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नौ महीने में बने 43 हजार चालान, फिर भी कोटा के 80 फीसदी लोग नहीं लगाते हेलमेट

जयपुर व जोधपुर के बाद कोटा में हैं सबसे ज्यादा लापरवाह दुपहिया वाहन चालक, केवल 8-10 जगहों पर ही चालान बनाती है पुलिस

Danik Bhaskar | Dec 28, 2017, 06:59 AM IST

कोटा. शहर में हर साल दोपहिया वाहनों के सड़क हादसों में 100 से ज्यादा जान जाती हैं। इनमें से 70 फीसदी मौत का कारण सिर की चोट होती है। यानी ज्यादातर लोगों ने हादसे के समय हेलमेट नहीं लगाया था। फिर भी कोटा के लोग लापरवाही बरतते हुए हेलमेट नहीं लगाते हैं। पिछले 9 महीने में कोटा शहर में बिना हेलमेट पहने 43 हजार दोपहिया सवारों के चालान बने हैं।


सात संभाग मुख्यालय के शहरों जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, भरतपुर, उदयपुर, अजमेर व कोटा में हुए चालान के आंकड़ों से इस बात का खुलासा हुआ है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ मैनेजमेंट रिसर्च यूनिवर्सिटी भी कह चुकी है कि कोटा में 80 फीसदी लोग हेलमेट से परहेज करते हैं। पुलिस के चालान के आंकड़े बता रहे हैं कि कोटा में 9 महीने में 43 हजार चालान बने हैं, जबकि कोटा शहर में 8 से 10 स्थानों पर ही पुलिस चालान बनाती है।

जयपुर में कोटा से चार गुना ज्यादा जनसंख्या है और यहां से 10 गुना जगहों पर पुलिस चालान बनाती है। इसी प्रकार जोधपुर की जनसंख्या तीन गुना है और 40 स्थानों पर पुलिस हेलमेट के चालान बनाती है। वहीं, जयपुर में 75417, जोधपुर में 46325, बीकानेर में 41859, भरतपुर में 10822, अजमेर में 7209, उदयपुर में 10634 हेलमेट के चालान बने हैं।

एक्सपर्ट व्यू : हेलमेट होता तो बच सकती थीं 60 जान
अस्पताल में आने वाले हादसों का सर्वे किया था, इसमें से 83 फीसदी ऐसे लोग निकले, जो तेज स्पीड में वाहन चला रहे थे। हादसों में घायल 70 फीसदी लोगों ने हेलमेट नहीं पहना हुआ था। इसमें से 5 फीसदी लोगों की ऑन स्पॉट डेथ हो गई थी और 12 फीसदी लोगों की अस्पताल में मौत हुई। अधिकतर लोग गंभीर रूप से घायल हुए और उनका लंबा इलाज तक चला और कुछेक काेमा में गए। इसमें अगर हेलमेट लगा होता तो 70 फीसदी यानी करीब 11 महीने में 60 से अधिक जान बचाई जा सकती थीं।
- डॉ. एसएन गौतम, न्यूरो सर्जन

हैंडल पर लटकाकर चलाते हैं वाहन
कोटा में कई बार समझाइश की थी, लेकिन यहां के लोग मानते ही नहीं है। वे हेलमेट को वाहन के हैंडल पर टांक कर चलते हैं। चौराहे पर पुलिस दिख जाए तो सिर पर लगा लेते हैं। कोटा में हर साल 100 से ज्यादा मौतें होती हैं, इसमें से 70 फीसदी लोगों की मौत सिर की चोट से होती है। इन लोगों ने हेलमेट नहीं पहने होता है। लोग लापरवाही बंद कर दें तो 70 फीसदी लोगों की जान बच सकती है।
- श्योराजमल मीणा, डीएसपी