Hindi News »Rajasthan »Kota» Biggest Absentee In Job Class Not Relief Incomplete-Tax Slab

नौकरीपेशा वर्ग की सबसे बड़ी आस अधूरी-टैक्स स्लैब में राहत नहीं, टीए और मेडिकल रीइंबर्समेंट भी छीने

केंद्र सरकार के बजट से आम आदमी, किसान, उद्यमी, व्यापारी और नौकरीपेशा को क्या नफा-नुकसान हुआ।

Bhaskar New s | Last Modified - Feb 02, 2018, 06:44 AM IST

नौकरीपेशा वर्ग की सबसे बड़ी आस अधूरी-टैक्स स्लैब में राहत नहीं, टीए और मेडिकल रीइंबर्समेंट भी छीने

कोटा.केंद्र सरकार के बजट से आम आदमी, किसान, उद्यमी, व्यापारी और नौकरीपेशा को क्या नफा-नुकसान हुआ। इसको जानने के लिए भास्कर ने पैनल बनाया। इसमें सीए, उद्यमी, कृषि विभाग के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर कृषि व कर्मचारी शामिल किए। इन्होंने बताया कि बजट में विशेष कुछ नहीं है। लंबे समय से इनकम टैक्स की छूट नहीं बढ़ाई गई है। उसे नहीं छेड़ा गया है। वहीं, किसानों के लिए डेढ़ गुना मुनाफे की बात कही है, लेकिन उसे अमली जामा पहनाया जाएगा तब बात बनेगी।

उद्यमियों के लिए भी विशेष राहत नहीं दी गई है। आम आदमी के लिए सस्ते महंगे जैसे कोई बात नहीं है। पेट्रोल-डीजल की कीमत में राहत दी है, लेकिन वह मार्केट पर आधारित है। कभी भी बदल सकती है। बजट सीनियर सिटीजन के लिए काफी फायदेमंद रहा है। वहीं, 5 करोड़ परिवारों को हैल्थ बीमा देने का फैसला सही है। हालांकि सभी ने ये माना कि यह बजट लॉन्ग टाइम में फायदेमंद होगा।

बुजुर्ग : एफडी पर छूट से राहत
यह चुनावी बजट नहीं बल्कि लॉन्ग टाइम फोकस बजट है। 5 करोड़ परिवारों को 5 लाख का हैल्थ बीमा करना राहत भरा है। नौकरीपेशा वर्ग की सबसे बड़ी उम्मीद टैक्स स्लैब नहीं बदला गया है। 40 हजार रुपए के डिडक्शन से ट्रांसपोर्ट और मेडिकल रींबर्समेंट छिन जाएंगे। मेडिकल अलाउंस पर भी टैक्स लगेगा। इससे आम आदमी को इस बजट से विशेष राहत नहीं मिली है। सस्ती महंगी चीजों का अब जीएसटी से फर्क पड़ेगा। सीनियर सिटीजन को एफडी के ब्याज पर 50 हजार की टैक्स छूट बढ़ाना और क्रिटिकल बीमारी पर भी डिडक्शन की सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख करने का फैसला राहत भरा है।
यह नहीं किया : लोगों को टैक्स स्लैब ढाई लाख रुपए से बढ़ाकर 3 लाख किए जाने की उम्मीद थी।

कोचिंग : नए मेडिकल कॉलेज खुलने से बढ़ेंगे स्टूडेंट्स
केंद्र सरकार ने शिक्षा उपकर को तीन से बढ़ाकर चार प्रतिशत कर दिया है। ऐसे में गुणवत्ता पर होने वाला खर्च बढ़ेगा। तीन लोकसभा क्षेत्र में एक मेडिकल कॉलेज खुलने से निश्चित है कि मेडिकल की सीटें बढ़ेंगी, इससे मेडिकल एंट्रेंस की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स को फायदा मिलेगा।
क्या नहीं किया : कोचिंग को टैक्स से फ्री कर दिया जाता तो स्टूडेंट्स को राहत मिलती। अभी जीएसटी का सीधा असर फीस पर पड़ता है।


सरकार ने एमएचपी में पैसा डेढ़ गुना करने की बात कही है, लेकिन इसका फायदा जब ही है, जब समय रहते किसानों के जिंस की खरीद हो और इसकी मात्रा निर्धारित नहीं की जाए। किसानों की फसल लागत मूल्य से कम बिक रही है, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सरकार कौन-कौन सी फसल एमएचपी पर खरीदेगी। लोन के लिए करोड़ों रुपए की घोषणा की है, लेकिन कम जमीन वाले किसानों को लोन नहीं मिल पाता। किसानों के कर्जे की माफी होगी तो उन्हें राहत मिलेगी।

