--Advertisement--

सुविधा और सुरक्षा के सिर्फ दावे; स्टूडेंट्स हॉस्टल में आ रहे हैं या नहीं, वार्डनों को परवाह तक नहीं

सुसाइड से 3 दिन पहले ही रजिस्टर में एंट्री बंद कर दी थी कोचिंग स्टूडेंट ने

Dainik Bhaskar

Dec 10, 2017, 06:46 AM IST
kota hostels reality check by dainik bhaskar

कोटा. मेडिकल एंट्रेंस की तैयारी कर रहे लखनऊ के 20 वर्षीय अब्दुल्ला अजीज ने पिछले दिनों हॉस्टल में सुसाइड कर लिया था। उसने सुसाइड से तीन दिन पहले ही कमरे से निकलना बंद कर दिया था और तीन दिन तक उसका शव कमरे में लटका रहा। इसके बावजूद हॉस्टल वार्डन या किसी स्टाफ ने कमरे को खुलवाते हुए अब्दुल्ला की स्थिति चेक करने की कोशिश तक नहीं की।

- इस खबर के बाद भास्कर ने कोटा के हॉस्टलों में सुरक्षा व सुविधा जांचने के लिए रियलिटी चेक किया।

- इस दौरान रिपोर्टर ने एक दर्जन हॉस्टलों की व्यवस्था जांची। ज्यादातर जगह खराब स्थिति मिली और सुरक्षा व सुविधा के दावे खोखले साबित हुए।


नहीं हो रही बायोमैट्रिक्स अटेंडेंस

रिपोर्टर ने इस दौरान देखा कि हॉस्टल्स में न तो बायोमैट्रिक्स अटेंडेंस ली जा रही है और न ही सभी स्टूडेंट्स के आने व जाने का समय का ध्यान रखा जा रहा है। हॉस्टल्स के कमरे इतने छोटे हैं कि वहां तीन व्यक्ति भी आराम से खड़े तक नहीं हो पाते। मोहिनी रेजीडेंसी के रजिस्टर को चैक किया तो पता चला कि अब्दुल्ला ने दो दिसंबर के बाद रजिस्टर में एंट्री ही नहीं की। सात दिसंबर को शव कमरे में मिला। दूसरी बड़ी बात यह है कि उसका कमरा ठीक मैस के पास ग्राउंड फ्लोर पर ही था। वहीं से अन्य स्टूडेंट्स व हॉस्टल स्टॉफ गुजरता था।

#रिपोर्टर को दस हॉस्टल में मिली अव्यवस्थाएं, इन 5 उदाहरणों से समझें

मोहिनी रेजीडेंसी : 55 में से 10 स्टूडेंट्स की ही रजिस्टर में रोज एंट्री

राजीव गांधी नगर के इस हॉस्टल में अब्दुल्ला रहता था। भास्कर टीम ने यहां पहुंचकर सबसे पहले बायोमैट्रिक्स अटेंडेंस के बारे में पूछा, तो पता चला कि बच्चों के आने-जाने का टाइम रजिस्टर में नोट किया जाता है। इस हॉस्टल में 55 स्टूडेंट्स रहते हैं, लेकिन रोज मात्र आठ से दस स्टूडेंट्स ही रजिस्टर में एंट्री करते हैं। यहां आग बुझाने के यंत्र भी पर्याप्त नहीं है।

हर्षा रेजीडेंसी : कागज पर एंट्री, सीसीटीवी भी खराब
राजीव गांधी नगर के ही इस एक अन्य हॉस्टल में भी बायोमैट्रिक्स अटेंडेंस की व्यवस्था नहीं थी। मात्र कागज पर ही एंट्री की जाती है। यहां मौजूद वार्डन से जब रजिस्टर के बारे में पूछा तो एक कागज उसने जेब से निकाला, जिस पर मात्र बच्चों के नाम लिखे हुए थे। यहां के सीसीटीवी कैमरे एक्टिव नहीं थे। रिपोर्टर करीब 20 मिनट तक हॉस्टल में आराम से घूमा, बच्चों से बात की। इस दौरान उसे किसी ने नहीं टोका।

