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एम्स में होश आने पर सबसे पहले पत्नी नजर आई तो पूछा- हाथों पर क्या बंधा है, कहां हूं मैं: चेतन

कमांडेंट चेतन चीता ने शनिवार को भास्कर ऑफिस में अपने साथ हुए घटनाक्रम को खुलकर बयां किया।

Bhaskar News | Last Modified - Dec 03, 2017, 08:03 AM IST

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    कोटा.कमांडेंट चेतन चीता ने शनिवार को भास्कर ऑफिस में अपने साथ हुए घटनाक्रम को खुलकर बयां किया। जब उनसे पूछा गया कि होश आने के बाद सबसे पहले कौन दिखा? तो वे बोले-करीब 1 माह बाद जब होश आया तो पत्नी मुझे नजर आई। हाथाें पर प्लास्टर बंधे थे। मैंने उससे पूछा कि ये क्या बंधा हुआ है? कहां हूं मैं? फिर पत्नी उमा व वहीं मौजूद मेरे दोस्त शिवशक्ति ने पूरी घटना के बारे में बताया और कहा कि आप एम्स में हैं। असल में मेरा 60 फीसदी से ज्यादा ब्लड लोस हो गया था, इसी वजह से मैं सिक हो गया था। मुझे कुछ भी याद नहीं आ रहा था।
    बाद में मैंने डॉक्टरों से भी बातचीत करना शुरू किया। घर पहुंचा तो मुझसे दरवाजा भी नहीं खुलता था, हाथों से कोई काम नहीं कर पाता था। मैंने डॉक्टरों से पूछा कि खाना कैसे खाऊंगा? तो उन्होंने सारी स्थिति बताई और कहा कि आपकी जान बचाना प्राथमिकता थी, अब हाथों के ऑपरेशन होंगे। लोगों का प्यार देखिए कि मुझे एक सेलिब्रिटी बना दिया।


    डॉक्टर खुद कहते थे कि हमें इस बात से ही डर था कि आपको कुछ हो जाता तो क्या करते? आप हैरान होंगे कि जब मैं पिछले माह सर्जरी के लिए कोयंबटूर गया तो वहां पहले मुझे लोग जान नहीं पाए, बाद में जानने लगे तो कई लोग मेरे पास आए। ऐसे-ऐसे लोग मुझसे मिलने आ रहे हैं, जिनके बारे में मैंने कभी नहीं सोचा था। यकीनन देशवासियों का प्यार मेरी ताकत बन गया है। इससे पहले उम्मेद क्लब में हुए कार्यक्रम में भी उन्होंने कहा कि देशवासियों ने इतना प्यार दिया कि सबकुछ ठीक हो गया है।

    चीता जैसे जवान हैं तो लाल चौक क्या रावलपिंडी व बीजिंग में भी फहरा सकते हैं तिरंगा : कुलपति

    कोटा में दूसरे दिन भी चीता के स्वागत का सिलसिला चलता रहा। पूरे दिन उनसे मिलने के लिए खेड़ली फाटक स्थित घर पर लोगों का तांता लगा रहा। एक दिन पहले एयरपोर्ट पर कोई प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा, लेकिन शनिवार को कई प्रशासनिक अधिकारी उनसे मिलने घर पहुंचे। शहीद सुभाष शर्मा की पत्नी बबीता शर्मा, रामगंजमंडी विधायक चंद्रकांता मेघवाल, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रहलाद पंवार, पूर्व महापौर सुमन शृंगी, भाजपा के महामंत्री अरविंद सिसौदिया समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि भी उनसे मिलने पहुंचे। शाम को उम्मेद क्लब में हुए कार्यक्रम में क्लब के उपाध्यक्ष आरडी मीणा, महासचिव तरुमीत सिंह बेदी, सचिव लोकेंद्र सिंह राजावत आदि ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। यहां पहुंचे कोटा विवि के कुलपति प्रो. पीके दशोरा ने कहा कि चीता का आज के अखबार में लाल चौक पर तिरंगा फहराने वाला बयान पढ़ा। मुझे लगा कि चीता जैसे जवान हैं तो तिरंगा रावलपिंडी और बीजिंग में भी फहराया जा सकता है, लाल चौक तो अपना ही है। आरडी मीणा ने कहा कि चीता के पिता मेरे पुराने परिचित है। वे चीता को प्रशासनिक अधिकारी बनाना चाहते थे, लेकिन उनकी शुरू से ही फौज में जाने की इच्छा थी। महासचिव बेदी ने उन्हें तलवार भेंट की। यहां चीता के साथ उनकी पत्नी उमा सिंह व पिता रामगोपाल चीता का भी सम्मान किया गया। चाचा कुंदन चीता, भाई प्रवीण चीता आदि भी यहां मौजूद थे। इससे पहले दोपहर में उन्होंने अपने दोस्तों के साथ समय बिताया।

    वीरों के नाम 501 यूनिट रक्तदान
    फिल्म निर्माता व समाजसेवी सरोश खान की ओर से आयोजित ‘बूंद-बूंद वीरों के नाम’ रक्तदान शिविर में कोटा के बाशिंदों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। संयोजक जाकिर रिजवी के अनुसार शिविर में 501 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ। इसका उपयोग सैनिकों और उनके परिजनों के लिए किया जाएगा। जिंदगी की जंग जीतने वाले सीआरपीएफ कमांडेंट चेतन चीता कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि रक्तदान जीवनदान है। इस बात का अहसास हमें तब होता है, जब हमारा कोई अपना खून के लिए जिंदगी और मौत के बीच जूझता है।

    तब पत्नी ने कहा-आप आर्मी छोड़ दो

    मीडिया से बातचीत में चेतन चीता ने कहा कि एक वक्त ऐसा भी आया, जब मेरी वाइफ ने मुझे कह दिया कि आप आर्मी छोड़ दो। चीता के मुताबिक, एक जगह मेरी पोस्टिंग थी तो मुझे सूचना दी गई कि पहाड़ी पर किसी का मूवमेंट दिख रहा है। मैंने पत्नी को कहा कि आप घर जाओ और किसी भी स्थिति में गेट मत खोलना। कोई आए तो छिप जाना। उस दिन ऑपरेशन के बाद जब मैं घर लौटा तो पत्नी ने कहा कि अब आप यह जॉब छोड़ दो। फिर मैंने उसे तसल्ली से समझाया और बताया कि यूनिफॉर्म एक जॉब नहीं बल्कि जज्बा है। बांदीपोरा ऑपरेशन के बारे में बताते हुए चेतन ने कहा कि मैं वहां पहुंचा तो हमारे एक अफसर के पेट में गोली लगी हुई थी, कुछ सैनिक शहीद हो गए थे। तीन तरफ से फायरिंग हो रही थी। मैंने मोर्चा लिया और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। उन्हें न्यूट्रिलाइज किया और इसके बाद जो कुछ हुआ, वह आपके सामने है।

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