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डॉक्टर्स हड़ताल: दिनभर हुए परेशान, फिर मरीजों को ले गए प्राइवेट अस्पताल

डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त, आज से काम पर लौटेंगे। 10 दिन चली हड़ताल के बाद हालात सामान्य होने में लगेगा समय

Dainik Bhaskar

Dec 28, 2017, 07:13 AM IST
kota city patients in problem due to doctors strike

कोटा. जयपुर में हुई वार्ता के बाद बुधवार रात सेवारत चिकित्सकों व रेजीडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल समाप्त करने का ऐलान कर दिया। सभी डॉक्टर गुरुवार से ड्यूटी पर आ जाएंगे। इस हड़ताल की वजह से कोटा में जो काम प्रभावित हुआ है, उसे पटरी पर आने में करीब 20 दिन लगेंगे।

- असल में 10 दिन चली हड़ताल की वजह से कोटा मेडिकल कॉलेज के तीनों अस्पतालों में करीब 600 ऑपरेशन टाले जा चुके हैं। इनमें से बमुश्किल 200 पेशेंट्स के प्राइवेट में जाने का अनुमान है, शेष पेशेंट सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त होने का इंतजार कर रहे हैं।

- कुछ मरीज तो अस्पताल में ही भर्ती हैं और कुछ डिस्चार्ज कराकर घर चले गए हैं। एमबीएस व न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में विधिवत ऑपरेशन 1 जनवरी से ही शुरू हो पाएंगे, क्योंकि हड़ताल व दिसंबर एंड की वजह से दोनों जगह ऑपरेशन थिएटरों में मेंटीनेंस व रिनोवेशन काम चल रहा है। एक-दो दिन में यह काम पूरा हो जाएगा और फ्यूमीगेशन के बाद ऑपरेशन थिएटर शुरू हो सकेंगे।

- डॉक्टरों ने बताया कि जनवरी में ऑर्थोपेडिक व सर्जरी विभागों को दोगुनी ताकत से काम करना पड़ेगा, तब कहीं जाकर टाले गए ऑपरेशन कवर हो सकेंगे।


10 दिन से बंद हैं ऑपरेशन थिएटर
- 10 दिन से हड़ताल की वजह से अस्पतालों में सिर्फ इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर में काम हो रहा है, रूटीन व प्लांड ऑपरेशन वाले सभी ऑपरेशन थिएटर बंद पड़े हैं। तीनों अस्पतालों में औसत 50 से 60 प्लांड सर्जरी रोज होती थी, जो नहीं हो पा रही थी।

ईएसआई अस्पताल से भी डिस्चार्ज किए मरीज

बुधवार को भी हड़ताल की वजह से मरीज दिनभर परेशान हुए। ईएसआई अस्पताल तो पूरा खाली हो गया, यहां से सभी मरीज डिस्चार्ज कर दिए। वहीं, एमबीएस अस्पताल से मरीजों को प्राइवेट हॉस्पिटल ले जाने का सिलसिला चलता रहा। तीन दिन से एमबीएस अस्पताल में भर्ती रामतलाई के कन्हैयालाल (50) ने बताया कि घर पर ही पट्टी गिर गई थी, जिससे चोट लगी है। दो दिन से यहां भर्ती हूं, कोई संभालने वाला नहीं है। कन्हैयालाल को परिजन दोपहर में प्राइवेट हॉस्पिटल में ले गए।

भर्ती तो दूर, संतोषजनक जवाब भी नहीं मिला
- इसी तरह माला रोड के सोम प्रकाश मित्तल (95) को लाए परिजनों ने भी हड़ताल को लेकर नाराजगी जताई। उनके बेटे ने बताया कि पिता के कैथेटर डला है, जो लीक हो रहा है, कमर में भी दर्द है। यही दिखाने आए थे, लेकिन भर्ती करना तो दूर कोई संतोषजनक जवाब देने वाला भी नहीं मिला। अब प्राइवेट में ले जा रहे हैं।

- वहीं अंता की नफीसा को लाए फैय्याज ने बताया कि उसके सिर में चोट है, एमबीएस अस्पताल में उम्मीद लेकर आए थे, लेकिन अब प्राइवेट में ले जा रहे हैं। ऐसे दर्जनों लोग थे, जो अपने पेशेंट को प्राइवेट अस्पतालों में ले गए।

- उधर, सेवारत डॉक्टरों के समर्थन में बुधवार को आरएमसीटीए के आह्वान पर मेडिकल टीचर्स ने भी काली पट्टी बांधकर काम किया। आउटडोर में सभी सीनियर डॉक्टर काली पट्टी बांधे हुए थे।

एमबीएस व नए अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर में चल रहा काम अंतिम चरण में है। एक-दो दिन में काम पूरा हो जाएगा और फ्यूमीगेशन के बाद ओटी शुरू कर देंगे। थोड़े दिन काम का लोड तो रहेगा ही।
- डॉ. एससी दुलारा, विभागाध्यक्ष, निश्चेतना विभाग

यह बात सही है कि अगले 15-20 दिन तक वर्कलोड रहेगा। कई पेशेंट पुराने अभी भी एडमिट चल रहे हैं। जैसे ही ओटी चालू किए जाएंगे, पूरी क्षमता से काम करेंगे।
- डॉ. आरएस मीणा, विभागाध्यक्ष, सर्जरी विभाग

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