विजयदीप रेजीडेंसी : वार्डन नहीं, सिर्फ एक गार्ड के भरोसे सुरक्षा
विश्वकर्मा नगर के इस हॉस्टल में वार्डन नहीं है। सिक्योरिटी के लिए मात्र एक गार्ड है, लेकिन वो भी मौके पर नहीं मिला। भास्कर टीम सीधे फर्स्ट फ्लोर पर पहुंची और बच्चों के कमरे का दरवाजा खटखटाया। तब बच्चों ने बताया कि यहां आने व जाने की एंट्री तक नहीं की जाती। आग बुझाने के यंत्र भी यहां नजर नहीं आए।

बीवीआर हॉस्टल : नाइट अटेंडेंस का ध्यान नहीं
यह हॉस्टल भी राजीव गांधी नगर में है। यहां भी बायोमैट्रिक्स अटेंडेंस की व्यवस्था नहीं थी। कमरे भी बेहद छोटे हैं। अटेंडेंस रजिस्टर मेनटेन नहीं था और नाइट अटेंडेंस पर किसी का ध्यान नहीं था। रजिस्टर में सभी स्टूडेंट्स की एंट्री नहीं थी। इंजार्च जगदीश यादव ने बताया कि सीसीटीवी से ही मॉनिटरिंग की जाती है। यहां बच्चे के आने व जाने की जानकारी पेरेंट्स को एसएमएस से देने की सुविधा भी नहीं थी।

दशमेश रेजीडेंसी : छोटे कमरों में क्रॉस वेंटिलेशन नहीं

राजीव गांधी नगर के ही इस हॉस्टल के कमरे बेहद ही छोटे थे। क्रॉस वेंटिलेशन की व्यवस्था नहीं थी। सीसीटीवी कैमरों की वर्किंग भी संतोषप्रद नहीं मिली। रजिस्टर में ही एंट्री हो रही थी। छह दिसंबर के बाद किसी भी छात्र की एंट्री रजिस्टर में नजर नहीं आई। बायोमैट्रिक्स अटेंडेंस की व्यवस्था यहां भी नजर नहीं आई।

76% स्टूडेंट्स सिक्योरिटी से असंतुष्ट
भास्कर ने हॉस्टल में मौजूद बच्चों से बात करके पांच सवाल पूछे। 76 प्रतिशत स्टूडेंट्स सिक्योरिटी से संतुष्ट नहीं मिले। हॉस्टल में मिलने वाली सुविधाओं से 62 प्रतिशत स्टूडेंट्स खुश नहीं थे। भास्कर ने आईआईटी और मेडिकल डिवीजन के करीब 150 बच्चों से बात की। सवालों के बाद ये तथ्य सामने आए भास्कर के सर्वे में...

मोहिनी रेजीडेंसी के मालिक को नोटिस जारी करके व्यवस्थाओं में सुधार के लिए पाबंद किया जाएगा। जहां जहां बायोमैट्रिक्स अटेंडेंस नहीं है, उन लोगों से फिर बात की जाएगी।

-नवीन मित्तल, अध्यक्ष, हॉस्टल एसोसिएशन

kota hostels reality check by dainik bhaskar
kota hostels reality check by dainik bhaskar
अब्दुल्ला के कमरे तक पहुंचा रिपोर्टर और वहां की स्थिति चेक की। (इनसेट) हॉस्टल के रजिस्टर में अब्दुल्ला की एंट्री। अब्दुल्ला के कमरे तक पहुंचा रिपोर्टर और वहां की स्थिति चेक की। (इनसेट) हॉस्टल के रजिस्टर में अब्दुल्ला की एंट्री।
X
kota hostels reality check by dainik bhaskar
kota hostels reality check by dainik bhaskar
kota hostels reality check by dainik bhaskar
अब्दुल्ला के कमरे तक पहुंचा रिपोर्टर और वहां की स्थिति चेक की। (इनसेट) हॉस्टल के रजिस्टर में अब्दुल्ला की एंट्री।अब्दुल्ला के कमरे तक पहुंचा रिपोर्टर और वहां की स्थिति चेक की। (इनसेट) हॉस्टल के रजिस्टर में अब्दुल्ला की एंट्री।
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..