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कलेक्टर और एसपी बोले- गाइडलाइन की पालना नहीं की तो बंद करवा देंगे हॉस्टल

13 दिन में 3 कोचिग स्टूडेंट्स के सुसाइड के बाद हॉस्टल संचालकों पर सख्त हुआ प्रशासन

Dainik Bhaskar

Jan 16, 2018, 06:06 AM IST
Collector and SP gave instruction given to hostel operators

कोटा. शहर में कोचिंग स्टूडेंट्स के सुसाइड के कई मामले सामने आने के बाद आखिर सोमवार को जिला प्रशासन और पुलिस जाग गया। कलेक्टर रोहित गुप्ता और एसपी अंशुमन भौमिया ने टैगोर हॉल में हॉस्टल संचालकों की बैठक ली और साफ शब्दों में कहा कि अब लापरवाही नहीं चलेगी। हॉस्टल संचालक सिर्फ कमाई के लिए वो स्टूडेंट्स व अभिभावकों का बुरा नहीं बनना चाहता। ऐसे में प्रशासन की गाइड लाइन की पालना नहीं हो पा रही है। बिजनेस करो, लेकिन कानून की पालना पहले करनी होगी।


- अब अगर किसी हॉस्टल संचालक ने पालना नहीं कि तो हॉस्टल को शटडाउन कर दिया जाएगा। वहीं, हॉस्टल संचालकों ने कहा कि वो गाइड लाइन की पालना करने की भरपूर कोशिश कर रहे हैं।

- कोटा हॉस्टल एसोसिएशन ने कहा कि इस साल से जो हॉस्टल नियमानुसार चलेगा, सिर्फ उसे ही रजिस्टर्ड किया जाएगा। बैठक में मौजूद पदाधिकारियों ने अपने सुझाव भी रखे।

- इस पर कलेक्टर और एसपी ने कहा कि अब सुझावों और बातों से काम नहीं चलेगा, नियमों की पालना नहीं की तो सजा भुगतनी होगी।

छात्रों को मिले घर जैसा माहौल

- छात्रों को कोटा में हॉस्टल हो अथवा पीजी सभी जगह घर जैसा माहौल मिले.. बैठक में कलेक्टर और एसपी दोनों का पूरा फोकस इसी पर रहा।

- उन्होंने इस पर जोर दिया कि शहर की छवि आप लोगों के हाथ में हैं। हॉस्टलों में छात्रों के साथ स्टाफ का आचरण एवं व्यवहार अच्छा रहे। कहा कि हॉस्टलों के आसपास की गतिविधियों, ड्रग्स व आपत्तिजनक स्थितियों पर भी निगरानी रखें।

5 बड़ी कमियां : सब करते हैं सिर्फ चर्चा, देते हैं आश्वासन, एक्शन नहीं लेते

बायोमीट्रिक अटेंडेंस
हॉस्टलों में अटेंडेंस के लिए बायोमीट्रिक मशीन नहीं है। संचालकों ने कबूला कि छात्र रजिस्टर में एक-दूसरे के साइन करके चले जाते हैं। कलेक्टर हर बैठक में इसकी उपयोगिता को बताते हैं, लेकिन कोई एक्शन नहीं दिखता।


सीसीटीवी
पिछले कई सालों से हर बैठक में कैमरे लगने का मुद्दा उठता है, लेकिन कोई पालना नहीं करता। जहां लगे हैं, वो भी बंद पड़े है। प्रशासन ने ऐसे हॉस्टलों पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की।


फायर उपकरण
होस्टलों में फायर उपकरणों को लेकर कोई गंभीर नहीं है। बेसमेंट में मैस चल रही है, जिसका कोई एक्जिट प्वांइट भी नहीं है। आग लगने पर दमकल तक वहां नहीं जा सकती। अग्निशमन विभाग कार्रवाई करने के बजाए आंखें मूंदे बैठा है।


पुलिस चौकी
हॉस्टल संचालक हर बार कोचिंग एरिया के थानों का स्टाफ बढ़ाने और राजीव गांधी नगर में पुलिस चौकी खोलने का मुद्दा उठाते हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता हैं।

साफ-सफाई

कई मैस संचालक कचरे के बीच खाना बनाते हैं। साफ-सफाई की पालना नहीं होती, बच्चों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। हर बार बैठक में चर्चा होती है, लेकिन फील्ड में कोई जाकर छापामार कार्रवाई नहीं करता।

एसपी बोले- हॉस्टल लीज पर है, तो भी मालिक ही होगा गलती का जिम्मेदार

- जो विद्यार्थी 24 घंटे तक अनुपस्थित रहे उसकी सूचना तुरंत संबंधित थाने को लिखित में प्रस्तुत करें। तथा अभिभावकों को भी सूचित करें।
- हर सप्ताह गाइड लाइन की पालना के संबंध में हॉस्टलों द्वारा की जा रही कार्यवाही की सूचना, बच्चों की अनुपस्थिति की सूचना जिला प्रशासन ऑफिस और एसपी ऑफिस को भिजवाएं। इसके लिए जल्द फॉरमेट जारी किया जाएगा।
- ऐसे विद्यार्थी जिनका व्यवहार खराब है अथवा हॉस्टल के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं उनकी सूचना परिजनों को देकर तुरंत हॉस्टल से बाहर करने की कार्यवाही करें।
- एसपी भौमिया ने सभी हॉस्टलों में उपस्थित स्टाफ, गार्ड, वार्डन का आगामी एक माह में पुलिस सत्यापन करवाने के निर्देश दिए। इसके लिए हॉस्टल
मालिक संबंधित थाने में और एएसपी हैडक्वार्टर से संपर्क कर सकेंगे।

लीज होल्डर पर सारी जिम्मेदारी डालकर
मालिक मुक्त नहीं हो सकते। गड़बड़ी मिली तो मालिक पर भी कार्रवाई होगी, वो भी प्रॉपर निगरानी रखे।

हैंगिंग फ्री डिवाइस लगाने पर सहमति

कोटा हॉस्टल एसोसिएशन संस्थापक अध्यक्ष मनीष जैन और अध्यक्ष नवीन मित्तल ने बैठक में हॉस्टलों के कमरों में हैंगिंग फ्री डिवाइस लगाने का मुद्दा उठाया। कहा कि शहर में 85 फीसदी सुसाइड पंखे से लटककर हो रहे हैं, यह ट्रेंड चल पड़ा है। चंबल हॉस्टल एसोसिएशन के विश्वनाथ शर्मा ने इसका समर्थन करते हुए कहा कि यह लगनी ही चाहिए। वहीं, एक हॉस्टल संचालक ने कहा कि सुसाइड करने वाला तो जहर खाकर भी सुसाइड कर लेगा। जिसके बाद एसपी अंशुमन भौमिया ने कहा कि सुसाइड करने का विचार सिर्फ चंद मिनटों या घंटों का होता है, अगर उस पीरियड से उसे निकाल लिया जाए तो वो बच सकता है। जहर हर किसी को नहीं मिल सकता, लेकिन यह पंखा सुसाइड करने के लिए इजी एप्रोच है।

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Collector and SP gave instruction given to hostel operators
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