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सीनियर आईएएस ने ली कोचिंग संस्थानों की मीटिंग, एक भी संचालक नहीं पहुंचा

सुसाइड होने पर अपना पल्ला झाड़कर हॉस्टलों पर जिम्मेदारी डाल देते हैं कोचिंग संस्थान : जैन

Danik Bhaskar | Jan 17, 2018, 06:16 AM IST

कोटा. 13 दिन में 3 कोचिंग स्टूडेंट्स के सुसाइड के बाद सरकारी सिस्टम सक्रिय हो गया है। प्रशासन का पूरा जोर स्टूडेंट्स को तनावमुक्त माहौल देने पर है। जिला प्रशासन की ओर से हॉस्टल संचालकों की मीटिंग के अगले ही दिन मंगलवार को नेशनल हैल्थ मिशन के एमडी सीनियर आईएएस नवीन जैन ने कोचिंग संस्थानों की मीटिंग ली। उन्होंने कहा कि तनाव में रहने वाला बच्चा काउंसलर के पास नहीं जाएगा। काउंसलर्स को ही स्क्रीनिंग कर ऐसे बच्चों तक पहुंचना होगा और फॉलोअप भी करना होगा।


वहीं, जिम्मेदारी उठाने की जगह कोचिंग संस्थान तनाव की पूरी जिम्मेदारी हॉस्टल संचालकों पर डालते हुए खुद बचने की कोशिश करते हैं। कोचिंग और हॉस्टल के लिंक को मजबूत करने से ही कोटा स्ट्रेस फ्री बनेगा। जैन इस मीटिंग को लेकर इतने गंभीर थे कि परिचय के समय वह एक-एक व्यक्ति की प्रोफाइल को ध्यान से सुन रहे थे। एक कोचिंग के प्रतिनिधि के रूप में कंप्यूटर ऑपरेटर को भेजा गया था। जैसे ही उसने परिचय दिया तो जैन बेहद नाराज हुए और उसको मीटिंग से निकल जाने को कहा।

सेकंड लाइन के कोचिंग प्रतिनिधि भी नहीं पहुंचे मीटिंग में

मीटिंग में कोचिंग के डायरेक्टर नदारद रहे। वहीं, सेकंड लाइन का स्टाफ भी नहीं आया। अधिकांश ने मात्र टीचिंग फैकल्टी, एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ और काउंसलर्स को भेज दिया। जैन ने कहा कि कोचिंग संस्थान इस मीटिंग को लेकर गंभीर नहीं हैं। उन्होंने कुछ कोचिंग का नाम भी नोट किया।

इन सवालों पर छाई चुप्पी
1. सुसाइड करने वाले स्टूडेंट्स काफी समय से कोचिंग नहीं आ रहे थे, संस्थानों ने फॉलोअप क्यों नहीं लिया?
2. हॉस्टल संचालक स्टूडेंट्स के साथ फन एक्टीविटी का अायोजन क्यों नहीं करते?
3. सिर्फ टॉप रैंकर्स पर फोकस करके मार्केटिंग की जाती है, सभी पर फोकस क्यों नहीं किया जाता?
4. सुसाइड के मामलों को कोचिंग का कोई कंसर्न रहता है या नहीं?

उदाहरण से समझाया कितना अकेलापन महसूस करते हैं बच्चे
जैन ने अपना उदाहरण देते हुए बताया कि उनका भतीजा कोटा के एक हॉस्टल में रहता था। उसके जन्मदिन पर वह केक लेकर उसके हॉस्टल पहुंचे। भतीजे का कमरा तीसरे फ्लोर पर था। वहां पहुंचने पर वहां मौजूद एक लड़के से अपने भतीजे के बारे में पूछा। उस लड़के ने कहा कि वह उनके भतीजे को नहीं जानता। इसके बाद जैन जब अपने भतीजे के रूम में पहुंचे और केक कटिंग के लिए पास के रूम के लड़कों को बुलाने के लिए कहा तो उनके भतीजे ने कहा कि वह भी नहीं जानता पास के कमरे में कौन रहता है।