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एंबुलेंस में महिला को उठा दर्द, कंपाउंडर ने कराई जुड़वां बच्चों की डिलेवरी

वर्ष 2018 शुरू होने के 20 मिनट में इस दुनिया में आए दो बच्चे, कंपाउंडर ने ब्लीडिंग रोक दिया जच्चा व दोनों बच्चों को जीवन

Bhaskar News | Last Modified - Jan 02, 2018, 05:27 AM IST

  • एंबुलेंस में महिला को उठा दर्द, कंपाउंडर ने कराई जुड़वां बच्चों की डिलेवरी
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    कोटा. एक ओर जहां सभी नए साल का जश्न मना रहे थे, तभी एक युवक 3 जिंदगियों को बचाने के लिए जी-जान से जुटा था। आखिरकार उसके प्रयास रंग लाए और तीनों जान बच गई। यह युवा है रावतभाटा की 108 एंबुलेंस के कंपाउंडर (ईएमटी ) शुभम सोन। रात करीब 11 बजे रावतभाटा के आदर्श नगर की रहने वाली नीलोफर (30) पत्नी शराफत को रावतभाटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से कोटा रैफर किया गया।

    वहां के डॉक्टरों का तर्क था कि उसके गर्भ में जुड़वां बच्चे हैं, दोनों कमजोर हैं, ऐसे में डिलेवरी में दिक्कत हो सकती है।

    - कॉल मिली तो ड्राइवर शंभूलाल के साथ कंपाउउंटर शुभम ने नीलोफर को एंबुलेंस में लिया। साथ में परिवार की महिलाएं भी थीं। रास्ते में कोलीपुरा से आगे नीलोफर को लेबर पेन शुरू हो गया।

    - जुड़वां बच्चों के बारे में पता होने से एक बारगी शुभम के भी हाथ-पांव फूल गए, लेकिन उसने स्थिति देखकर तय किया कि डिलेवरी कराना जरूरी है। रास्ते में गाड़ी रोक 12:15 बजे डिलेवरी कराई और इससे कुछ देर बाद ही 12:20 पर दूसरी डिलेवरी हो गई।


    - नीलोफर ने एक मेल व एक फीमेल बच्चे को जन्म दिया। रात करीब सवा 1 बजे दोनों बच्चों के साथ जच्चा को रंगबाड़ी स्थित नए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    - दोनों बच्चे कोटा में वर्ष 2018 के सबसे पहले डिलीवर हुए बच्चों में से हैं। जेकेलोन अस्पताल में पहली डिलेवरी 12:30 बजे हुई है।

    सबसे अहम होता है ब्लीडिंग रोकना
    - नए अस्पताल में गायनी विभाग के प्रभारी डॉ. बीएल पाटीदार ने बताया कि ट्विंस डिलेवरी में ब्लीडिंग का सबसे ज्यादा खतरा रहता है।

    - बच्चे भी कमजोर होते हैं, ऐसे में उन्हें तत्काल केयर की जरूरत होती है। दोनों ही काम एंबुलेंस के स्टाफ ने बखूबी किए और सुरक्षित जच्चा-बच्चा को हमारे यहां तक ले आए।

    - रात को हमारे यहां डॉ. खुशबू जैन ने इन्हें देखा। महिला को पोस्ट नेटल वार्ड में भर्ती किया। दोनों बच्चे शिशु रोग विशेषज्ञों को दिखाए हैं, वे स्वस्थ हैं। एक का वजन पौने 2 किलो और दूसरे का सवा 2 किलो है।

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