नौकरीपेशा : स्टैंडर्ड डिडक्शन पर 1 फीसदी सेस
बजट में नौकरीपेशा लोगों की सबसे बड़ी आशा टैक्स स्लैब में बदलाव की होती है, लेकिन उसे नहीं छेड़ा गया है। स्टैंडर्ड डिडक्शन 40 हजार रुपए होगा, लेकिन इसमें सेस 1 फीसदी बढ़ा दिया है। हाउसिंग लोन व एलआईसी की स्लैब को डेढ़ से 2 लाख करना राहत भरा है।


यह नहीं किया :नौकरी पेशा लोगों की डिमांड थी कि टैक्स स्लैब 3 लाख रुपए करनी चाहिए थी, लेकिन सरकार ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया।
किसानों के लिए फायदेमंद लेकिन तभी जब समर्थन मूल्य पर सभी फसलें खरीदी जाएं।

महिलाएं : बढ़ेगी टेक होम सैलेरी
इस बजट से लोगों को बहुत आशाएं थीं, शेयर मार्केट पर लॉन्ग टर्म में बड़ा फर्क आएगा। शेयर पर कैपिटल गेन टैक्स लगाने बाद कई लोग शेयर मार्केट से आउट हो जाएंगे। म्युचुअल फंड पर भी टैक्स लगा दिया। इससे आम आदमी की बचत प्रभावित होगी। मुद्रा बैंक पॉलिसी में 3 हजार करोड़ लोन देने की बात कही है, लेकिन कोटा में तो यह बैंक नहीं है। आम तौर पर लोग इसके लिए बैंक के चक्कर काटते रहते हैं। महिला कर्मचारियों के ईपीएफ में कटौती से टेक होम सैलरी बढ़ेगी। 250 करोड़ वाले कॉरपोरेट सेक्टर को टैक्स में 5 फीसदी की रियायत देना काफी फायदेमंद होगा।
यह नहीं किया :मीडियम उद्योगों के लिए बजट में कुछ नहीं है। बंद हो रहे उद्योगों के लिए भी विशेष नहीं किया है।


... रेलवे : 66 किमी से अधिक रेलमार्ग का होगा दोहरीकरण
बजट में 2100 किमी रेलमार्ग के दोहरीकरण पर 17 हजार 359 करोड़ रुपए खर्च करने की बात कही गई है। इस कार्य में कोटा रेल मंडल के कोटा-बीना रूट के कुछ स्टेशनों तक दूसरी रेल लाइन बिछाने (डबलिंग) के काम को भी शामिल किया गया है। साथ ही जलन्धरि से भैरच स्टेशन तक 117 किमी रेलमार्ग का इलेक्ट्रिफिकेशन करने की बात कही गई है। इसके लिए राशि का भी आवंटन किया गया है। इंडियन रेलवे के 600 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाया जाएगा। कोटा रेलवे स्टेशन पहले ही 400 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाने की सूची में शामिल है। इसका काम पीपीपी मोड पर होगा। रेलवे की भूमि 90 साल के लिए लीज पर दी जाएगी। उस भूमि का उपयोग लीज होल्डर कर सकेगा। सांसद ओम बिरला ने बताया कि कोटा के साथ डकनिया को पुनर्विकसित कर आधुनिक बनाने का काम किया जाएगा। साथ ही जहां सिंगल लाइन हैं वहां डबलिंग की जाएगी।


कोटा के इन रेलमार्गों का होगा दोहरीकरण
-कोटा से सोगरिया 2.71 किमी
-मोतीपुरा चौकी से भूलोन 9.78 किमी रेलमार्ग
- छबड़ा से भूलोन 11.29 किमी रेलमार्ग
-चंद्रेसल से दीगोद 8.18 किमी
- दीगोद से कल्याणपुरा 5.99 किमी
- केसोली से छबड़ा 8.16 किमी
- श्रीकल्याणपुरा से भौंरा 7.3 किमी
- सोगरिया से चंद्रेसल 5.44 किमी
- सालपुरा से केसोली 7.45 किमी

India Result 2018: Check BSEB 10th Result, BSEB 12th Result, RBSE 10th Result, RBSE 12th Result, UK Board 10th Result, UK Board 12th Result, JAC 10th Result, JAC 12th Result, CBSE 10th Result, CBSE 12th Result, Maharashtra Board SSC Result and Maharashtra Board HSC Result Online
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Kota News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Naokaripeshaa vrga ki sabse bड़i aas adhuri-tax slaib mein raaht nahi, tie aur medical riinbrsmeint bhi chhine
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Kota

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×