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बिहारी बदमाशों ने लूटा 27Kg सोना, शक न हो इसलिए एक-एक करके Gold बैंक

8 करोड़ के सोने के जेवर डकैती मामले में सुबोध या मनीष गैंग पर शक, जयपुर में दो दिन पहले पकड़े गए सुबोध को भी दिखाए फुटेज

Danik Bhaskar | Jan 24, 2018, 02:41 AM IST

कोटा. गोल्ड के बदले लोन देने वाली मणप्पुरम फाइनेंस कंपनी की नयापुरा शाखा से 27 किलो सोना बिहार की गैंग ने लूटा है। यह गैंग पूरे देश में गोल्ड लोन कंपनियों के ऑफिसों से सोना लूटने के लिए कुख्यात है। गैंग के कुछ सदस्य लंबे समय से फरार चल रहे हैं, माना यही जा रहा है कि कोटा में उन्हीं लोगों ने वारदात को अंजाम दिया।


- अब तक की तफ्तीश, वारदात के तरीके और बिहार पुलिस की एसटीएफ से मिले इनपुट्स के आधार पर कोटा पुलिस यही दावा कर रही है।

- शहर पुलिस की एक टीम को बिहार रवाना भी कर दिया गया है। हालांकि अधिकृत तौर पर अधिकारी अभी कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

- उनका कहना है कि जब तक कोई पुख्ता सबूत नहीं मिलता, इसमें कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

- पुलिस की तफ्तीश के समानांतर भास्कर ने हाल ही में देशभर हुई ऐसी ही कुछ वारदातों के तथ्य जुटाए। इन सभी वारदातों में कई समानताएं भी मिली और मॉडस ऑपरेंडी हूबहू मिली। इन्हीं वारदातों के लिहाज से पुलिस संबंधित जिलों की पुलिस से भी संपर्क कर रही है।

बिहार की गैंग से मिलती है कोटा में हुई वारदात की मॉडस ऑपरेंडी

1. मुथूट फाइनेंस, मानसरोवर, जयपुर
- 21 जुलाई, 2017 को 27 किलो सोना लूटकर ले गए। इस वारदात में कमिश्नरेट पुलिस बिहार के वैशाली निवासी विशाल उर्फ विक्की, शुभम उर्फ सेतू उर्फ शिबू, पंकज उर्फ बुल्ला को पटना से अगस्त में ही गिरफ्तार कर चुकी। सरगना सुबोध सिंह को 2 दिन पहले ही पटना एसटीएफ की मदद से पकड़ा है। सुबोध को जयपुर लाया जा चुका, उससे पूछताछ चल रही है। करीब 15 किलो सोना बरामद कर लिया गया है।


2. मुथूट फाइनेंस, आसनसोल, प. बंगाल
- 23 दिसंबर, 2017 को यहां से भी 27 किलो सोना और 4.5 लाख रुपए लूटे। इसमें भी सुबोध का नाम सामने आया था। हालांकि, उसने इस वारदात को मनीष की गैंग द्वारा करना बताया है। बिहार का मनीष पूरे देश में गोल्ड लोन कंपनियों से लूट करता है।

3. पहली मंजिल पर स्थित ऑफिस में ही करते हैं वारदात

- तीनों वारदातें पिस्टल की नोक पर दिनदहाड़े अंजाम दी गई। तीनों ही घटनाओं में लूट से पहले एक या दो बदमाशों द्वारा रैकी करने की पुष्टि हुई।
- तीनों जगह उन्हीं ब्रांचों को निशाना बनाया, जहां ऑफिस पहली मंजिल पर चलता है। मेन रोड की ब्रांचों के मुकाबले इन्हें लूटने में आसानी होती है।
- तीनों जगह कुछ मात्रा में सोना बदमाश वहीं बिखेर गए, क्योंकि वे बैग भरने के बाद जेबों में कुछ भी नहीं रखते। कोटा में भी कुछ गहने छोड़ गए।
- तीनों वारदातों में कुछ बदमाश नकाबपोश थे और कुछ बिना नकाब। गैंग के पुराने सदस्य नकाब में रहते हैं और नए लड़के नकाब में नहीं रहते।
- तीनों ही जगह वारदात के बाद बदमाश बाइक्स से निकले। कोटा व जयपुर में दो-दो बाइक थी, आसनसोल में 4 बाइक्स पर आए थे।

ट्रैफिक पुलिसकर्मी के सामने से निकल गए बदमाश
- मणप्पुरम फाइनेंस से सोना लूटने के बाद लुटेरे बेधड़क शहर के प्रमुख मार्गों से निकले। पुलिस ने फुटेज खंगाले तो एक और चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जेडीबी कॉलेज के बाहर ट्रैफिक पुलिसकर्मी के सामने से लुटेरे बेखौफ निकले।

- इस दौरान एक बाइक पर सवार दोनों लुटेरों ने हेलमेट पहन रखे थे और दूसरी बाइक पर एक लुटेरे ने हेलमेट पहना हुआ था। दोनों ट्रैफिक पुलिसकर्मी के सामने जेडीबी के सामने वाले कट से निकले।

- यहां बाइक धीमी भी की, लेकिन तब तक ट्रैफिक पुलिसकर्मी को न तो नाकाबंदी का मैसेज मिला था और न ही लूट की जानकारी थी।

- पुलिस सूत्रों ने बताया कि सामान्य तौर पर भी ट्रैफिक पुलिस सिर्फ हेलमेट पर नजर रखती है और लुटेरे हेलमेट पहने हुए थे।


बिहार की गैंग की ही आशंका: एसपी
मोस्ट प्रोबेबली यह गैंग बिहार की ही होनी चाहिए। देशभर में इस तरह की अलग-अलग वारदातों में सामने आई मॉडस ऑपरेंडी से यही लगता है। हम सभी स्तर पर संपर्क कर रहे हैं और हमारी 20 से ज्यादा टीमें काम कर रही हैं।
- अंशुमन भौमिया, एसपी सिटी