्थल पर जमा लोग।घटनास्थल पर जमा लोग।
पीएम के बाद शाहीनूर का शव घर ले जाते परिजन।पीएम के बाद शाहीनूर का शव घर ले जाते परिजन।
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