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भास्कर की नई पहल: BJP विधायकों को लाए जनता के सामने हमारे शहर से जुड़े सवालों के जवाब दिए

मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का विधायकों ने आश्वासन दिया।

Danik Bhaskar | Dec 13, 2017, 07:47 AM IST

कोटा. राज्य में भाजपा सरकार के 4 साल पूरे होने पर मंगलवार को आम जनता ने पहली बार अपने विधायकों से सीधे सवाल किए। जनता और जनप्रतिनिधियों को ये मंच उपलब्ध करवाया दैनिक भास्कर ने। उम्मेद क्लब में हुए इस कार्यक्रम में शहर के प्रबुद्धजनों ने शहर की आम समस्याओं से लेकर शहर के विकास के बारे में विधायक प्रहलाद गुंजल, संदीप शर्मा, हीरालाल नागर व भाजपा जिलाध्यक्ष हेमंत विजयवर्गीय से सवाल किए।

जनता ने शहर की सफाई व्यवस्था चौपट होने से लेकर डेंगू व स्वाइन फ्लू की मौतों पर प्रशासन द्वारा पर्दा डालने तथा आईएल में तालाबंदी से लेकर कोटा के लिए कोई नई उद्योग नीति नहीं लाने तक पर विधायकों को घेरा। काॅलेज शिक्षा के बिगड़ते ढांचे को सुधारने, नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने, प्रथम पीठ मथुराधीश मंदिर के आसपास के क्षेत्र को विकसित करने, कोचिंग क्षेत्र में फुटओवर ब्रिज बनाने, सोलर ऊर्जा को प्रमोट करने आदि मांग भी उठाई। इन मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का विधायकों ने आश्वासन दिया।

जेडीबी कॉलेज में 1600 बेटियों के लिए 6 लेक्चरर : छात्रा
यहां आए प्रबुद्ध लोगों ने पूछा कि 4 साल बीत गए, उन वादों का क्या हुआ, जो चुनाव से पहले किए थे। उम्मेद क्लब में हुए कार्यक्रम में कोटा उत्तर विधायक प्रहलाद गुंजल, दक्षिण विधायक संदीप शर्मा, सांगोद विधायक हीरालाल नागर और भाजपा जिलाध्यक्ष हेमंत विजय मौजूद थे। जेडीबी गर्ल्स कॉमर्स कॉलेज की प्रेसीडेंट शिवांगिनी सोनी ने कहा कि “हमारे कॉलेज में 1600 छात्राएं हैं, सिर्फ 6 लेक्चरर हैं, आप ही बताइए कैसे पढ़ाई होगी? फर्नीचर की स्थिति इतनी बुरी है कि कुर्सी पर बैठकर उठते हैं तो कपड़े फट जाते हैं।’ इस पर गुंजल ने कहा कि मामला पहली बार मेरे ध्यान में आया है, मैं शिक्षा मंत्री से बात करूंगा। वहीं, सांगोद विधायक नागर ने कहा कि आरपीएससी के स्तर पर लेक्चरर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है।

बंद हो चुकी आईएल की जमीन को भूमाफिया से बचाने के लिए क्या किया जा रहा है?

गोविंदराम मित्तल, संस्थापक, एसएसआई एसो.
Q . केडीए नहीं बन पाया, पुलिस कमिश्नरेट की भी व्यवस्था नहीं हो पाई, एयरपोर्ट की जमीन तय नहीं हुई।
गुंजल :
केडीए व पुलिस कमिश्नरेट भाजपा के एजेंडे में नहीं था। एयरपोर्ट के लिए शंभूपुरा के पास मास्टर प्लान में जमीन चिह्नित कर दी गई है। भाजपा सरकार ने चार साल में उद्योगों के लिए कई काम किए हैं।

मिलिंद विजय, सीए
Q. सरकार ने गायों के लिए 4 साल में कुछ नहीं किया है। जग मंदिर में करोल बाग जैसी 200 फीट हनुमान प्रतिमा की तरह कुछ करना चाहिए।
गुंजल :
जल्द ही 15 से 25 करोड़ की गोशाला बनेगी। इसके लिए 100 बीघा जमीन ले ली है। चंबल पुल पर गीता का उपदेश देने वाली प्रतिमा लगाई जा रही है।

