--Advertisement--

68 साल पहले 26 जनवरी पर पहली बार जारी हुए साढ़े 21 आने के डाक टिकट

शुभम लोढ़ा ने सहेज रखी है डाक टिकटों की शृंखला, इनमें 2 आने, साढ़े तीन, 4 और 12 आने के हैं टिकट

Dainik Bhaskar

Jan 26, 2018, 06:18 AM IST
Chain of postage stamps collection in kota

कोटा. देश में पहला गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 1950 को मनाया गया। उस समय पहली बार डाक एवं टेलीग्राफ्स डिपार्टमेंट की ओर से देश के उत्थान को दिखाते हुए 26 जनवरी को साढ़े 21 आने के अलग-अलग डाक टिकट, कैंसिलेशन और ब्रोशर जारी किए गए थे। चार डाक टिकटों के इस सेट पर डाकघरों की मोहर लगाई जाती थी। सबसे बड़ी बात है कि साढ़े 21 आने के इन डाक टिकटों के रेट वर्तमान में ढाई हजार से लेकर साढ़े तीन हजार रुपए तक है। ये आना सीरीज के डाक टिकट 1957 तक प्रचलित में रहे। बाद में पैसा और रुपए सीरीज में जारी किए गए।

इन डाक टिकटों की खासियत

दो अाना: ये लाल कवर से प्रिंटेड हैं। इसमें आजादी का बिगुल बजाते हुए जश्न के साथ दिखाया हुआ है।
साढ़े तीन आना: कलम-दवात प्रिंटेड है। इसमें रामधुनी में रघुपति राघव राजा राम प्रिंटेड है।
चार आना: खेती और अनाज की बालियाें के साथ किसान को बताया है। यह परपल कलर में है।
12 आना: सूत कातते चरखा प्रिंट है।

1800 रुपए आंकी गई वैल्यू
- वर्ष 2014-15 में इनकी ऑक्शन में अलग-अलग वैल्यू जारी की गई थी। फल्हासेंट इंडिया की ओर से सबसे अधिक रेट 12 आने के डाक टिकट की वैल्यू 1800 रुपए आंकी थी।

- पुरा संग्रही शुभम लोढ़ा इन डाक टिकटों को अपने कलेक्शन में सहेज रखे हैं। चार टिकटों के इन संग्रहों में दो आने, साढ़े तीन, चार और 12 आने के डाक टिकट हैं।

X
Chain of postage stamps collection in kota
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..