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मंच से नाम नहीं लिया तो मर्यादा भूल गए MLA, कर्मचारी से कहा- थप्पड़ मार दूंगा

भास्कर ने पूछा तो बोले-कर्मचारी ने गलती की थी, मैंने तो उसे सिर्फ हिदायत दी है

Danik Bhaskar | Dec 17, 2017, 03:50 AM IST

कोटा. राजस्थान सरकार के 4 साल के कार्यकाल के अवसर पर शनिवार को नयापुरा स्टेडियम में लगे रोजगार शिविर के उद्घाटन के मौके पर विधायक भवानी सिंह राजावत मर्यादा भूल गए। मंच संचालन कर रहे नेहरू युवा केंद्र के यूथ मोटिवेटर नरेश निगम ने अतिथियों के स्वागत के दौरान राजावत का नाम नहीं लिया तो वे आग-बबूला हो गए।

- उन्होंने निगम को इशारे से बुलाया और पूछा कि तुम मुझे नहीं जानते क्या? मैं कौन हूं? तुम्हें नहीं दिख रहा क्या? मेरा नाम क्यों नहीं लिया, थप्पड़ मार दूंगा।

- वो इतने तैश में आ गए कि उन्हें ये भी ध्यान रहा कि सार्वजनिक रूप से कैसा व्यवहार करना चाहिए।

- यह सुनकर निगम के साथ आसपास मौजूद लोग भी चौंक गए। बाद में निगम ने राजावत से हाथ जोड़कर माफी मांगी और मामला रफा-दफा किया।

यूं हुआ मामला

- नयापुरा स्टेडियम में सरकार की चौथी वर्षगांठ के दौरान आयोजित समारोह के दौरान लगे रोजगार शिविर में प्रभारी मंत्री प्रभुलाल सैनी मंच पर दीप प्रज्ज्वलन कर रहे थे।

- कार्यक्रम का संचालन कर रहे यूथ मोटीवेटर नरेश निगम ने प्रभारी मंत्री प्रभुलाल सैनी, विधायक हीरालाल नागर, प्रहलाद गुंजल और महापौर महेश विजय का नाम मंच से संबोधित किया।

- उन्होंने मंच से विधायक गुंजल और महापौर विजय के नाम दो-दो बार बोले, लेकिन जब विधायक राजावत का नाम एक बार भी अनाउंस नहीं हुआ तो वो गुस्सा हो गए।

- राजावत ने मंच के डायस से खड़े निगम को इशारे से बुलाया। निगम उनके पास पहुंचे तो राजावत ने उन्हें फटकारा फिर थप्पड़ मारने की धमकी दे डाली।

मैंने उन्हें देखा नहीं था, गलती हो गई : निगम
- भास्कर से बातचीत के दौरान नरेश निगम ने कहा कि मेरे से गलती हो गई थी। मैंने उन्हें देखा नहीं। मैं विधायक राजावत का नाम लेने वाला ही था। विधायक पीछे थे इसलिए नजर नहीं आए। थप्पड़ मारने की बात पर कहा कि वो बड़े हैं। मुझे ध्यान रखना चाहिए था। गलती हो गई। मैंने हाथ जोड़ माफी मांग ली है।

#राजावत से सीधी बात
उसने सभी का नाम लिया मेरा कैसे भूल गया

Q. जनप्रतिनिधि होने के नाते ऐसी बात कहना सही है क्या?
A.
मंच संचालक सभी अतिथियों का नाम ले रहा था, मैं भी समारोह मौजूद था। उसे मैं नजर नहीं आया क्या। मैंने उसे फटकारा।

Q. आपने इस तरह बुलाकर थप्पड़ मारने की धमकी क्यों दी?
A.
क्या करता, उसे बुलवाया और हिदायत दी। उसने गलती की है। उसे ध्यान रखना चाहिए। मैंने भी हिदायत देते हुए माफ कर दिया। (थप्पड़ के बारे में पूछा तो हंसते हुए कहा कि ऐसा नहीं है...।)