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ओडीएफ का काम अधूरा, नतीजा- इस बार भी सर्वे में पिछड़ेगा कोटा

4 जनवरी से शुरू होना है सफाई सर्वेक्षण, पिछली बार कोटा की थी 341 रैंक। जिन 3 कार्यों पर 85 फीसदी अंक मिलने हैं, वही अभी

Dainik Bhaskar

Dec 16, 2017, 07:29 AM IST
ODF work incomplete in kota city

कोटा. केंद्रीय शहरी एवं विकास मंत्रालय का स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान कोटा में 4 जनवरी से सर्वे शुरू होगा। सर्वे शुरू होने में मात्र 19 दिन का समय शेष रह गया है, लेकिन नगर निगम की तैयारी अभी तक भी पूरी नहीं हुई। जिन 6 बिंदुओं पर सर्वे होना है उनमें से प्रमुख 2 बिंदुओं पर अभी 30 प्रतिशत काम करना बाकी है, जबकि 1 बिंदु पर तो निगम ने अभी काम करना शुरू ही किया गया है। 3 बिंदुओं पर ठीक-ठीक काम हो रहा है। यानि सर्वे के लिए जिन तीन बिंदुओं पर 85 प्रतिशत अंक मिलने हैं उनमें अभी भी निगम की 40 प्रतिशत से अधिक तैयारी अधूरी है। यानी इस बार भी कोटा की सफाई रैंकिंग ज्यादा बेहतर रहने की उम्मीद नहीं है। पिछले बार कोटा की रैंक 341 थी।


जिनमें कम अंक मिलने हैं उन्हीं में ठीक चल रहा काम
कुल अंकों में से 85 प्रतिशत अंकों वाले तीनों प्रमुख कार्य के अलावा 3 और कार्य हैं। जिनके 15 प्रतिशत अंक मिलेंगे। इनमें स्वच्छता अभियान का प्रचार-प्रसार, कम्युनिकेशन व इनोवेशन के 5-5 प्रतिशत अंक मिलेंगे।

ओडीएफ : अभी 31 वार्ड में 6 हजार घरों में टॉयलेट बनाने बाकी
शहर को खुले में शौच से मुक्ति दिलानी थी। इसके लिए जिन घरों में टॉयलेट नहीं हैं, उनके यहां टॉयलेट बनाए जाने हैं। निगम ने सर्वे करवाया तो शहर के 65 वार्डों में 13 हजार से अधिक परिवार ऐसे मिले जिनके यहां टॉयलेट नहीं थे। इनके घरों पर टॉयलेट बनवाने के लिए निगम ने प्रत्येक परिवार को 15 हजार रुपए दिए। कुछ टॉयलेट ठेकेदारों के माध्यम से बनवाए, लेकिन अभी तक भी करीब 6 हजार टॉयलेट बनना बाकी है। अभी तक 34 वार्ड ही ओडीएफ हो पाए हैं।

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट : सर्वे में 19 दिन बाकी, अब टेंडर प्रक्रिया शुरू हुई
शहर का कचरा नांता स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड पर डंप किया जाता है। एनजीटी सहित सरकार तक आदेश दे चुकी है कि कचरे का वर्गीकरण करें और उसका उपयोग किसी भी रूप में करें। निगम ने दो बार टेंडर किए। कचरे से बिजली बनाने और प्लास्टिक से सड़क बनाने के लिए बाहर की कंपनियां आई। बिजली बनाने वाली कंपनी के लिए दो बार प्रयास किए, लेकिन कंपनियों ने अपर्याप्त कचरा बताते हुए काम शुरू करने से हाथ खड़े कर दिए। अब तीसरी बार टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है।

संसाधन आ गए, चलाने के लिए ड्राइवर व सफाई कर्मी का इंतजार

नगर निगम ने स्वच्छ भारत मिशन के फंड से डोर टु डोर सफाई के लिए 70 नए वाहन खरीदे हैं। ये वाहन करीब एक हफ्ते से गैराज में खड़े हैं। इनको चलाने के लिए प्रत्येक वाहन पर 1 ड्राइवर और 2 सफाईकर्मी की जरूरत है। लेकिन अभी निगम के पास इतने कर्मचारी नहीं हैं। वार्ड में पार्षद इन वाहनों का इंतजार कर रहे हैं।

डोर-टु-डोर कचरा संग्रहण : अभी सिर्फ 23 वार्ड में ही वर्कऑर्डर हुए

शहर में डोर-टु-डोर कचरा संग्रहण की व्यवस्था लागू होनी थी। जिसमें निगम के सफाई कर्मचारी कॉलोनियों व मोहल्लों में जाकर घर से कचरा लेंगे। इसके लिए अभी तक 50 प्रतिशत काम भी पूरा नहीं हुआ। शहर में 65 वार्ड हैं, लेकिन अभी तक मात्र 23 वार्डों के लिए ही टेंडर कर वर्कऑर्डर जारी किए गए हैं। 42 वार्डों में डोर-टु-डोर कचरा संग्रहण शुरू नहीं हो सका है। इसके लिए टेंडर किए गए हैं, लेकिन वो फाइनल नहीं हो सके हैं।

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