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शहर को 30 दमकलों की जरूरत, 13 के भरोसे शहर की सुरक्षा कर रही फायर ब्रिगेड

डीएलबी डायरेक्टर ने दिया दमकलों को दुरुस्त रखने का आदेश।

Bhaskar News | Last Modified - Jan 18, 2018, 05:05 AM IST

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    कोटा. स्वायत्त शासन विभाग के डायरेक्टर ने आदेश दे रखे हैं कि सभी दमकलों और फायर उपकरणों को हर हाल में दुरुस्त रखा जाए। बुधवार को भास्कर ने फायर ब्रिगेड का रियलिटी चेक किया तो पता चला कि कोटा शहर का फायर डिपार्टमेंट केवल 13 दमकलों और संविदा के चालकों के भरोसे चल रहा है। कोटा शहर की आबादी लगभग 15 लाख है। आबादी के अनुसार कम से कम 30 दमकलें होनी चाहिए, लेकिन कोटा में वर्किंग कंडीशन में मात्र 13 दमकलें ही हैं।

    हालत ये है कि श्रीनाथपुरम फायर स्टेशन पर 3 दमकलें ऐसी हैं जो पिछले 2 से 4 वर्षों से खराब पड़ी हैं। इन्हें ठीक करवाने की फाइल निगम ने ठंडे बस्ते में डाल रखी है। वहीं, सब्जीमंडी फायर स्टेशन पर खड़ी चालू दमकलों में से एक दमकल का चेचिस पूरा जर्जर हो रहा है। वहां जो 5 दमकलें खड़ी थी उनमें से भी किसी पर सीढ़ी नहीं थी। उनकी सीढ़ियां स्टोर रूम में पड़ी थी। हालांकि, वहां पर कर्मचारियों को आपात स्थिति में फंसे लोगों को उतारने की ट्रेनिंग जरूर दी जा रही थी।


    हमारे पास जो साधन और संसाधन उपलब्ध हैं, उसका बेहतर उपयोग कर शहर की अग्नि दुर्घटनाओं पर काबू पाया जा रहा है। नई दमकलों व कुछ उपकरणों के लिए हमने प्रस्ताव भेज रखा है। इसके बाद अग्निशमन बेड़ा और अधिक सशक्त हो जाएगा।

    - संजय शर्मा, सीएफओ

    लाइव रिपोर्ट : भास्कर पहुंचा तो स्टोर से निकली सीढ़ियां

    भास्कर रिपोर्टर सब्जीमंडी फायर स्टेशन पहुंचा तो वहां 5 दमकलें खड़ी थीं। उनमें से 4 दमकलों की सीढ़ियां स्टोर रूम में रखी थीं। एक छोटी दमकल पर सीढ़ी रखी हुई थी, लेकिन उसका चेचिस जर्जर हो रहा था। उसे आपात स्थिति में ही काम में लिया जाता है, क्योंकि वो ज्यादा दूर नहीं जा सकती। रिपोर्टर ने फोटो लेना शुरू किया तो वहां हड़कंप मच गया और सीढ़ियों को दमकलों पर चढ़ाया गया।

    3 दमकलें कबाड़ हो गई
    नगर निगम के किशोरपुरा गैराज में तीन दमकलें पिछले 5 साल से अधिक समय से खड़ी-खड़ी कबाड़ हो गई। इनकी नीलामी की जानी है, लेकिन 5 वर्षों में भी नीलामी नहीं की जा सकी।


    वर्षों से मरम्मत का इंतजार
    श्रीनाथपुरम फायर स्टेशन पर तीन दमकलें खराब हैं। आरजे-20- 2889 का पंप 4 साल से खराब है। इसका खर्च 7-8 लाख रुपए है जिसकी फाइल निगम में पड़ी है। आरजे-20-2121 दमकल 2 साल से इंजन की मरम्मत के इंतजार में खड़ी है। आरजे-20-0031 नंबर की दमकल डेढ़ साल से दुर्घटनाग्रस्त होकर खड़ी है।

    ये है परेशानी
    - दमकलों का संचालन फायर अनुभाग करता है और मरम्मत गैराज अनुभाग करता है। ऐसे में मरम्मत की फाइल गैराज अनुभाग के अधिकारियों के पास जाती है। वहां बजट और या अन्य वजह से इन पर ध्यान ही नहीं दिया जाता है।
    - फायर अनुभाग में चालकों की भर्ती नहीं होने से ये पद रिक्त चल रहे हैं। काम चलाने के लिए 30 चालक ठेके पर ले रखे हैं। उनके भरोसे ही दमकलों को चलाया जा रहा है।

    अब ट्रेनिंग दी जा रही

    जयपुर की घटना के बाद स्वायत्त शासन विभाग ने जब सभी को चुस्त-दुरुस्त रखने के आदेश दिए तब बुधवार को सब्जीमंडी फायर स्टेशन पर सीएफओ संजय शर्मा व एएफओ अमजद खान द्वारा फायरमैन को ट्रेनिंग दी जा रही थी।

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