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Ex मेयर और बिजनेसमैन पढ़ाते हैं मजदूरों के बच्चों को, स्कूल में कॉन्वेंट जैसी सुविधाएं

तलवंडी की आस एकेडमी में जरूरतमंद बच्चों के लिए हैं कॉन्वेंट जैसी सुविधाएं

Danik Bhaskar | Jan 15, 2018, 07:48 AM IST

कोटा. तलवंडी स्थित आस एकेडमी स्कूल में 165 बच्चे पढ़ते हैं। इन बच्चों से स्कूल फीस, एडमिशन फीस, यूनिफॉर्म, बुक्स और स्टेशनरी के नाम पर एक रुपया नहीं लिया जाता है। स्कूल में राजस्थान बोर्ड इंग्लिश मीडियम में पढ़ाई होती है। नर्सरी से कक्षा 8 तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए यहां कुल 20 शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों का स्टाफ है। कमरों में सीसीटीवी है और कंप्यूटर एजुकेशन भी मिलती है। इस स्कूल में ऑटो वालों से लेकर मजदूरों तक के बच्चे पढ़ते हैं। सबसे बड़ी बात ये है कि यहां पढ़ाने वालों में बिजनेसमैन, पूर्व महापौर और रिटायर्ड बिजनेसमैन शामिल हैं।

पिछले 5 साल से इस कार्य में शिक्षाविद् डॉ.ललित शर्मा, बिजनेस मैन मनोज शर्मा, अविनाश जैन, रिटायर्ड प्रिंसिपल डॉ. एसके जैन, पूर्व महापौर डॉ. रत्ना जैन के अलावा शहर के कई भामाशाह गुप्त रूप से आर्थिक सहयोग कर रहे हैं। स्कूल की व्यवस्थाओं पर हर महीने करीब डेढ़ लाख रुपए खर्च होते हैं। स्कूल का मैनेजमेंट कंसल्टेंट पीयूष राठौर संभालते हैं। नर्सरी में 20 सीटों पर केवल बस्तियों के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के ही एडमिशन होते हैं।

अभिभावक बोले-सोचा नहीं था हमारे बच्चे पढ़ सकेंगे
ड्राइवर का कार्य करने वाले सांवरिया बताते हैं कि हम सोच भी नहीं सकते थे कि हमारे बच्चे इंग्लिश मीडियम में पढ़ सकेंगे। मजदूरी करने वाले शिवकुमार ने बताया कि बेटी 7वीं में पढ़ती है। मैं 7 हजार रुपए कमाता हूं। यदि किसी इंग्लिश मीडियम में बेटी तो पढ़ाता तो ये 1 महीने में खर्च हो जाते।

डांस-खेल में भी अव्वल हैं बच्चे

सोसायटी के ललित शर्मा बताते हैं कि यह स्कूल कॉन्वेंट पैटर्न पर शुरू किया गया है। यहां पढ़ाई के अलावा बच्चे खेल-कूद, डांस सहित अन्य आयोजन में सहभागिता निभाते हैं। इसी सेशन से 8वीं क्लास शुरू की गई है। 5वीं का रिजल्ट शत प्रतिशत रहा है। बुक बैंक बना रखा है जिससे कभी इनकी कमी नहीं पड़ती।


अब शहर के 500 भामाशाहों को जोड़ेंगे
डॉ. शर्मा ने बताया कि इन बच्चों की पढ़ाई पर अधिक खर्च होने से आर्थिक समस्या बढ़ने लगी है। अब शहर के 500 भामाशाहों को जोड़कर इन बच्चों के लिए सहयोग लिया जाएगा।