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8 माह के बच्चे के सीटी स्कैन की फिल्म में दिख रहा था लकवा, रिपोर्ट में बता दिया नॉर्मल

Bhaskar News | Last Modified - Dec 31, 2017, 04:29 AM IST

तलवंडी स्थित सुधा अस्पताल का मामला, परिजनों ने जवाहर नगर थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट, वॉकर से गिरने से सिर में लगी चोट
8 माह के बच्चे के सीटी स्कैन की फिल्म में दिख रहा था लकवा, रिपोर्ट में बता दिया नॉर्मल

कोटा. तलवंडी स्थित निजी हॉस्पिटल में एक मरीज की सीटी स्कैन की रिपोर्टिंग में गंभीर लापरवाही सामने आई है। आठ माह के बच्चे की सीटी स्कैन की फिल्म देख न्यूरोलॉजिस्ट ने बच्चे को हल्का लकवा बताकर इलाज शुरू कर दिया। बाद में जब रेडियोलॉजिस्ट ने सीटी स्कैन की रिपोर्ट दी तो उसमें सबकुछ नॉर्मल लिख दिया। इसे देख न्यूरोलॉजिस्ट हैरान हो गए और उन्हें रेडियोलॉजिस्ट को सलाह दी कि रिपोर्ट को दोबारा चैक किया जाए, क्योंकि फिल्म में कुछ और दिख रहा है। मामले को लेकर पीड़ित पक्ष ने जवाहर नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।


नेहरू नगर निवासी यूसुफ कुरैशी ने बताया कि छोटे भाई शब्बीर का 8 माह का बच्चा कामिल घर पर ही वॉकर से गिर गया था। इसके बाद बच्चे का एक हाथ नहीं उठ रहा था। बच्चे को तलवंडी स्थित सुधा हॉस्पिटल में न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. अमित देव को दिखाया। डॉक्टर की सलाह पर वहीं सीटी स्कैन कराया। सीटी स्कैन की फिल्म के आधार पर डॉ. देव ने बताया कि बच्चे के सिर में चोट है, हल्का लकवा है। उसकी एक नस बंद हुई है, लेकिन दवाइयों से ठीक हो जाएगी। उन्होंने बच्चे का ट्रीटमेंट भी शुरू कर दिया। उसी दिन शाम को हमें रिपोर्ट दी गई, लेकिन डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने पर अगले दिन 29 दिसंबर को रिपोर्ट दिखाई।

रिपोर्ट की खारिज
इस रिपोर्ट के हिसाब से बच्चे को कोई चोट नहीं थी और सबकुछ नॉर्मल था। इस रिपोर्ट को देख खुद डॉ. अमित देव भी हैरान थे, उन्होंने दोबारा फिल्म देखी और उस रिपोर्ट को खारिज करते हुए उसी पर लिख दिया-किसने रिपोर्ट दी है? इसे दोबारा चैक किया जाए, क्योंकि फिल्म में इनफाक्ट दिख रहा है।

अस्पताल के डॉ. अग्रवाल ने कहा- हमारे यहां तो ऐसा होता रहता है

यूसुफ ने बताया कि शनिवार को हम अस्पताल के निदेशक डॉ. आरके अग्रवाल मिले तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि हमारे यहां तो ऐसा होता रहता है। जबकि यह गंभीर लापरवाही थी। हमने उनसे कहा कि उन रेडियोलॉजिस्ट को बुलाएं, जिन्होंने रिपोर्ट जारी की। इस पर उन्होंने कहा कि रेडियोलॉजिस्ट डॉ. गिरीश खंडेलवाल छुट्टी पर हैं। जब अस्पताल प्रशासन का कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो जवाहर नगर थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा दिया है, यदि पुलिस भी कोई कार्रवाई नहीं करेगी तो कोर्ट जाएंगे। यूसुफ के मुताबिक, यदि इस रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर बच्चे का इलाज करते तो जान को खतरा हो जाता।

भास्कर नॉलेज : लापरवाही पर ऐसे ले सकते हैं एक्शन
डाॅक्टर या अस्पताल द्वारा इलाज में लापरवाही करने पर पीड़ित मरीज या उसके परिजन इसके खिलाफ चार तरह से एक्शन ले सकते हैं। एमसीआई को शिकायत कर सकते हैं, राज्य सरकार के चिकित्सा मंत्रालय को शिकायत कर सकते हैं, कोर्ट में जा सकते हैं तथा पुलिस में एफआईआर दर्ज करवा सकते हैं।


बच्चे के ट्रीटमेंट पर कोई असर नहीं हुआ, क्योंकि फिल्म देखकर मैंने उसका इलाज शुरू कर दिया था। दो-तीन दिन के इलाज से बच्चे की स्थिति में सुधार है और वह जल्दी ठीक हो जाएगा। रिपोर्ट में कैसे नॉर्मल लिखा गया, यह मेरे भी समझ नहीं आया।

- डॉ. अमित देव, न्यूरोलॉजिस्ट


प्रिंटिंग मिस्टेक की वजह से ऐसा हुआ है। बच्चे के मामूली दिक्कत थी, जिसका इलाज हमारे डॉक्टर ने कर दिया। उसके परिजनों को भी मैंने सारी बात समझा दी थी। वे तो सिर्फ हंगामा करना चाह रहे थे।

-डॉ. आरके अग्रवाल, निदेशक, सुधा हॉस्पिटल

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Web Title: 8 maah ke bchche ke siti skain ki film mein dikh raha thaa lkvaa, riport mein btaa diyaa norml
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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