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7 थाना क्षेत्रों में रहा गैंग का मूवमेंट, कोटा से ही खरीदी थी दोनों बाइक

वारदात से 1 माह पहले कोटा आ गई थी 27 किलो सोना लूटने वाली गैंग

Bhaskar News | Last Modified - Jan 28, 2018, 06:15 AM IST

7 थाना क्षेत्रों में रहा गैंग का मूवमेंट, कोटा से ही खरीदी थी दोनों बाइक

कोटा. 27 किलो सोना लूटने वाले डकैत वारदात से करीब 1 माह पहले ही कोटा आ गए थे। इस दौरान वे कोटा के अलग-अलग इलाकों में किराए पर मकान लेकर रुके। गोल्ड लोन देने वाली कंपनी की रैकी की, फर्जी दस्तावेजों से बाइक, सिम व मोबाइल खरीदे। 1 माह के दौरान डकैतों का मूवमेंट ज्यादातर 7 थाना क्षेत्रों में रहा, लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। गिरोह ने शहर की कई गोल्ड लोन कंपनियों की रैकी की और फरार होने के लिए ऐसे रास्ते भी स्पॉट किए जहां पुलिस की कम से कम मौजूदगी रहती है। बदमाशों ने कोटा से ही बाइक इसलिए खरीदी ताकि वो पुलिस की नजर में आने से बचे रहें।


बदमाशों ने पुलिस के खुफिया तंत्र, स्पेशल पुलिस टीम, इंटेलिजेंस एजेंसियों और एसओजी की नजर में आए बिना इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि हम गिरफ्तारी की हर कोशिश कर रहे हैं। बदमाश इतने शातिर हैं कि हर बार उनसे एक कदम आगे नजर आ रहे हैं। अब तक की जांच के आधार पर ये लगभग तय हो चुका है कि बिहार की गैंग ने ही ये वारदात की है। इस वारदात में 4 से ज्यादा बदमाश भी शामिल हो सकते हैं।

प्लान बदलने में माहिर
बदमाश प्रोफेशनल अंदाज में वारदात कर गए। वो प्लान बदलने में माहिर है, जो अपने रास्ते कभी भी बदल सकते हैं। बदमाशों ने इस वारदात में भी ऐसा ही किया। पुलिस जहां नाकाबंदी करती है, वहां से तो वो गुजरे ही नहीं।

बोरखेड़ा/उद्योग नगर थाना

बदमाशों ने पुलिस के बीट कांस्टेबलों की कमजोर पकड़ का फायदा उठाया। वो यहां कई दिन तक रुके रहे। बदमाशों ने एक कॉलोनी में मकान किराए से लिया और वहीं लूट की प्लानिंग बनाई। मकान सुनसान इलाके में था ताकि किसी को उन पर शक न हो। मकान किराए से देने वाले ने भी कोई जिम्मेदारी नहीं समझी, यहां तक कि वारदात के बाद भी उसने पुलिस को जानकारी देना जरूरी नहीं समझा।

अनंतपुरा थाना

इस थाना क्षेत्र के एक इलाके को बदमाशों ने करीब 25 दिन पहले सॉफ्ट टारगेट बनाया। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बदमाशों ने यहां से दो बाइक खरीद ली। संभवतया बदमाशों ने स्टूडेंट बनकर बाइक खरीदी। बाइक देने वाले व्यापारियों ने भी उनकी कोई पड़ताल करना जरूरी नहीं समझा, क्योंकि उनको तो सिर्फ अपनी कमाई से मतलब था। पुलिस बाइक बेचने वाले ऐसे 5 से ज्यादा व्यापारियों को थाने बुलाकर पूछताछ कर रही है।

नयापुरा/गुमानपुरा थाना

कहने को तो सीआई और डीएसपी गोल्ड लोन कंपनी के ऑफिस से सिर्फ 161 कदम दूर ही बैठते हैं, लेकिन बगल में क्या चल रहा है? इसका उनको पता नहीं चल पाया। बदमाशों ने पुलिस की इस कमजोरी को भांप लिया। यहां से बदमाश 27 किलो सोना लूटकर चले गए और पुलिस अफसर हाथ मलते रह गए। पूरी गैंग जेल रोड, अंटाघर चौराहा, जेडीबी काॅलेज, गुमानपुरा स्टील ब्रीज, थेगड़ा पुलिया से होते हुए आसानी से फरार हो गई।

जवाहर/महावीर नगर थाना

इन दो इलाकों में कोचिंग छात्र बड़ी संख्या में रहते हैं। बदमाश यहां पर कई दिनों तक आसानी से छात्र बनकर घूमे और पुलिस की नाकाबंदी, गश्ती और मुखबिर तंत्र को पूरी तरह फेल कर दिया। बदमाश क्या इन इलाकों में भी रहे? इसकी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस यह भी तलाशने का प्रयास कर रही है कि बदमाशों को यहां के किसी बदमाश या व्यक्ति से कोई लोकल सपोर्ट तो नहीं मिला?

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Web Title: 7 thaanaa ksetron mein raha gaainga ka muvmeint, kotaa se hi kharidi thi donon byke
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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