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ऑपरेशन के इंतजार में है 5 साल का बेटा, मां हाथ जोड़कर बोली- डॉक्टर साहब, काम पर आ जाओ

10 दिन से ऑपरेशन के इंतजार में है 5 साल का कमल, मां हाथ जोड़कर बोली-डॉक्टर साब, काम पर आ जाओ

Bhaskar News | Last Modified - Dec 27, 2017, 06:03 AM IST

  • ऑपरेशन के इंतजार में है 5 साल का बेटा, मां हाथ जोड़कर बोली- डॉक्टर साहब, काम पर आ जाओ
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    फूल देकर कहा-हड़ताल पर गए डॉक्टरों को बुलाओ

    कोटा. सा’ब 10 दिन हो गए। मेरे बेटे के दोनों पैर टूटे हुए हैं। शुरू में ही डॉक्टरों ने कह दिया था कि ऑपरेशन होगा, लेकिन कब होगा, यह कोई नहीं बता रहा? आप ही बताइए, किससे पूछें? यह पीड़ा शंभूपुरा की मंजू बाई की है, जो 5 साल के बेटे कमल के साथ 10 दिन से एमबीएस अस्पताल के ऑर्थोपेडिक वार्ड में है। कमल के दोनों पैरों में प्लास्टर बंधा है। बैठाते समय मंजू को पूरे समय उसकी पीठ को सहारा देना पड़ता है। उसे यह चोट घर पर ही गिर जाने से लगी। मंजू को लगा कि भास्कर रिपोर्टर उसकी कुछ मदद कर सकता है, इसलिए वो हाथ जोड़ते हुए बोलीं-साहब आप कुछ कीजिए। मां को देख बेटा भी हाथ जोड़ने लगा।


    2 घंटे प्राइवेट भी बंद, सरकारी में भारी भीड़
    हड़ताल के दौरान सुबह 9 से 11 बजे तक कोटा के प्राइवेट हॉस्पिटलों में भी ओपीडी सेवाएं बंद रखी जा रही हैं। इससे सुबह के समय सरकारी अस्पतालों के आउटडोर में भारी भीड़ उमड़ रही है। एमबीएस के आउटडोर में मंगलवार सुबह 10 बजे पैर रखने की जगह नहीं थी। ऐसी ही स्थिति जेकेलोन अस्पताल के शिशु रोग विभाग के आउटडोर की थी। यहां मौजूद असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. गोपी किशन शर्मा व डॉ. मनीष बोहरा के पास लंबी कतारें लगी थी। लाइनें ओपीडी कक्ष से अस्पताल के मेन गेट तक आई हुई थी।

    पैर में डाली गई रॉड निकलवाने के इंतजार में है रामबिलास

    इसी वार्ड में बापू कॉलोनी कुन्हाड़ी के शिवराज सिंह (65), झाड़गांव के रामबिलास (30) बारां के संजय (35) भी कई दिनों से भर्ती हैं। इन सभी के ऑपरेशन होने हैं, जो रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल से अटके हैं। शिवराज को रोड एक्सीडेंट से पैर, सिर व सीने में चोट है। रामबिलास के पैर में डाली गई रॉड निकालनी है। इसी तरह संजय का भी एक्सीडेंट में पैर फ्रेक्चर है। इस हड़ताल का सबसे ज्यादा असर ही सर्जरी व ऑर्थोपेडिक विभाग के वार्डों में दिख रहा है, क्योंकि एक हफ्ते से ऑपरेशन ठप हैं। सिर्फ इमरजेंसी सर्जरी हो पा रही है।

    मेडिकल टीचर्स ने किया कार्य बहिष्कार का ऐलान, जयपुर में वार्ता शुरू हुई तो बोले-काली पट्टी बांधकर दर्ज कराएंगे विरोध

    सेवारत चिकित्सकों व रेजीडेंट डॉक्टरों के बाद अब मेडिकल कॉलेज के सीनियर डॉक्टर्स (मेडिकल टीचर्स) भी इनके समर्थन में आ गए हैं। कोटा में राजस्थान मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन की मंगलवार दोपहर में हुई बैठक के बाद बुधवार से 2 घंटे कार्य बहिष्कार का ऐलान कर दिया गया। आनन-फानन में प्रिंसिपल डॉ. गिरीश वर्मा ने सभी विभागाध्यक्षों की बैठक बुलाई और इमरजेंसी सेवाओं को लेकर ड्यूटियां भी लगा दी। हालांकि देर रात फिर से आरएमसीटीए की कोर कमेटी बैठक हुई, जिसमें दोपहर में हुए निर्णय को बदलते हुए तय किया गया कि फिलहाल कार्य बहिष्कार नहीं करेंगे, बल्कि विरोध स्वरूप काली पट्टी बांधकर काम करेंगे।

    कई डॉक्टरों ने किया ज्वाइन

    हाईकोर्ट की सख्ती के बाद ग्रामीण क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों में कोटा में कई सेवारत चिकित्सकों ने मंगलवार को ज्वाइन किया। हालांकि शहर के अस्पतालों में हालात यथावत बताए जा रहे हैं।

    पूरे राज्य में जताएंगे विरोध : रावत

    मेडिकल कॉलेज आरएमसीटीए के अध्यक्ष डॉ. आरपी रावत ने बताया कि दोपहर में पूरे राज्य के मेडिकल कॉलेज टीचर्स ने यही तय किया था कि बुधवार से 2 घंटे कार्य बहिष्कार रखेंगे, लेकिन रात में सरकार ने सेवारत चिकित्सकों से वार्ता शुरू कर दी, ऐसे में पूरे राज्य में ही यह तय किया गया कि फिलहाल काली पट्टी बांधकर काम करेंगे।

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Web Title: Patients Waiting Doctors Due To Strike
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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