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कोचिंग कर रहीं लड़कियां नहीं रखती खाने का ध्यान; 68% में खून की कमी

कोचिंग कर रहीं गर्ल्स की सेहत दुरुस्त नहीं है।

Dainik Bhaskar

Dec 19, 2017, 08:50 AM IST
डेमो फोटो। डेमो फोटो।

कोटा। कोचिंग कर रहीं गर्ल्स की सेहत दुरुस्त नहीं है। जंक फूड, अनहैल्दी फूड हैबिट्स, नाश्ता नहीं करने सहित अन्य कारणों से यहां की छात्राएं बीमारी की गिरफ्त में रही है। इसी वजह से 68 प्रतिशत लड़कियों को मोटापे की शिकायत है और इतने प्रतिशत लड़कियों में खून की कमी पाई गई है। यह फैक्ट्स निकलकर आए हैं डॉ. अंजलि सक्सेना की स्टडी में।

- डॉ. अंजलि ने हॉस्टल पीजी-फ्लैट में रहने वाली 1200 गर्ल्स कोचिंग स्टूडेंट्स पर स्टडी की। यह स्टडी उनके न्यूट्रीशियन को जानने के लिए की गई थी। इसमें सामने आया कि 1200 में से 70 प्रतिशत लड़कियां नाश्ता ही नहीं करती। हेल्दी फूड की जगह सॉफ्ट ड्रिंक और फास्ट फूड अधिक मात्रा में ले रही हैं। इसका सीधा असर उनकी सेहत पर पड़ रहा है। हाॅस्टल में रहने वाली 81 प्रतिशत गर्ल्स स्टूडेंट्स एक सप्ताह में दो बार अनहैल्दी ड्रिंक्स ले रही है।

ये कदम उठाने होंगे

हॉस्टल के मैन्यू में क्वालिटी के साथ साथ न्यूट्रीशियन पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। खाने के साथ साथ सप्लीमेंट्स बच्चों तक पहुंचाने होंगे। खाने की आदतों के बारे में भी बच्चों को अवेयर करना होगा। नेचुरल फूड आइटम बच्चों को उपलब्ध करवाने होंगे।

गर्ल्स का न्यूट्रीशियन लेवल सही नहीं, नाश्ता नहीं करती 73 प्रतिशत लड़कियां

हॉस्टल में रहने वाली 1050 लड़कियों में से 945 यानी 90 फीसदी लड़कियां रोज चिप्स खाती हैं। यह नाश्ता नहीं करने की आदत के कारण होता है। इसके बाद उनकी पसंद फ्रेंच फ्राइस, कुकीज और केक की होती है। मोटापा बढ़ने की वजह मोबाइल और टीवी पर अधिक टाइम देना भी स्टडी में बताया गया है।

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