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रेप में कोटा रेंज का राज्य में तीसरा नंबर, एक साल में 437 केस दर्ज हुए; हत्या के मामले भी बढ़े

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की 2016 के लिए सालाना रिपोर्ट ‘क्राइम इन इंडिया-2016’ आई है।

Danik Bhaskar | Dec 02, 2017, 08:41 AM IST

कोटा. नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की 2016 के लिए सालाना रिपोर्ट ‘क्राइम इन इंडिया-2016’ आई है। इस रिपोर्ट में राज्यों के अलावा टॉप-19 मेट्रो शहरों के क्राइम आंकड़ों को रिकॉर्ड किया गया है। रिपोर्ट में राजस्थान से सिर्फ जयपुर शहर है, कोटा शहर फिलहाल इस रिपोर्ट में शामिल नहीं किया गया है। रिपोर्ट में कोटा को शामिल नहीं किया गया, लेकिन आखिर कोटा कहां स्टैंड कर रहा है? यह जानने के लिए भास्कर रिपोर्टर ने कोटा रेंज और राजस्थान के थानों में दर्ज 2015 और 2016 यानी 2 साल के तमाम आंकड़ों को खंगाला।


सबसे चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि कोटा रेंज में 2016 में महिलाएं असुरक्षित रही। दुष्कर्म में राजस्थान देशभर में तीसरे नंबर पर है। कोटा रेंज में 2016 में दुष्कर्म के कुल 437 केस दर्ज हुए, जो उदयपुर (680) और जयपुर रेंज (561) के बाद प्रदेश में तीसरे नंबर पर है। कोटा रेंज में 2015 (407) के मुकाबले 2016 में दुष्कर्म के केसों में 7.37% बढ़ोतरी हुई। बूंदी और कोटा ग्रामीण में 46.67% दुष्कर्म के मामले ज्यादा सामने आए। 2016 में कोटा रेंज में कुल 124 हत्याएं हुई यानी 2015 (117) के मुकाबले 5.98% बढ़ोतरी। सिर्फ बारां में 44 हत्याएं ज्यादा हुई, जिससे रिकॉर्ड 109.52% का इजाफा हुआ।
पढ़ें, दैनिक भास्कर की स्पेशल रिपोर्ट ‘क्राइम इन कोटा रीजन-2016’, जिसे विशेषज्ञों की मदद से तैयार किया गया है।

{19 बड़े शहरों में दिल्ली टॉप पर : 19 महानगरों में दिल्ली (38.8% अपराध) टॉप पर है। दूसरे नंबर पर बेंगलुरू (8.9%) और तीसरे पर मुंबई (7.7%)। दुष्कर्म के कुल मामलों में दिल्ली से 40%, जबकि मुंबई से 12% मामले आए।
इकोनॉमिक क्राइम में राजस्थान अव्वल :
देश में साइबर क्राइम 6.3% की दर से बढ़ा। सबसे ज्यादा 21.4% केस यूपी से आए। वहीं, इकोनॉमिक क्राइम 4.4% की दर से घटे हैं। इकोनॉमिक क्राइम के सबसे ज्यादा 16.4% मामले राजस्थान में हुए।
प. बंगाल से सबसे ज्यादा 16,851 बच्चे लापता : 2016 में देश से 1,11,569 बच्चे गुमशुदा हुए। सबसे ज्यादा 16851 बच्चे प. बंगाल से, 14661 बच्चे दिल्ली से और 12,068 बच्चे मप्र से रहे। 55,944 बच्चों का ही पता लग पाया। बाल अपराध के मामले में यूपी (15.3% केस), महाराष्ट्र (13.6% केस) सबसे खराब रहे।

बूंदी-कोटा ग्रामीण : 46.67% बढ़े दुष्कर्म
बूंदी जिले में महिलाएं सर्वाधिक असुरक्षित हैं क्योंकि यहां 2015 की तुलना में 2016 में दुष्कर्म के मामले 46.64 प्रतिशत बढ़ गए। 2015 में 60 दुष्कर्म हुए, जबकि 2016 में 88। कोटा ग्रामीण में 40 प्रतिशत मामले बढ़े। यानी 2015 में 40 दुष्कर्म हुए और 2016 में 56। वहीं, कोटा शहर में 2016 में 3 मामले बढ़े, सालभर में कुल 94 दुष्कर्म हुए। झालावाड़ में भले 2015 के मुकाबले 2016 में 28 दुष्कर्म कम हुए हों, लेकिन पूरी रेंज में सर्वाधिक 102 दुष्कर्म हुए।

झालावाड़ : 105.88% बढ़ी लूट
मुख्यमंत्री के जिले झालावाड़ में 2015 में 17 और 2016 में बदमाशों ने 35 लूट की वारदातों को अंजाम दिया। 105.88 प्रतिशत वृद्धि ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। वहीं, बूंदी में पिछले साल के मुकाबले इस साल 1 चेन ज्यादा लूटी गई। कोटा शहर, ग्रामीण और बारां में 28 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।