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चॉकलेट के बहाने मासूम को ले गया दरिंदा, ज्यादती कर झाड़ियों में फेंका

रिश्तेदार बालक की सूचना पर गांव में मजदूरी करने वाले आरोपी की पहचान हुई, आराेपियों की तलाश में टीम गठित

Bhaskar News | Last Modified - Dec 31, 2017, 04:49 AM IST

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    किशनगंज (बारां).क्षेत्र के एक गांव में घर के बाहर खेल रही 4 साल की मासूम को चॉकलेट देने के बहाने युवक अपने साथ ले गया। ज्यादती के बाद बालिका को घर से 200 मीटर दूर झाड़ियों में पटककर फरार हो गया। मामला दर्ज होने पर पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराया है। आरोपी की तलाश में टीमें रवाना कर दी हैं।


    सीआई हेमंत गौतम ने बताया कि शुक्रवार शाम को यहां के एक गांव का परिवार मजदूरी के लिए खेत पर गया था। परिवार बच्चाें को घर पर ही छोड़ गया था। शाम करीब 5 बजे खेत पर काम कर रहे परिवार को उनके रिश्तेदार बालक ने सूचना दी कि उनकी 4 साल की बच्ची को एक व्यक्ति उठा ले गया। परिजनों ने आनन-फानन में बालिका की तलाश शुरू की। काफी देर खोजबीन करने के बाद मासूम घर से 200 मीटर दूर खेत के पास झाड़ियों में बेहोश मिली।

    सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने सूचना देने वाले बालक से पूछताछ की, तो उसने बताया कि बालिका को सुंवास निवासी नरेश सहरिया चॉकलेट दिखाकर साथ ले गया। आरोपी गांव में ही गुर्जर परिवार के यहां लंबे समय से मजदूरी करता है। आरोपी का पीड़ित परिवार के घर आना-जाना लगा रहता था।

    पुलिस ने पीड़ित बालिका के पिता की रिपोर्ट पर नरेश के खिलाफ ज्यादती व पोक्सो एक्ट में मामला दर्ज कर लिया है। शनिवार को बालिका का जिला अस्पताल में मेडिकल करवाया गया। आरोपी की तलाश में पुलिस टीमें गठित की गई हैं।

    8 दिन में मासूम से ज्यादती की दूसरी घटना

    जिले में मासूम के साथ एक सप्ताह में ज्यादती की दूसरी घटना हुई। पिछले शुक्रवार को मोठपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में घर के बाहर खेल रही 8 साल की मासूम को पड़ोस का युवक उठा ले गया और ज्यादती की। पुलिस ने उसे दूसरे ही दिन गिरफ्तार कर लिया था। शुक्रवार को रिमांड पूरी होने पर पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया।

    पैरेंट्स बच्चों को बताए कि अनजान से टॉफी लेना तो दूर हाथ भी न मिलाएं
    नाबालिग बालिकाओं/बालकों के माता-पिता उनके सबसे बढ़िया दोस्त होते हैं। वो उसने जो सीखते है, वैसा ही करते हैं। पैरेंट्स को चाहिए कि वो बच्चों को यह सिखाएं कि किसी भी अनजान से टॉफी, खाने-पीने की वस्तुएं, खिलौने न लें। अनजान वो हर शख्स होगा, जो माता-पिता की गैरमौजूदगी में उनको यह देगा। यह हमें बच्चों को सिखाना होगा। अनजान से हाथ भी न मिलाएं, दोस्ती न करें। अपना, माता-पिता का नाम न बताएं, फोन नंबर या कोई भी प्राइवेट जानकारी साझा नहीं करें।

    - दिनेश शर्मा, चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर, कोटा

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