एके गुप्ता, पूर्व एमडी, विद्युत निगम
Q. मेरे प्लांट पर वाटर सेस और अरबन सेस लग रहा है। यह गलत है। अतिक्रमण को रोका जाए।
गुंजल :
सोलर प्लांट पर डिटेल दें तो सीएम से बात करेंगे। अब प्रोफेशनल तरीके से लोग अतिक्रमण में शामिल हो रहे हैं। नए अतिक्रमणों को प्रभावी तरीके से रोका जा रहा है।

शिवकुमार जैन, पूर्व अध्यक्ष ग्रेन मंडी एसो.
Q. झालावाड़ रोड पर वन विभाग से जमीन लेकर वहां औद्योगिक क्षेत्र व पेड़ लगाकर विकसित करनी चाहिए। झालावाड़ रोड पर कोचिंग के पास फुट अंडरब्रिज बनाया जाना चाहिए।
गुंजल :
जमीन के लिए प्रयास हो रहे हैं।

राजकुमार विजय, सीए
Q. जीएसटी में कोटा स्टोन व सैंड स्टोन को लेकर विसंगति है, सरकार ने कुछ नहीं किया। कॉमर्स कॉलेज के पास की जमीन पर शिक्षा के लिए कुछ करना चाहिए। टोल टैक्स पर सरकार की नीति स्पष्ट नहीं है।
गुंजल : आपकी बात सरकार तक पहुंचाई जाएगी और कार्रवाई का प्रयास करेंगे।

अनिल सुवालका, नेता प्रतिपक्ष, नगर निगम
Q. कुन्हाड़ी नाका चुंगी के पास अतिक्रमण हो रहा है। ऐसा कब तक होगा।
गुंजल :
पहले बिना रेट तय किए पहले उन्हें बैठा दिया था। अब एक महीने में उनकी रेट तय कर जल्द ही उन्हें बैठाया जाएगा।

पंकज मेहता, कांग्रेस नेता
Q. आईएल बंद हो गई। उसकी जमीन को भू माफिया से बचाने के लिए क्या हो रहा है? विद्युत सेवा का कोटा में क्यों निजीकरण किया गया। स्मार्ट मीटर का पूरा शहर विरोध कर रहा है।
संदीप शर्मा :
आईएल पर हम पहले भी साथ और आज भी हैं। जमीन कोई हड़पने वाला नहीं है। बिजली के निजीकरण का सबने विरोध किया था, लेकिन बेस्ट व्यवस्था होने की बात पर सब सहमत हुए थे। स्मार्ट मीटर नहीं लगने देंगे।

संजय गोयल, सर्राफ
Q. स्वर्ण रजत मार्केट अौर न्यू सर्राफा बाजार में अतिक्रमण हो रहे हैं। अभी तक समाधान नहीं हुआ।
गुंजल :
वहां पुराने समय ट्रांसपोर्टेशन का बड़ा केंद्र था। तब से वे लोग जमे हुए थे। अब वहां लोग इसकी आड़ में आपराधिक गतिविधियां करने लगे हैं। ऐसे लोगों से सख्ती से निपटा जाएगा।

हंसा त्यागी, कर्मचारी नेता
Q. राज्य कर्मचारियों को केंद्र के समान वेतन भत्ते दिलाएं जाएं।
गुंजल :
30 से 40 हजार कर्मचारियों का यह विवाद है और इन्हें भी पहले गलती से 7वां वेतनमान से ज्यादा पैसा मिल रहा है। इसलिए वे पहले से ही ज्यादा ले रहे हैं।

दुर्गाशंकर सैनी, प्रदेश महासचिव, सेवारत चिकित्सक संघ
Q. सरकार की बात मानते हुए हड़ताल खत्म की और सरकार ने 12 पदाधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया। सरकार समय रहते नहीं चेती तो फिर हड़ताल करनी पड़ेगी। आप लोग हमारी बात सीएम तक पहुंचाओ।
गुंजल : राज्य सरकार डॉक्टरों के मामले में गंभीर है। रही बात ट्रांसफर की, तो यह एक प्रशासनिक प्रक्रिया है।