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दिव्य मुहूर्त: 14 साल बाद बसंत पंचमी पर लक्ष्मी-रवि का योग

इससे पहले 2004 में बना था यह संयोग, मंदिरों में होंगे भजन, कीर्तन व अन्य अनुष्ठान

Bhaskar News | Last Modified - Jan 17, 2018, 06:33 AM IST

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    कोटा. 22 जनवरी शुल्क पक्ष सोमवार को बसंत पंचमी का महापर्व मनाया जाएगा। सोमवार उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र का संयोग इससे पहले 2004 में बना था। 14 साल बाद बसंत पंचमी पर लक्ष्मी एवं रवि योग का दिव्य मुहूर्त बन रहा है। इस दिन अबूझ सवा होने से शादी ब्याह होंगे। मंदिरों में धार्मिक आयोजन भी होंगे। 2008 में भी सोमवार को बसंत पंचमी थी। इस बार पूरे समय रवि योग का संयोग रहेगा।

    ज्योतिषाचार्य अमित जैन ने बताया कि इस दिन मां सरस्वती का प्राकट्य होने से उनकी जगह-जगह पूजा होगी। बसंत पंचमी को श्री पंचमी भी कहा जाता है। इस दिन कौमुदी उत्सव मनाया जाता है। सोमवार को पंचम तिथि का संयोग विद्या व बुद्धि के लिए लाभकारी रहेगा। इस दिन सरसों की कटाई भी शुरू हो जाती है और मौसम में बदलाव होने लगता है। इस दिन पीले वस्त्र पहनने और पीले खाद्य पदार्थ खाने का महत्व है।

    अबूझ सावा होने से शादियों की धूम

    मकर संक्रांति से सावे एवं मंगलकारी कार्य शुरू हो जाते हैं, लेकिन इस बार शुक्र ग्रह अस्त होने कारण से सावे शुरू नहीं हो पाए हैं। 6 फरवरी को शुक्र ग्रह उदय होंगे। इसके बाद सावे शुरू होंगे। ज्योतिष ग्रंथों के अनुसार तारा अस्त में मांगलिक कार्य वर्जित पाया था, लेकिन अबूझ मुहूर्त होने पर सभी मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं। अबूझ मुहूर्त के पीछे मान्यता है कि भगवान स्वयं इस दिन वर-वधु काे आशीर्वाद देने आते हैं। इस साल अधिक मास होने सावे कम रहेंगे। वर्ष के अंत तक कुल 43 सावे हैं।

    मंदिरों में बदलेगी पोशाक

    बसंत ऋतु शुरू होते ही ठाकुर जी के मंदिरों में पोशाक बदल जाती है। हीटर, अंगीठी बंद होने के साथ-साथ रजाई भी हटा ली जाती है। बसंत पंचमी से शयन और खानपान के समय भी बदलाव होता है। मंदिरों में भजन, कीर्तन, अनुष्ठान के कार्यक्रम भी होंगे। स्वयं सिद्धि योग होने से सावे, गृह प्रवेश, खरीद फरोख्त भी लाभकारी रहेगा।


    गुप्त नवरात्र 18 से 26 तक

    शक्ति उपासना का महापर्व नवरात्र गुरुवार से प्रारंभ होंगे। गुप्त नवरात्र में दुर्गा पाठ, रामायण, हवन, रुद्राभिषेक आदि गुप्त अनुष्ठान मंदिरों में होंगे। 20 को गौरी तृतीया, 21 को विनायक चतुर्थी, 22 को बसंत पंचमी, 23 को शीतल छठ, 24 नर्मदा जयंती, 25 को भीमाष्टमी व 26 को महानंदा नवमी पर गुप्त नवरात्र का समापन होगा।

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Web Title: Lakshmi Ravi Yog On Basant Panchami
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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